महुआडांड़ में कड़ाके की सर्दी बढ़ी, लेकिन चौक-चौराहों पर अब तक नहीं जले अलाव

महुआडांड़ में कड़ाके की सर्दी बढ़ी, लेकिन चौक-चौराहों पर अब तक नहीं जले अलाव

author Ramprawesh Gupta
31 Views Download E-Paper (13)
#महुआडांड #जनसुविधा_संकट : ठंड बढ़ने के बावजूद मुख्य चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं, आम जनता परेशान
  • महुआडांड़ मुख्यालय के किसी भी चौक-चौराहे पर अब तक अलाव नहीं।
  • बढ़ती ठंड से राहगीर, दुकानदार, मजदूर, बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित।
  • लोग बोले—हर साल समय पर अलाव मिलता था, इस बार प्रशासन नदारद
  • सुबह–रात में तापमान गिरने से बीमारियों का खतरा बढ़ा।
  • स्थानीय लोगों ने तत्काल अलाव व्यवस्था शुरू करने की मांग की।

महुआडांड़ (लातेहार)। प्रखंड मुख्यालय में ठंड लगातार बढ़ रही है और शीतलहर का असर हर दिन तेज होता दिख रहा है। इसके बावजूद महुआडांड़ प्रखंड मुख्यालय के प्रमुख चौक-चौराहों पर अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे आम लोग काफी परेशान हैं। सोमवार से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, और सुबह-रात के समय ठिठुरन असहनीय हो गई है।

राहगीरों और दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ीं

ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित वे लोग हैं जो सुबह-सुबह काम पर निकलते हैं या देर रात तक दुकान चलाते हैं। प्रखंड मुख्यालय के बस स्टैंड, बाजार चौक, थाना मोड़ और पंचायत भवन के आसपास किसी भी स्थान पर अलाव नहीं जलने से लोगों को खुले में ठंड का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों ने बताया कि ठंड बढ़ने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई पहल नहीं की गई।

एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि “हर साल दिसंबर की शुरुआत में अलाव की व्यवस्था कर दी जाती थी, लेकिन इस वर्ष अब तक एक भी चौक पर अलाव नहीं देखा गया है। सुबह और रात को ठंड बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिससे बैठना भी मुश्किल हो जाता है।”

गरीब और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित

प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र में रहने वाले गरीब तबके के मजदूर, रिक्शा चालक और बुजुर्ग इस ठंड में सबसे अधिक परेशान हैं। इनके पास ठंड से बचने के लिए पर्याप्त साधन नहीं होते, ऐसे में अलाव ही उनकी बड़ी राहत बनता है।
लेकिन अलाव नहीं होने से कई लोग सड़क किनारे ठंड में कांपते दिखाई दे रहे हैं।

स्वास्थ्य पर बढ़ रहा खतरा

लगातार गिरते तापमान और अलाव के अभाव का असर अब स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। बुजुर्गों और बच्चों में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायतें बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द व्यवस्था नहीं की तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने प्रखंड प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था कराई जाए। लोगों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में शीतलहर का असर तेज हो रहा है, ऐसे में प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लानी चाहिए।

न्यूज़ देखो : प्रशासनिक लापरवाही पर उठते सवाल

महुआडांड़ जैसे ठंडे क्षेत्र में दिसंबर की शुरुआत से ही अलाव की जरूरत रहती है। लेकिन इस बार देरी स्पष्ट रूप से प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। ऐसे समय में जब गरीब और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, अलाव जैसी मूलभूत सुविधा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आइए, ठंड से राहत के प्रयासों को मजबूत करें

सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में समाज और प्रशासन दोनों को आगे आना होगा।
जरूरतमंद लोगों तक गर्म कपड़े और अलाव की व्यवस्था पहुंचाना हमारी संवेदनशीलता का हिस्सा है।
आप भी इस खबर को साझा करें, ताकि जिम्मेदार विभाग तुरंत कदम उठाए और लोगों को राहत मिल सके।
जरूर बताएं—क्या आपके इलाके में अलाव की व्यवस्था हुई है?

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

महुवाडांड, लातेहार

🔔

Notification Preferences

error: