
#पलामू #टोल_प्लाजा : एनएच-39 बाइपास अधूरा होने के बावजूद टोल वसूली पर सांसद ने जताई आपत्ति।
पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने नई दिल्ली में NHAI चेयरमैन संतोष कुमार यादव से मुलाकात कर मेदिनीनगर के पास एनएच-39 बाइपास पर अधूरी सड़क के बावजूद टोल वसूली शुरू होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि 7 मार्च 2026 से जोरकट स्थित टोल प्लाजा पर वसूली शुरू कर दी गई है, जबकि सड़क निर्माण कार्य अभी अधूरा है। सांसद ने टोल वसूली बंद कर शेष कार्यों को जल्द पूरा कराने की मांग की।
- सांसद विष्णु दयाल राम ने नई दिल्ली में NHAI चेयरमैन संतोष कुमार यादव से की मुलाकात।
- एनएच-39 बाइपास के जोरकट टोल प्लाजा पर अधूरी सड़क के बावजूद टोल वसूली का उठाया मुद्दा।
- 7 मार्च 2026 से टोल वसूली शुरू, जबकि सड़क का हिस्सा अब भी निर्माणाधीन।
- आसपास के दुबियाखंड, जोरकट, चियांकी, पोखराहा, जोड़, सिंगरा कला, लोहड़ा, पंडवा और राजहरा गांव प्रभावित।
- सांसद ने टोल वसूली बंद कर लंबित कार्य जल्द पूरा करने की मांग की।
पलामू संसदीय क्षेत्र में अधूरी सड़क पर टोल वसूली शुरू होने का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया है। पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के चेयरमैन संतोष कुमार यादव से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की और एक पत्र भी सौंपा।
सांसद ने बताया कि मेदिनीनगर नगर निगम के समीप एनएच-39 बाइपास सड़क पर जोरकट स्थित टोल प्लाजा को चालू कर दिया गया है, जबकि इस मार्ग का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।
7 मार्च से शुरू हो गई टोल वसूली
सांसद ने अपने पत्र में बताया कि यह टोल प्लाजा भोगू-शंखा खंड, एनएच-39 पर स्थित है, जो रांची-वाराणसी कॉरिडोर के अंतर्गत भारतमाला परियोजना का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि इस टोल प्लाजा से 7 मार्च 2026 से टोल वसूली शुरू कर दी गई है, जबकि सड़क का निर्माण अभी भी अधूरा है। विशेष रूप से टोल प्लाजा के आसपास का हिस्सा पूरी तरह तैयार नहीं है।
सांसद के अनुसार टोल प्लाजा से रांची की ओर लगभग चार किलोमीटर तक का हिस्सा अभी भी निर्माणाधीन है और यह अधूरा भाग टोल प्लाजा से लगभग 100 मीटर की दूरी से ही शुरू हो जाता है।
कई गांवों में निर्माण कार्य अब भी अधूरा
सांसद विष्णु दयाल राम ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार इस परियोजना से जुड़े अधूरे कार्यों को लेकर NHAI अधिकारियों को अवगत कराया था।
उन्होंने कहा कि दुबियाखंड, जोरकट, चियांकी, पोखराहा, जोड़, सिंगरा कला, लोहड़ा, पंडवा और राजहरा जैसे कई गांवों में सड़क निर्माण कार्य की प्रगति अभी भी धीमी और असंतोषजनक बनी हुई है।
इन क्षेत्रों में अधूरे कार्यों के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मेदिनीनगर कनेक्टिंग रोड का काम भी शुरू नहीं
सांसद ने यह भी बताया कि मेदिनीनगर शहर को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए NHAI की ओर से एक कनेक्टिंग रोड बनाने की योजना भी है।
यह सड़क जिला मुख्यालय की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन अभी तक इस परियोजना पर काम शुरू नहीं किया गया है।
इसके अलावा इसी खंड में पोखराहा और जोड़ गांव में प्रस्तावित दो फ्लाईओवर (वीयूपी) का निर्माण भी अभी तक प्रारंभ नहीं किया गया है, जबकि ये फ्लाईओवर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जरूरी हैं।
स्थानीय लोगों में बढ़ रहा असंतोष
सांसद ने बताया कि अधूरी सड़क के बावजूद टोल वसूली शुरू होने से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
आसपास के गांवों के कई किसान और ग्रामीण प्रतिदिन कम दूरी तय कर मेदिनीनगर आते-जाते हैं। ऐसे में अधूरे निर्माण कार्य के बीच टोल वसूली शुरू होने से आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
टोल वसूली रोकने की मांग
सांसद विष्णु दयाल राम ने NHAI चेयरमैन से आग्रह किया है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा नहीं हो जाता, तब तक टोल वसूली बंद की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने लंबित कार्यों को शीघ्र शुरू कर समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की भी मांग की है।
न्यूज़ देखो: अधूरी सड़क पर टोल से बढ़ती है जनता की परेशानी
किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का उद्देश्य लोगों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा देना होता है। यदि सड़क पूरी तरह तैयार होने से पहले ही टोल वसूली शुरू हो जाए तो इससे आम लोगों में असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और समय पर निर्माण कार्य पूरा करना जरूरी है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके और परियोजना का उद्देश्य भी पूरा हो सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेहतर सड़क सुविधा से ही मिलेगा विकास को बल
राष्ट्रीय राजमार्ग किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ होते हैं। जब सड़कें बेहतर होती हैं तो व्यापार, परिवहन और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
जरूरी है कि सड़क निर्माण परियोजनाएं समय पर पूरी हों और लोगों को बिना परेशानी के बेहतर सुविधा मिले।
यदि आप भी मानते हैं कि अधूरी सड़क पर टोल वसूली नहीं होनी चाहिए, तो इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साझा करें और अपनी राय कमेंट में जरूर दें।






