
#डुमरी #पारंपरिक_मेला : प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में थाना मैदान में मेले का विधिवत शुभारंभ।
डुमरी थाना मैदान में आयोजित पारंपरिक मेला का विधिवत शुभारंभ बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी उमेश कुमार स्वांसी और डुमरी थाना के एसआई मनोज कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर मेला का उद्घाटन किया। मेला का उद्देश्य क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना है। उद्घाटन के साथ ही मेला परिसर में उत्साह और चहल-पहल का माहौल देखने को मिला।
- डुमरी थाना मैदान में पारंपरिक मेला का शुभारंभ।
- बीडीओ उमेश कुमार स्वांसी और एसआई मनोज कुमार ने किया उद्घाटन।
- प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी और मेला समिति के सदस्य रहे उपस्थित।
- मेला अवधि में शांति और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर।
- ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे मेला देखने।
डुमरी। प्रखंड मुख्यालय स्थित डुमरी थाना मैदान में बुधवार को पारंपरिक मेला का शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। उद्घाटन समारोह में प्रखंड विकास पदाधिकारी उमेश कुमार स्वांसी और डुमरी थाना के एसआई मनोज कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर मेला का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, आदिवासी समाज के गणमान्य लोग और मेला समिति के सदस्य मौजूद रहे।
सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर दिया जोर
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए बीडीओ उमेश कुमार स्वांसी ने कहा कि इस तरह के पारंपरिक मेलों से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिलता है। उन्होंने कहा कि मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि यह समाज को जोड़ने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का भी कार्य करता है।
उन्होंने मेला समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
शांति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आश्वासन
वहीं डुमरी थाना के एसआई मनोज कुमार ने कहा कि मेला अवधि के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने मेला समिति और आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।
समाजसेवियों और मेला समिति की सक्रिय भूमिका
उद्घाटन कार्यक्रम में आदिवासी समाज की ओर से जगन्नाथ भगत, वीरेंद्र भगत, जगजीवन भगत सहित अन्य समाजसेवी और मेला समिति के सदस्य उपस्थित थे। सभी ने मिलकर मेला को सफल बनाने और व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया।
समाजसेवियों ने कहा कि यह मेला वर्षों से क्षेत्र की पहचान रहा है और इसे मिल-जुलकर आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।
मेले में उमड़ी भीड़, उत्साह का माहौल
मेला के शुभारंभ के साथ ही थाना मैदान में उत्साह और रौनक देखने को मिली। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंचे।
मेले में विभिन्न दुकानें, झूले, मनोरंजन के साधन और स्थानीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई है। आयोजकों के अनुसार, आने वाले दिनों में मेले में और अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है।
स्थानीय संस्कृति को मिल रहा मंच
मेला के माध्यम से स्थानीय कलाकारों और पारंपरिक गतिविधियों को भी मंच मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का अवसर मिलता है।
न्यूज़ देखो: परंपरा और प्रशासनिक सहयोग का सकारात्मक उदाहरण
डुमरी थाना मैदान में आयोजित यह पारंपरिक मेला प्रशासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है। अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से जहां आयोजन को मजबूती मिली है, वहीं सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा भी बढ़ा है। ऐसे आयोजन सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखते हैं।
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जब परंपरा और उत्सव साथ चलते हैं
पारंपरिक मेलों से गांव और शहर के बीच की दूरी कम होती है और समाज एक सूत्र में बंधता है।
डुमरी का यह मेला हमारी संस्कृति और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक है।
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