
#गिरिडीह #प्रवासी_मजदूर : साढ़े तीन माह बाद शव पहुंचा, परिवार ने मांगा न्याय।
गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड निवासी प्रवासी मजदूर विजय कुमार महतो का पार्थिव शरीर सऊदी अरब में गोली लगने से मृत्यु के करीब साढ़े तीन माह बाद रांची पहुंचा। शव को फिलहाल रिम्स में रखा गया है, जहां परिजन अंतिम प्रक्रिया की तैयारी में हैं। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिवार ने आर्थिक सहायता और न्याय की मांग को लेकर डुमरी अनुमंडल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने धरना को समर्थन देते हुए सरकार से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।
- विजय कुमार महतो, ग्राम दूधपनिया, मधगोपाली पंचायत के निवासी थे।
- सऊदी अरब में गोली लगने से मृत्यु, साढ़े तीन माह बाद शव रांची पहुंचा।
- शव फिलहाल रिम्स रांची में रखा गया है।
- डुमरी अनुमंडल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू।
- झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन और आजसू नेताओं ने दिया समर्थन।
गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड अंतर्गत मधगोपाली पंचायत के ग्राम दूधपनिया निवासी प्रवासी मजदूर विजय कुमार महतो की सऊदी अरब में गोली लगने से मौत हो गई थी। करीब साढ़े तीन माह बाद उनका पार्थिव शरीर रांची पहुंचा, जिसे फिलहाल रिम्स में रखा गया है। लंबे इंतजार के बाद शव पहुंचने से परिवार में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।
परिजनों ने राज्य सरकार से आर्थिक सहायता, मुआवजा और न्याय की मांग की है। इसी मांग को लेकर डुमरी अनुमंडल परिसर में शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
परिवार की मांग और धरना प्रदर्शन
विजय महतो के परिजनों का कहना है कि परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा वही थे। उनकी असमय मृत्यु से परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। इसलिए राज्य सरकार को तत्काल राहत पैकेज और मुआवजा देना चाहिए।
धरना स्थल पर ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और विदेश में कार्यरत श्रमिकों के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
वक्ताओं ने कहा: “पीड़ित परिवार को शीघ्र उचित मुआवजा और न्याय मिलना चाहिए। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।”
नेताओं और संगठनों का समर्थन
धरना को समर्थन देने पहुंचे गंगाधर महतो, केंद्रीय अध्यक्ष, झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
यशोदा देवी, आजसू केंद्रीय महासचिव ने भी सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। विधायक प्रतिनिधि रामप्रसाद महतो और समाजसेवी मोहन महतो सहित कई गणमान्य ग्रामीण धरना में उपस्थित रहे और पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता जताई।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर विदेशों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार की तलाश में विदेश जाने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए स्पष्ट नीति होनी चाहिए।
डुमरी अनुमंडल परिसर में जारी यह धरना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की ओर से अब तक औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
न्यूज़ देखो: प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और सरकारी जिम्मेदारी
विजय महतो की मौत केवल एक दुखद घटना नहीं, बल्कि प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न है। जब राज्य के युवा रोजगार के लिए विदेश जाते हैं, तो उनकी सुरक्षा और संकट की स्थिति में परिवार को त्वरित सहायता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। मुआवजा और न्याय केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि भरोसे का प्रश्न भी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
न्याय और संवेदनशीलता ही सच्ची जिम्मेदारी
प्रवासी मजदूर हमारे समाज की मेहनतकश रीढ़ हैं।
उनकी सुरक्षा और उनके परिवारों का भविष्य सुरक्षित करना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
जरूरी है कि प्रशासन त्वरित कार्रवाई करे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।
आप भी अपनी आवाज उठाएं, खबर को साझा करें और प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों के समर्थन में खड़े हों।
संवेदनशील समाज ही मजबूत समाज की पहचान है।


