
#बरवाडीह #सड़क_समस्या : 18 वर्षों से उपेक्षित सड़क ने ग्रामीणों का जीवन किया मुश्किल।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत छिपादोहर पंचायत की एक प्रमुख संपर्क सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। वर्ष 2007 में कालीकरण के बाद अब तक मरम्मत नहीं होने से सड़क खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है। इस मार्ग से रोज हजारों ग्रामीण आवागमन करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने सांसद और विधायक से शीघ्र निर्माण की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है।
- छिपादोहर मेन रोड से शंकर परिया तक की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त।
- वर्ष 2007 में हुआ था कालीकरण, अब सड़क गड्ढों में तब्दील।
- 10 से अधिक गांवों की मुख्य आवाजाही इसी मार्ग से।
- महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित।
- ग्रामीणों ने सांसद कालीचरण सिंह और विधायक रामचंद्र सिंह को सौंपा आवेदन।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत पंचायत छिपादोहर में छिपादोहर मेन रोड से गम्हरिया स्कूल होते हुए शंकर परिया घर तक जाने वाली सड़क की हालत बेहद चिंताजनक हो गई है। यह सड़क वर्ष 2007 में कालीकरण की गई थी, लेकिन इसके बाद कभी भी इसका समुचित रखरखाव नहीं हुआ। वर्तमान स्थिति यह है कि सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन चुके हैं, कई स्थानों पर गिट्टी और पत्थर बाहर निकल आए हैं, जिससे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की रीढ़ है। इसी रास्ते से लोग छिपादोहर पोस्ट ऑफिस, बैंक, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, थाना, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और बाजार तक पहुंचते हैं। प्रतिदिन हजारों लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र, मजदूर और नौकरीपेशा लोग शामिल हैं।
दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार सड़क की खराब हालत के कारण अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी भयावह हो जाती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क जानलेवा साबित हो रही है, जबकि पैदल चलने वालों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई लोग ट्रेन और बस पकड़ने के लिए मजबूरी में इसी सड़क से पैदल गुजरते हैं। अंधेरे में सड़क पर पड़े पत्थर और गड्ढे दुर्घटना को न्योता देते हैं।
आदिवासी बहुल क्षेत्र में बढ़ी परेशानियां
यह क्षेत्र आदिम जनजाति, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग बहुल इलाका है। सड़क की बदहाली ने यहां के लोगों की दैनिक जीवनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। विशेष रूप से महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग और बच्चे सबसे अधिक परेशान हैं। गर्भवती महिलाओं और मरीजों को अस्पताल ले जाने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास योजनाओं की बातें तो होती हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सांसद और विधायक को सौंपा ज्ञापन
छिपादोहर के ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर चतरा लोकसभा सांसद कालीचरण सिंह और मणिका विधानसभा के विधायक रामचंद्र सिंह से सड़क निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा 100 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर युक्त आवेदन सांसद और विधायक को सौंपा गया है, जिसमें जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की अपील की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इन ग्रामीणों ने उठाई आवाज
सड़क निर्माण की मांग करने वालों में प्रमुख रूप से मुन्ना कुमार गुप्ता, सत्यनारायण साहू, डॉ. सुनील कुमार, विजय यादव, राजेंद्र राम, पवन गुप्ता, संजय सिन्हा, महेश्वर सिंह, प्रमिला देवी, उमेश परहिया, सरिता देवी, अजय परहिया, शकुंती देवी, वार्ड सदस्य मीना देवी, सुरेश यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं। सभी ने एक स्वर में कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।

न्यूज़ देखो: बुनियादी सड़कें ही विकास की असली पहचान
यह मामला बताता है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी बुनियादी ढांचे की अनदेखी किस कदर लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। 18 साल पुरानी सड़क का पुनर्निर्माण अब आवश्यकता बन चुका है। जनप्रतिनिधियों के लिए यह अग्निपरीक्षा है कि वे ग्रामीणों की मांग पर कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सड़क नहीं तो संघर्ष तय
सड़क केवल रास्ता नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ा माध्यम है। यदि समय रहते निर्माण नहीं हुआ, तो ग्रामीणों का आक्रोश आंदोलन में बदल सकता है।
आपकी आवाज बदलाव ला सकती है। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जिम्मेदार विकास के लिए साथ खड़े हों।





