#गिरिडीह #पेयजल_संकट : करोड़ों की योजना के बावजूद ग्रामीणों को पानी नहीं मिलने पर विरोध तेज।
गिरिडीह जिले के मोहनपुर, श्रीरामपुर और उदनाबाद पंचायत में पेयजल योजना को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। करोड़ों की लागत से बने प्लांट के बावजूद ग्रामीणों को अब तक पानी नहीं मिला है। भाकपा माले ने इसे घोटाला बताते हुए 15 अप्रैल को धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में जनआक्रोश बढ़ता दिख रहा है।
- मोहनपुर, श्रीरामपुर, उदनाबाद पंचायत के 20 गांव प्रभावित।
- करोड़ों की पेयजल योजना के बावजूद पानी नहीं मिला।
- राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय ने किया निरीक्षण।
- 15 अप्रैल को धरना-प्रदर्शन का ऐलान।
- प्लांट जर्जर और बंद मिलने का दावा।
- ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश और आंदोलन की तैयारी।
गिरिडीह जिले के तीन पंचायतों मोहनपुर, श्रीरामपुर और उदनाबाद में पेयजल संकट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पेयजल योजना के बावजूद आज तक एक भी घर को पानी की सुविधा नहीं मिल पाई है। इसको लेकर भाकपा माले ने कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन की घोषणा कर दी है।
करोड़ों की योजना पर उठे सवाल
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा उसरी नदी के पास दुखिया महादेव के सामने इंटकवेल के माध्यम से एक बड़ा पानी प्लांट स्थापित किया गया था। इस योजना का उद्देश्य तीनों पंचायतों के करीब 20 गांवों में पानी की समस्या को समाप्त करना था।
लेकिन 3-4 साल बीत जाने के बावजूद योजना धरातल पर पूरी तरह विफल नजर आ रही है। गांवों में पाइपलाइन और टंकियां तो बनीं, लेकिन पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी।
निरीक्षण में सामने आई बदहाल स्थिति
भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय ने शिकायत मिलने पर प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्लांट पूरी तरह जर्जर और बंद अवस्था में मिला।
राजेश सिन्हा ने कहा: “इस घोर लापरवाही के लिए विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार दोनों को जवाब देना होगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्लांट में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, गेट खुला था और मशीनें झाड़ियों से घिरी हुई थीं।
जनप्रतिनिधियों पर भी उठे सवाल
माले नेताओं ने इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिन प्रतिनिधियों को जनता ने चुना, वे इस समस्या से बचते रहे।
राजेश सिन्हा ने कहा: “जनता के सवालों पर खड़ा रहने का काम माले करता है, इसलिए लोगों को जनमुद्दों पर साथ आना चाहिए।”
15 अप्रैल को धरना-प्रदर्शन का ऐलान
भाकपा माले ने घोषणा की है कि 15 अप्रैल को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक प्लांट स्थल पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
कन्हाई पांडेय ने सभी ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्यों और मुखियाओं से अपील की है कि वे इस आंदोलन में शामिल हों।
कन्हाई पांडेय ने कहा: “जनता को अपने अधिकार के लिए घर से निकलकर आंदोलन में शामिल होना होगा।”
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
इस पूरे मामले में अब प्रशासन और विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में पानी की समस्या और गंभीर हो गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
बढ़ता जनआक्रोश
पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या आंदोलन से पहले समाधान निकल पाता है।
न्यूज़ देखो: योजनाएं कागज पर या जमीन पर जवाबदेही जरूरी
पेयजल जैसी जरूरी योजना का इस तरह विफल होना गंभीर चिंता का विषय है। करोड़ों खर्च होने के बावजूद यदि लोगों तक सुविधा नहीं पहुंचती, तो यह सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। अब जरूरत है कि जांच हो और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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पानी हर व्यक्ति का बुनियादी अधिकार है और इसके लिए आवाज उठाना जरूरी है। यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसी समस्याएं हैं, तो संगठित होकर समाधान की मांग करें।
जनहित के मुद्दों पर एकजुटता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है।
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