#चतरा #एयरएंबुलेंसदुर्घटना : रांची से दिल्ली जा रही मेडिकल उड़ान सिमरिया के घने जंगलों में गिरी, जांच शुरू
झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कसारी-करमाटांड़ गांव के पास घने जंगलों में एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त होने से पूरे राज्य में शोक और सनसनी का माहौल है। इलाज के लिए दिल्ली ले जाए जा रहे मरीज समेत सात लोगों के सवार होने की जानकारी सामने आई है, जबकि एक की मौत की पुष्टि ने घटना को और दर्दनाक बना दिया है।
- रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस चतरा में क्रैश।
- हादसा सिमरिया थाना क्षेत्र के कसारी-करमाटांड़ जंगल में हुआ।
- विमान में दो पायलट, एक डॉक्टर, पैरामेडिक, दो परिचारक और मरीज सहित 7 लोग सवार।
- प्रारंभिक सूचना में लातेहार के चंदवा निवासी संजय प्रसाद का नाम सामने आया।
- टेकऑफ के 23 मिनट बाद 7:34 बजे रडार से संपर्क टूटा, जांच में जुटी एजेंसियां।
झारखंड के आसमान में सोमवार की शाम उड़ान भरती एक उम्मीद अचानक दर्दनाक हादसे में तब्दील हो गई, जब रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुआ एक एयर एंबुलेंस विमान चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कसारी-करमाटांड़ गांव के पास घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जैसे ही विमान गिरने की खबर फैली, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया और स्थानीय ग्रामीणों में भय व शोक का माहौल बन गया।
शाम 7:11 बजे भरी उड़ान, 23 मिनट बाद टूटा संपर्क
जानकारी के अनुसार एयर एंबुलेंस ने सोमवार की शाम करीब 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। इस उड़ान का उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए राजधानी पहुंचाना था।
लेकिन टेकऑफ के महज 23 मिनट बाद, लगभग 7:34 बजे विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से अचानक टूट गया और वह रडार से गायब हो गया। इसके बाद प्रशासनिक एजेंसियों में हड़कंप मच गया और विमान की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश शुरू कर दी गई।
पत्नी के इलाज के लिए दिल्ली जा रहे थे संजय प्रसाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लातेहार जिला के चंदवा निवासी संजय प्रसाद अपनी पत्नी के इलाज के लिए दिल्ली जा रहे थे। इसी दौरान मेडिकल एंबुलेंस एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
बताया जा रहा है कि एयर एंबुलेंस में मरीज को आपात स्थिति में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एयरलिफ्ट किया गया था। परिवार की उम्मीद थी कि दिल्ली पहुंचते ही इलाज शुरू हो जाएगा, लेकिन यह उड़ान ही एक बड़ी त्रासदी में बदल गई।
जोरदार धमाके के साथ जंगलों में गिरा विमान
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार सिमरिया क्षेत्र के आसमान में विमान को असामान्य रूप से लड़खड़ाते हुए देखा गया। कुछ ही देर बाद घने जंगलों की खामोशी को चीरती हुई तेज धमाके की आवाज सुनाई दी और फिर धुएं का गुबार उठता नजर आया।
घटना स्थल कसारी-करमाटांड़ के गोनियां जंगल क्षेत्र में बताया जा रहा है, जो काफी दुर्गम और घने जंगलों से घिरा हुआ इलाका है। यही कारण है कि राहत और बचाव कार्य में शुरुआती समय में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
विमान में सात लोग थे सवार, मेडिकल टीम भी मौजूद
प्राथमिक जानकारी के अनुसार एयर एंबुलेंस में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें दो पायलट, एक डॉक्टर, एक पैरामेडिक, दो परिचारक और मरीज शामिल थे।
यह पूरी मेडिकल टीम मरीज को सुरक्षित दिल्ली ले जाने की कोशिश में थी। लेकिन तकनीकी गड़बड़ी या अन्य कारणों से उड़ान बीच रास्ते में ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
घने जंगल और अंधेरे में चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, सिमरिया थाना बल, प्रशासनिक अधिकारी और राहत दल तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।
लेकिन ऊबड़-खाबड़ रास्ते, अंधेरा और घने जंगल की भौगोलिक स्थिति के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना रहा। बचावकर्मी मलबे के बीच लगातार खोज अभियान चलाते रहे और जीवन की संभावना तलाशते रहे। स्थानीय ग्रामीण भी राहत कार्य में सहयोग करते नजर आए।
डीजीसीए और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटीं
हादसे के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) एवं संबंधित एजेंसियों को सूचित कर दिया गया है। दुर्घटना के कारणों को लेकर अभी रहस्य बना हुआ है।
प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी, मौसम या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। रडार से संपर्क टूटने के बाद विमान का कोई संकेत नहीं मिला, जिससे जांच और भी संवेदनशील हो गई है।
पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल
इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एक विमान को मलबे में बदला, बल्कि कई परिवारों की उम्मीदों को भी तोड़ दिया। जिस उड़ान में इलाज और जीवन बचाने की उम्मीद थी, वही उड़ान त्रासदी में बदल गई।
लातेहार, चतरा और आसपास के क्षेत्रों में घटना की खबर फैलते ही शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और पूरा इलाका गहरे सदमे में है।
न्यूज़ देखो: उम्मीदों की उड़ान और सुरक्षा जांच की गंभीर चुनौती
एयर एंबुलेंस जैसी आपात सेवाएं जीवन बचाने की अंतिम उम्मीद होती हैं, ऐसे में इस तरह की दुर्घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। तकनीकी सुरक्षा, उड़ान निगरानी और आपात प्रोटोकॉल की मजबूती अब जांच का अहम विषय बनेगी। पारदर्शी जांच ही इस हादसे की सच्चाई सामने ला सकेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हादसा हमें याद दिलाता है जीवन की नाजुक सच्चाई
एक उड़ान जो इलाज और जीवन बचाने के लिए भरी गई थी, वह दर्दनाक हादसे में बदल गई।
सुरक्षा मानकों की मजबूती और समय पर जांच बेहद आवश्यक है।
पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
ऐसी घटनाएं हमें आपात सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से सोचने को मजबूर करती हैं।
इस दुखद घटना पर अपनी संवेदना जरूर व्यक्त करें और ताजा व प्रमाणिक अपडेट के लिए इस खबर को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि सही जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंच सके।