निर्माणाधीन टोरी फुट ओवरब्रिज की धीमी प्रगति पर माकपा का आरोप, कहा—रेलवे अधिकारियों की लापरवाही से रुका है विकास

निर्माणाधीन टोरी फुट ओवरब्रिज की धीमी प्रगति पर माकपा का आरोप, कहा—रेलवे अधिकारियों की लापरवाही से रुका है विकास

author Ravikant Kumar Thakur
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#चंदवा #रेलवे_विकास : माकपा नेताओं ने टोरी जंक्शन के निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज का निरीक्षण कर रेलवे अधिकारियों पर काम में देरी का गंभीर आरोप लगाया
  • टोरी एफओबी का लाइन शिफ्टिंग–ब्लॉक अब तक नहीं मिला।
  • डीआरएम निर्देश के बावजूद रेलवे अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे।
  • कार्य ठप रहने से यात्रियों को दैनिक परेशानी
  • जल्द काम शुरू न हुआ तो किसान आंदोलन की चेतावनी।

चंदवा, लातेहार। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के जिला सचिव रसीद मियां और वरिष्ठ नेता सह पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने निर्माणाधीन टोरी फुट ओवरब्रिज (FOB) की स्थिति का निरीक्षण किया। दोनों नेताओं ने बताया कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद फुट ओवरब्रिज का काम ठप पड़ा है, क्योंकि रेलवे की ओर से आवश्यक लाइन शिफ्टिंग–ब्लॉक अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। उनका कहना है कि धनबाद मंडल के डीआरएम द्वारा लाइन नंबर 5 और 7 को सिफ्ट–ब्लॉक करने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है, लेकिन स्थानीय स्तर पर संबंधित अधिकारी उस निर्देश का पालन नहीं कर रहे।

स्टेशन विकास पर असर, यात्रियों को हो रही भारी परेशानी

माकपा नेताओं ने जानकारी दी कि टोरी स्टेशन के पश्चिमी छोर पर हाई स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और शुक्रबाजार जाने–आने वाले रास्तों के लिए यह फुट ओवरब्रिज अत्यंत महत्वपूर्ण है। दिसंबर 2023 में शुरू हुआ काम शुरुआती एक वर्ष तक धीमी गति से चलता रहा, लेकिन पिछले एक वर्ष से पूरी तरह रुका हुआ है।
उनका आरोप है कि संबंधित रेलवे पदाधिकारी और गति शक्ति एजेंसी की मिलीभगत से निर्माण कार्य जानबूझकर लटकाया जा रहा है, जिसके कारण रोजाना सैकड़ों यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएँ मजबूरी में रेलवे लाइन पार कर रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है।

डीआरएम निरीक्षण के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई

नेताओं ने कहा कि जब भी डीआरएम स्टेशन का निरीक्षण करते हैं, वे यात्री सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश देते हैं। इसके बावजूद टोरी रेलखंड के अधिकारी उन आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे। माकपा नेताओं का आरोप है कि कुछ अधिकारियों का ध्यान केवल कोयला ढुलाई और राजस्व बढ़ाने पर केंद्रित है, जनता की समस्याओं से उन्हें कोई मतलब नहीं।

अयुब खान ने कहा: “डीआरएम के स्पष्ट निर्देश के बाद भी फुट ब्रिज का काम शुरू नहीं होना यह दर्शाता है कि निचले स्तर के अधिकारी आदेशों को हल्के में ले रहे हैं और इससे स्टेशन विकास बाधित हो रहा है।”

जल्द शुरू होगा आंदोलन, रेलवे प्रशासन पर जिम्मेदारी

माकपा नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आने वाले दिनों में फुट ओवरब्रिज का काम पुनः शुरू नहीं किया गया, तो संबंधित लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ बड़ा किसान आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन, विरोध या जनहानि की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना पर देरी की मार

टोरी जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण रेलवे केंद्रों पर फुट ओवरब्रिज जैसी बुनियादी सुविधाओं में देरी से आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित होती हैं। इस मामले में प्रशासनिक निष्क्रियता प्रमुख समस्या के रूप में सामने आ रही है। नियोजन और क्रियान्वयन में संतुलन न होने से ग्रामीण–कस्बाई क्षेत्रों में विकास लगातार रुकता जा रहा है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जनता की आवाज़ मजबूत हो, जिम्मेदारी तय हो

स्थानीय समस्याएँ तभी सुलझती हैं जब लोग संगठित होकर अपनी बात रखते हैं और अधिकारी अपनी जवाबदेही समझते हैं। सुरक्षित यात्रा, समय पर निर्माण और प्रभावी प्रशासन—ये सभी जन अधिकार हैं।
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Written by

चंदवा, लातेहार

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