
#जामा #धार्मिक_आयोजन : चुटोनाथ मंदिर में 1 से 24 अप्रैल तक विविध अनुष्ठानों के साथ महोत्सव आयोजित होगा।
दुमका जिले के जामा प्रखंड स्थित चुटोनाथ मंदिर में 1 से 24 अप्रैल 2026 तक चड़क पूजा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। नव युवक पूजा समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार पूरे महीने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और आयोजन होंगे। इस दौरान कई विशेष तिथियों पर पूजा, जागरण और मेला का आयोजन निर्धारित किया गया है। यह महोत्सव क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
- चुटोनाथ मंदिर, जामा प्रखंड में 1 से 24 अप्रैल 2026 तक महोत्सव आयोजित।
- नव युवक पूजा समिति ने जारी की विस्तृत कार्यक्रम रूपरेखा।
- 1 से 23 अप्रैल तक बलि पूजा बंद रखने का निर्णय।
- 8 अप्रैल को डाक आगमन, 10 अप्रैल को बाबा बेणेश्वर नगर भ्रमण।
- 14 अप्रैल को जागरण, शिव अर्चना और चड़क मेला का आयोजन।
- 15, 22 और 24 अप्रैल को विशेष पूजा एवं अनुष्ठान निर्धारित।
दुमका जिले के जामा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध चुटोनाथ मंदिर में इस वर्ष भी चड़क पूजा महोत्सव की भव्य तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। नव युवक पूजा समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 1 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए जाएंगे। इस महोत्सव में दूर-दराज से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है।
महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा जारी
नव युवक पूजा समिति ने पूरे महोत्सव की विस्तृत योजना तैयार कर सार्वजनिक की है। समिति के अनुसार, 1 अप्रैल से लेकर 23 अप्रैल तक बलि पूजा को बंद रखा जाएगा, ताकि अन्य धार्मिक अनुष्ठान शांति और श्रद्धा के साथ संपन्न हो सकें।
इस दौरान प्रतिदिन मंदिर परिसर में पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक गतिविधियां जारी रहेंगी। समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों के अनुसार कार्यक्रम में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाएं।
प्रमुख तिथियों पर विशेष आयोजन
महोत्सव के दौरान कई महत्वपूर्ण तिथियों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
8 अप्रैल को डाक आगमन होगा, जो परंपरागत रूप से महोत्सव की शुरुआत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
इसके बाद 10 अप्रैल को बाबा बेणेश्वर का आगमन और नगर भ्रमण होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह आयोजन पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना देता है।
14 अप्रैल को जागरण और चड़क मेला
महोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण 14 अप्रैल को आयोजित होने वाला रात्रि जागरण, शिव अर्चना और भक्ति कार्यक्रम है। इस दिन चड़क मेला भी लगाया जाएगा, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए श्रद्धालु भी भाग लेते हैं।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति और परंपरा को भी जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अन्य प्रमुख अनुष्ठान और पूजन
15 अप्रैल को बाबा पहाड़ ठाकुर का पूजन किया जाएगा, साथ ही इस दिन एक दिन के लिए बलि पूजा भी की जाएगी।
इसके बाद 22 अप्रैल को अष्टमंगला और स्नान कार्यक्रम आयोजित होगा, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
महोत्सव के अंतिम चरण में 24 अप्रैल को दशहरा पूजा के साथ बलि पूजा पुनः शुरू की जाएगी। यह दिन पूरे आयोजन का समापन दिवस होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहती है।
समिति की तैयारियां जोरों पर
महोत्सव को सफल बनाने के लिए नव युवक पूजा समिति के सदस्य पूरी सक्रियता के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
समिति के सदस्यों ने बताया कि आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन से भी सहयोग की अपेक्षा की जा रही है, ताकि महोत्सव शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
न्यूज़ देखो: परंपरा और आस्था का संगम, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अवसर
चुटोनाथ मंदिर का चड़क पूजा महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। हालांकि, इतने बड़े आयोजन में सुरक्षा और व्यवस्थाओं का सही संचालन भी उतना ही जरूरी है। यह देखना अहम होगा कि समिति और प्रशासन मिलकर इस आयोजन को कितना व्यवस्थित और सुरक्षित बना पाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हमारी पहचान और परंपरा को जीवित रखते हैं। ऐसे अवसर हमें एकजुट होकर अपनी जड़ों से जुड़ने का मौका देते हैं।
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