भगवान बिरसा मुंडा के आदर्श आज भी समाज को दे रहे नई दिशा, कांग्रेस ने पुण्यतिथि पर किया श्रद्धापूर्वक नमन

भगवान बिरसा मुंडा के आदर्श आज भी समाज को दे रहे नई दिशा, कांग्रेस ने पुण्यतिथि पर किया श्रद्धापूर्वक नमन

author Birendra Tiwari
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#सिमडेगा #बिरसा_पुण्यतिथि : कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि देकर आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

सिमडेगा में भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में विधायक भूषण बाड़ा और जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा सहित कई नेताओं ने उनके संघर्ष, त्याग और जनसेवा को याद किया। वक्ताओं ने युवाओं से बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

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  • सिमडेगा नगर भवन में भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ।
  • विधायक भूषण बाड़ा और जोसिमा खाखा ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • वक्ताओं ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए बिरसा मुंडा के संघर्ष को याद किया।
  • युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया।
  • कार्यक्रम में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
  • सभी उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मंगलवार को सिमडेगा में श्रद्धा और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। नगर भवन स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन केवल आदिवासी समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके संघर्ष, त्याग और सामाजिक चेतना ने भारतीय इतिहास में एक अमिट पहचान बनाई है।

प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरुआत नगर भवन स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। जिला अध्यक्ष सह सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा एवं कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर महान जननायक को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दोहराया कि भगवान बिरसा मुंडा के विचार आज भी समाज को एकजुटता, संघर्ष और न्याय की राह दिखा रहे हैं।

जल, जंगल और जमीन की रक्षा के महानायक थे बिरसा मुंडा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक भूषण बाड़ा ने भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को विस्तार से याद किया।

विधायक भूषण बाड़ा ने कहा: “भगवान बिरसा मुंडा भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने अंग्रेजी शासन और शोषण के खिलाफ संघर्ष करते हुए आदिवासी समाज में स्वाभिमान, आत्मविश्वास और अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा की।”

उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन त्याग, संघर्ष और जनसेवा का अनुपम उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व और विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।

युवाओं के लिए प्रेरणा हैं भगवान बिरसा मुंडा

भूषण बाड़ा ने अपने संबोधन में युवाओं की भूमिका पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षों और विचारों को समझने की आवश्यकता है।

विधायक भूषण बाड़ा ने कहा: “युवाओं को भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की स्थापना संभव है।”

उन्होंने कहा कि समाज में समानता, न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए बिरसा मुंडा के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे।

अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देता है उनका जीवन

कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा ने भी भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला।

जोसिमा खाखा ने कहा: “भगवान बिरसा मुंडा केवल आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने समाज की संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।”

उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज की भलाई के लिए कार्य करने की सीख देता है।

जोसिमा खाखा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, एकता और जनसेवा के माध्यम से ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है और यही भगवान बिरसा मुंडा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे उपस्थित

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए।

मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अख्तर खान, जिला प्रवक्ता रणधीर रंजन, नगर परिषद अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा, नगर उपाध्यक्ष रिंकू अग्रवाल, सेवा दल संगठन अध्यक्ष सामरोम पौल तोपनो, नगर अध्यक्ष अरशद हुसैन (अक्षण), जिला विधायक प्रतिनिधि एजाज अहमद, सोनी वर्मा, लखन गुप्ता, रतन प्रसाद, उर्मिला केरकेट्टा, शोभेन तिग्गा, राम किसुन सहित कांग्रेस कमेटी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सभी ने एक स्वर में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा और उनके संघर्षों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

समाज को एकजुट करने वाला संदेश

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने केवल राजनीतिक संघर्ष ही नहीं किया, बल्कि समाज को संगठित करने और सांस्कृतिक पहचान को बचाने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने लोगों को आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए जागरूक किया, जिसका प्रभाव आज भी देखा जा सकता है।

कार्यक्रम का समापन उनके आदर्शों को जीवन में उतारने और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।

न्यूज़ देखो: संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को जीवित रखने की जरूरत

भगवान बिरसा मुंडा का जीवन भारतीय इतिहास में संघर्ष, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। उनकी पुण्यतिथि केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों को समझने और समाज में लागू करने का भी समय है। आज जब सामाजिक समानता और अधिकारों की चर्चा होती है, तब बिरसा मुंडा का योगदान और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। आवश्यकता इस बात की है कि उनके आदर्श केवल समारोहों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और शासन व्यवस्था में भी दिखाई दें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बिरसा मुंडा के सपनों का समाज बनाने की जिम्मेदारी हमारी

महान व्यक्तित्व केवल इतिहास की किताबों में नहीं रहते, वे अपने विचारों के माध्यम से पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते हैं। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, समाज को जोड़ने और अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।

यदि हम शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक एकता को बढ़ावा दें तो यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आइए उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें।

आप भगवान बिरसा मुंडा के किस विचार को आज सबसे अधिक प्रासंगिक मानते हैं? अपनी राय कमेंट में लिखें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और युवाओं को उनके प्रेरणादायी जीवन से परिचित कराएं।

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Written by

सिमडेगा

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