छठ घाट पर डूबे बच्चे के परिवार को मिला सहारा — समाजसेवी विकास माली ने लिया परिवार का जिम्मा, कहा अब यह परिवार मेरा परिवार है

छठ घाट पर डूबे बच्चे के परिवार को मिला सहारा — समाजसेवी विकास माली ने लिया परिवार का जिम्मा, कहा अब यह परिवार मेरा परिवार है

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #मानवताकीमिसाल : समाजसेवी विकास माली ने डूबे बच्चे के परिवार को गोद लिया – कहा हर सुख-दुख में रहूंगा साथ
  • गढ़वा जिले के रैदास नगर में दानरो नदी में नहाने के दौरान 13 वर्षीय राहुल कुमार की डूबने से मौत हुई।
  • घटना से शोकग्रस्त परिवार को समाजसेवी विकास कुमार माली ने गोद लेने की घोषणा की।
  • विकास माली ने कहा, “अब यह परिवार मेरा परिवार है। मैं इनके हर सुख-दुख में साथ रहूंगा।”
  • उन्होंने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दी और राहुल की बहन की शादी का खर्च उठाने का वादा किया।
  • समाजसेवी के इस कदम से स्थानीय लोगों ने मानवता की मिसाल बताते हुए सराहना की।

गढ़वा के सदर थाना क्षेत्र के रैदास नगर मोहल्ला में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। सुनील कुमार का पुत्र राहुल कुमार (13 वर्ष) छठ पर्व के दौरान दानरो नदी में नहाने गया था, जहां दुर्भाग्यवश उसकी डूबने से मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा और पूरा मोहल्ला शोक में डूब गया। लेकिन ऐसे कठिन समय में एक समाजसेवी ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने सभी के दिल को छू लिया।

समाजसेवी विकास माली बने दुखी परिवार का सहारा

कन्या विवाह एंड विकास सोसाइटी के सचिव विकास कुमार माली ने इस परिवार को संबल देने का निश्चय किया। वे खुद मृतक के घर पहुंचे, परिजनों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिजनों से कहा कि इस दुख की घड़ी में वे अकेले नहीं हैं।

विकास माली ने कहा: “राहुल अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसका परिवार अब मेरा परिवार है। मैं हर सुख-दुख में इनके साथ खड़ा रहूंगा।”

उन्होंने मौके पर परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान किया और वादा किया कि राहुल की बहन की शादी में लगने वाले सभी खर्चों की जिम्मेदारी वे स्वयं उठाएंगे। समाजसेवी ने यह भी कहा कि वे अंतिम संस्कार के दौरान भी हर संभव सहयोग करेंगे।

समाज के लिए प्रेरणा बना विकास माली का कदम

विकास माली ने कहा कि उनका संगठन “कन्या विवाह एंड विकास सोसाइटी” हमेशा समाज के जरूरतमंद परिवारों की सेवा के लिए तत्पर रहता है। उनका उद्देश्य है कि कोई भी गरीब परिवार आर्थिक अभाव या दुख के कारण अकेला महसूस न करे। उन्होंने समाज से अपील की कि कठिन समय में सभी लोग मिलकर ऐसे परिवारों की मदद करें, क्योंकि मानवता ही सबसे बड़ी सेवा है

विकास माली ने कहा: “जब कोई परिवार दुख में हो, तब पूरे समाज को मिलकर उसका सहारा बनना चाहिए। दूसरों की पीड़ा को समझना ही सच्ची इंसानियत है।”

रैदास नगर में समाजसेवी के कार्य की सराहना

राहुल की असामयिक मृत्यु से पूरा रैदास नगर शोक में डूब गया है। आसपास के लोगों ने समाजसेवी विकास माली के कदम की सराहना करते हुए कहा कि उनके इस कार्य ने समाज में उम्मीद की नई किरण जलाई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे लोग समाज की सच्ची ताकत होते हैं जो दूसरों के दर्द को अपना समझते हैं और सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाते हैं।

न्यूज़ देखो: मानवता की मिसाल से रोशन हुआ गढ़वा

गढ़वा में समाजसेवी विकास माली का यह कदम न सिर्फ एक परिवार के लिए संबल बना बल्कि समाज के सामने सेवा और संवेदना का आदर्श उदाहरण भी पेश किया। जब सरकारी व्यवस्था से परे कोई व्यक्ति मानवता के आधार पर किसी परिवार का सहारा बनता है, तो वह समाज की असली शक्ति का प्रमाण देता है। ऐसे कार्य समाज में विश्वास और करुणा की भावना को पुनर्जीवित करते हैं।

हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आइए, मानवता की इस लौ को जलाए रखें

आज समाज को ऐसे ही उदाहरणों की जरूरत है जो मानवता और सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाएं। विकास माली जैसे लोगों से प्रेरणा लेकर हम सभी को जरूरतमंद परिवारों की मदद करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। एक व्यक्ति का छोटा कदम भी किसी परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
अब वक्त है कि हम भी करुणा और सेवा के इस संदेश को फैलाएं —
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