
#देवघर #नगरनिकायचुनाव : मधुपुर महिला महाविद्यालय में प्रस्तावित स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्र की सुरक्षा व व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
देवघर जिले में नगर निकाय चुनाव की तैयारियों के तहत मधुपुर नगर परिषद चुनाव को लेकर प्रशासनिक निरीक्षण किया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और पुलिस अधीक्षक सौरभ ने महिला महाविद्यालय, मधुपुर में बनाए जाने वाले स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्र का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक प्रबंधन और मतदान के बाद की प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इसका उद्देश्य निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करना रहा।
- जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसी नमन प्रियेश लकड़ा और एसपी सौरभ ने किया संयुक्त निरीक्षण।
- महिला महाविद्यालय, मधुपुर में प्रस्तावित स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्र का जायजा।
- केंद्र के भीतर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा।
- मतदान दल की रिसिविंग, टेबल व्यवस्था और एजेंट एंट्री पर विशेष निर्देश।
- मतगणना कक्ष, पार्किंग और अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्था पर फोकस।
- प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
नगर निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी और तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में मधुपुर नगर परिषद चुनाव को लेकर बनाए जाने वाले स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्र का निरीक्षण किया गया। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान के बाद से लेकर मतगणना तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो। निरीक्षण के दौरान हर उस बिंदु पर ध्यान दिया गया जो चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा है।
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान के उपरांत ईवीएम और चुनाव सामग्री की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्ट्रांग रूम में चौबीसों घंटे निगरानी, सीमित और अधिकृत प्रवेश तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मतदान दल की वापसी और रिसिविंग प्रक्रिया की समीक्षा
डीसी ने मतदान समाप्ति के बाद मतदान दल की स्ट्रांग रूम में वापसी, सुगमता से रिसिविंग प्रक्रिया, लगाए जाने वाले टेबलों की संख्या और क्रम, तथा दस्तावेजों के सत्यापन की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था न हो और सभी कर्मियों को पहले से स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपी जाए।
एजेंट एंट्री और मतगणना कक्ष की तैयारी
निरीक्षण के दौरान एजेंटों की एंट्री व्यवस्था, उनके बैठने की जगह और पहचान सत्यापन प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डीसी ने कहा कि मतगणना कक्ष में प्रवेश पूरी तरह नियमों के अनुसार होना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की शंका या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। मतगणना कक्ष के लेआउट, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की गई।
पार्किंग और बाहरी व्यवस्था पर निर्देश
मतगणना केंद्र के बाहर की व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन सतर्क दिखा। पार्किंग व्यवस्था, वाहनों की आवाजाही, भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति में निकासी मार्ग को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक सौरभ ने कहा कि बाहरी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से अंदर की प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी।
पुलिस और प्रशासनिक समन्वय पर जोर
पुलिस अधीक्षक सौरभ ने निरीक्षण के दौरान पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्र के आसपास किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
निरीक्षण में मौजूद अधिकारी
इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी मधुपुर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल सहित अन्य संबंधित अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी मौके पर उपस्थित थे। सभी ने अपने-अपने विभाग से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी और आवश्यक सुझाव साझा किए।
निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशासनिक तैयारी
नगर निकाय चुनाव लोकतंत्र की जमीनी इकाई को मजबूत करने का माध्यम होते हैं। ऐसे में मतगणना और स्ट्रांग रूम की व्यवस्थाओं का सुदृढ़ होना बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन द्वारा किया गया यह निरीक्षण इस बात का संकेत है कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और हर पहलू पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
न्यूज़ देखो: चुनावी पारदर्शिता की कसौटी
यह निरीक्षण दर्शाता है कि जिला प्रशासन नगर निकाय चुनाव को लेकर पूरी तरह सजग है। स्ट्रांग रूम से लेकर मतगणना केंद्र तक की व्यवस्थाओं पर सीधा फोकस चुनावी पारदर्शिता को मजबूत करता है। अब आगे यह देखना अहम होगा कि मतदान और मतगणना के दिन इन तैयारियों का कितना प्रभावी क्रियान्वयन होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मजबूत व्यवस्था, मजबूत लोकतंत्र
जब चुनावी प्रक्रियाएं सुरक्षित और पारदर्शी होती हैं, तभी लोकतंत्र पर लोगों का भरोसा मजबूत होता है। प्रशासनिक तैयारी और सतर्कता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करती है। एक जागरूक नागरिक के रूप में चुनावी प्रक्रिया को समझना और उसका सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
लोकतंत्र को सशक्त बनाने की इस प्रक्रिया पर अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि हर मत की आवाज सही मायने में गूंज सके।



