#मैक्लुस्कीगंज #वन_कार्रवाई : गुप्त सूचना पर छापेमारी कर अवैध कटाई का खुलासा
रांची जिले के मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 सखुआ लकड़ी के बोटे जब्त किए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी ने जंगलों में चल रही अवैध कटाई के नेटवर्क पर प्रशासन की सख्ती को उजागर कर दिया है।
- मैक्लुस्कीगंज के कुवांर पतरा वन क्षेत्र में छापेमारी के दौरान 12 सखुआ लकड़ी के बोटे जब्त किए गए।
- कार्रवाई वन विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित पहुंचकर की।
- प्रभारी वनपाल अशफाक अंसारी ने अवैध कटाई की पुष्टि करते हुए जांच शुरू होने की जानकारी दी।
- लकड़ी कटवाने वाले बिरमोहन उरांव और बिरसा उरांव के खिलाफ जांच जारी।
- जब्त लकड़ी को ट्रैक्टर से वन विभाग कार्यालय में सुरक्षित जमा कराया गया।
खलारी, रांची के अंतर्गत आने वाले मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कुवांर पतरा वन क्षेत्र के जंगल में छापेमारी की गई, जहां अवैध रूप से काटकर रखे गए सखुआ लकड़ी के 12 बोटे जब्त किए गए। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लकड़ी तस्करी को लेकर प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संदेश गया है।
गुप्त सूचना के बाद त्वरित छापेमारी
वन विभाग को लगातार शिकायत मिल रही थी कि कुछ लोग रैयती भूमि का हवाला देकर वन क्षेत्र में सखुआ के पेड़ों की अवैध कटाई करवा रहे हैं। सूचना मिलते ही विभाग ने बिना देर किए एक विशेष टीम का गठन किया और मौके पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान जंगल के भीतर छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में अवैध लकड़ी बरामद हुई।
प्रभारी वनपाल अशफाक अंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि टीम ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई की और अवैध कटाई की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि विभाग अवैध तस्करी पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
12 सखुआ लकड़ी के बोटे किए गए जब्त
छापेमारी के दौरान टीम को सखुआ लकड़ी के 12 बड़े बोटे जंगल में काटकर जमा किए हुए मिले। यह लकड़ी वन क्षेत्र से अवैध रूप से काटी गई थी, जिसे बाद में तस्करी के उद्देश्य से ले जाने की तैयारी की जा रही थी। वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी लकड़ी के बोटों को जब्त कर लिया।
जब्त लकड़ी को ट्रैक्टर के माध्यम से मैक्लुस्कीगंज स्थित वन विभाग कार्यालय में सुरक्षित रखा गया है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीर पर्यावरणीय अपराध मानते हुए जांच तेज कर दी है।
संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लकड़ी कटवाने में स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की संलिप्तता हो सकती है। इस मामले में बिरमोहन उरांव और बिरसा उरांव के खिलाफ जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वनपाल ने कहा कि अवैध कटाई में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोष सिद्ध होने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पर्यावरण संतुलन पर पड़ रहा है असर
मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र अपने घने जंगलों, प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां के जंगल न केवल जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि स्थानीय पर्यावरण संतुलन को भी बनाए रखते हैं। हालांकि हाल के दिनों में अवैध लकड़ी कटाई की घटनाओं में बढ़ोतरी ने पर्यावरणविदों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार सखुआ जैसे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से जंगलों की पारिस्थितिकी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे वन्य जीवों का आवास प्रभावित होता है, मिट्टी का क्षरण बढ़ता है और जलवायु संतुलन भी प्रभावित होता है।
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना
वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में लकड़ी तस्करों की सक्रियता की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन इस बार विभाग की त्वरित कार्रवाई ने तस्करों के मनोबल को तोड़ने का काम किया है।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि जंगल क्षेत्र की सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी और लगातार छापेमारी जरूरी है। उनका मानना है कि यदि इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रही तो अवैध कटाई पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
वन विभाग की आगे की रणनीति
वन विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि भविष्य में गश्ती व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा संवेदनशील वन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को वन संरक्षण के महत्व से अवगत कराया जाएगा।
विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध कटाई या लकड़ी तस्करी की सूचना मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
न्यूज़ देखो: जंगल बचाने की दिशा में सख्ती जरूरी
मैक्लुस्कीगंज जैसे प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों में अवैध लकड़ी कटाई केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। वन विभाग की यह कार्रवाई एक मजबूत संदेश देती है कि जंगलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि प्रशासन, समाज और स्थानीय समुदाय मिलकर प्रयास करें तो अवैध तस्करी पर स्थायी रोक लगाई जा सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पर्यावरण बचाना हम सबकी जिम्मेदारी
जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं।
अवैध कटाई को रोकना प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है।
यदि हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित पर्यावरण मिलेगा।
अपने क्षेत्र में किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना जरूर दें और जागरूक नागरिक बनें।
इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और बताएं — क्या आपके क्षेत्र में भी हो रही है अवैध कटाई?