बेलवार–कदमटोला को जोड़ने वाली पुल वर्षों से ध्वस्त, ग्रामीणों का सफर जानलेवा

बेलवार–कदमटोला को जोड़ने वाली पुल वर्षों से ध्वस्त, ग्रामीणों का सफर जानलेवा

author Ramprawesh Gupta
30 Views Download E-Paper (20)
#महुआडांड़ #ग्रामीण_संकट : सरई टोला–कदमटोला के बीच टूटी पुल से रोज जान जोखिम में डालकर गुजर रहे ग्रामीण, वर्षों से मरम्मत की नहीं हुई पहल
  • महुआडांड़ प्रखंड के सोहर पंचायत के बेलवार–सरई टोला और कदमटोला को जोड़ने वाली पुल वर्षों से ध्वस्त पड़ी है।
  • टूटी पुल से बच्चे, मरीज, किसान और ग्रामीण रोजाना जोखिम उठाकर गुजरने को मजबूर।
  • बरसात में पुल क्षेत्र में तेज बहाव से रास्ता पूरी तरह डूब जाता है, हादसे का खतरा दोगुना।
  • ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन केवल आश्वासन मिला।
  • नाराज ग्रामीणों ने अब स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह से तुरंत नई पुल निर्माण की मांग की।

महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत सोहर पंचायत के बेलवार गांव स्थित सरई टोला और कदमटोला को जोड़ने वाली पुल पिछले कई वर्षों से पूरी तरह टूट चुकी है। यह पुल दोनों गांवों के सैकड़ों लोगों के लिए जीवन रेखा थी, लेकिन अब इसकी हालत इतनी खराब है कि ग्रामीण इसे पार करते समय अपनी जान हथेली पर लेकर चलते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की मरम्मत या नए निर्माण के लिए वर्षों से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।

टूटी पुल, जोखिम भरा रोजमर्रा का सफर

ग्रामीणों ने बताया कि इसी पुल से छोटे बच्चे रोजाना स्कूल जाते हैं, मरीज अस्पताल ले जाए जाते हैं और किसान अपनी उपज बाजार तक पहुंचाते हैं। पुल ध्वस्त होने के बाद भी लोग मजबूरी में खतरनाक रास्ते से गुजरते हैं। कई बार लोग फिसले और घायल भी हुए हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े हादसे की खबर नहीं आई है।

एक ग्रामीण ने कहा: “हम रोज जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए सबसे ज्यादा खतरा है। फिर भी प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जाती।”

बरसात में सबसे भयावह स्थिति

बारिश के दिनों में स्थिति बेहद खराब हो जाती है। पुल के आसपास पानी का तेज बहाव रास्ते को पूरी तरह डुबो देता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को पानी में संतुलन बनाते हुए पार करना पड़ता है और कई बार ग्रामीणों को घंटों इंतजार करना पड़ता है कि पानी कम हो।

प्रशासन से कई बार गुहार, फिर भी सिर्फ आश्वासन

ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से वे इस समस्या को लेकर अधिकारियों को लिखित और मौखिक दोनों रूप में शिकायत कर चुके हैं। हर बार उन्हें आश्वासन तो दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं दिखाई दी। इससे ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है।

विधायक से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

ग्रामीणों ने अब स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह से जल्द से जल्द टूटी पुल का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल के अभाव में उनकी रोजमर्रा की जिंदगी संकट में है और समय पर निर्माण न होने से बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि इस बार भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

न्यूज़ देखो: बेलवार–कदमटोला की पुल समस्या में प्रशासनिक लापरवाही उजागर

इस घटना से साफ है कि ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढाँचे पर ध्यान न देने का नुकसान सीधे लोगों की सुरक्षा और आजीविका पर होता है। पुल जैसे आवश्यक ढाँचों का वर्षों तक ध्वस्त रहना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों को अब तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सुरक्षित आवागमन और विकास की मांग

ग्रामीणों की यह आवाज हमें याद दिलाती है कि विकास सिर्फ घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने से होता है। पुल का निर्माण केवल आवागमन नहीं, बल्कि बच्चों, किसानों और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। आइए इस समस्या को गंभीरता से लें—अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और प्रशासन तक ग्रामीणों की आवाज पहुँचाने में सहयोग करें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

महुवाडांड, लातेहार

🔔

Notification Preferences

error: