
#बानो #संदिग्धमृत्युघटना : पांगुर गांव के जंगल में 45 वर्षीय शेखर सिंह का शव सखुआ पेड़ से झूलता मिला—परिजन सदमे में, पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी।
- पांगुर गांव, बिंतुका पंचायत के जंगल में 45 वर्षीय शेखर सिंह का शव पेड़ से झूलता मिला।
- गिर्दा ओपी पुलिस को सोमवार सुबह गुमशुदगी की सूचना दी गई थी।
- रविवार रात से लापता थे, परिजनों ने रातभर खोजबीन की लेकिन सुराग नहीं मिला।
- पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा, फिर पोस्टमार्टम के लिए सिमडेगा भेजा।
- प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का, लेकिन कारणों को लेकर पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
- पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया—गांव में शोक और तनाव का माहौल।
बानो थाना क्षेत्र के गिर्दा ओपी अंतर्गत पांगुर गांव में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई जब जंगल में एक सखुआ पेड़ से युवक का शव लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान 45 वर्षीय शेखर सिंह, निवासी पांगुर, के रूप में हुई है। रविवार रात से ही शेखर लापता थे, और परिजन रातभर खोजते रहे पर कोई पता नहीं चला। सुबह गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद तलाश शुरू हुई और दोपहर करीब दो बजे जंगल में शव मिलने की पुष्टि हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कानूनी प्रक्रिया के तहत पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। घटना प्रथम दृष्टया आत्महत्या प्रतीत होती है, लेकिन पुलिस जांच में किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही है।
लापता होने से शव मिलने तक की पूरी घटनाक्रम
परिजनों के अनुसार रविवार रात लगभग नियमित समय पर शेखर सिंह घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे।
परिवारजनों ने पड़ोस और गांव के आसपास तत्काल खोज शुरू कर दी। रातभर हर संभव स्थान पर खोजबीन के बावजूद शेखर का कोई सुराग नहीं मिला।
सोमवार सुबह परिजनों ने गिर्दा ओपी पहुंचकर गुमशुदगी की लिखित जानकारी दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत खोज अभियान शुरू किया। दोपहर लगभग 2 बजे, पुलिस टीम को पांगुर जंगल के भीतर एक सखुआ पेड़ से झूलता शव दिखाई दिया।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम प्रक्रिया
सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। शव की पहचान होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई शुरू की गई।
गिर्दा ओपी के एक अधिकारी ने कहा: “सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे। शव को सुरक्षित तरीके से नीचे उतार कर पंचनामा किया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामला संदेहास्पद है, इसलिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।”
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिमडेगा भेजा, जहां मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में घटना आत्महत्या का मामला लग रही है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार मृतक का व्यवहार सामान्य था, इसलिए वे भी हैरान हैं कि ऐसा कदम क्यों उठाया गया।
परिजनों और गांव में शोक का माहौल
शेखर सिंह की आकस्मिक मृत्यु से गांव में शोक और आक्रोश का वातावरण है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि शेखर शांत स्वभाव के इंसान थे और किसी से कोई विवाद नहीं था।
पांगुर गांव में इस तरह जंगल में शव मिलने की घटना पहली बार सामने आई है, जिसके कारण स्थानीय लोगों में भय और संदेह दोनों हैं।
पुलिस जांच में जुटी—सभी एंगल पर विचार
हालांकि प्रथम दृष्टया घटना आत्महत्या जैसी प्रतीत हो रही है, लेकिन पुलिस किसी भी आशंका को अनदेखा नहीं कर रही।
जांच में निम्न बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है:
- क्या मृतक किसी मानसिक तनाव से गुजर रहा था?
- क्या घटना से पहले कोई विवाद या तनाव की स्थिति थी?
- क्या रात के समय किसी के साथ झगड़ा हुआ था?
- शव के आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि या निशान?
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर मौत के सही कारणों की पुष्टि होगी। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पृष्ठभूमि स्पष्ट हो सके।
जंगल में शव मिलने के बाद क्षेत्र में बढ़ी सतर्कता
जंगल के भीतर शव मिलने की सूचना के बाद पूरे इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने का निर्देश दिया गया है।
पांगुर क्षेत्र में शाम के समय आवाजाही अब पहले की तुलना में कम देखी जा रही है, क्योंकि लोग अभी भी इस घटना के सदमे में हैं।
न्यूज़ देखो: संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की जरूरत
यह घटना बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लापता मामलों को तुरंत गंभीरता से लेना बेहद आवश्यक है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से शव मिल गया, लेकिन यह सवाल पैदा होता है कि ऐसी परिस्थितियाँ क्यों बनती हैं। प्रशासन, परिवार और समाज—तीनों को मिलकर मानसिक स्वास्थ्य, तनाव और ग्रामीण सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना होगा।







