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गिरिडीह में जल संरक्षण को लेकर 8 से 22 मार्च तक चलेगा ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’, जागरूकता और जनभागीदारी से होंगे कई कार्यक्रम

#गिरिडीह #जलसंरक्षणअभियान : जल जीवन मिशन के तहत जिले भर में जागरूकता, सफाई और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

गिरिडीह जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण पेयजल सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 8 मार्च से 22 मार्च 2026 तक ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। यह आयोजन जल जीवन मिशन के तहत जिला प्रशासन की पहल पर किया जा रहा है। पखवाड़े के दौरान जल स्रोतों की सफाई, जल गुणवत्ता परीक्षण, जनजागरूकता कार्यक्रम और विद्यालयों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम का समापन 22 मार्च को विश्व जल दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगा।

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  • 8 मार्च से 22 मार्च 2026 तक गिरिडीह जिले में ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ का आयोजन किया जाएगा।
  • जल जीवन मिशन के तहत जल संरक्षण, जल गुणवत्ता परीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम चलेंगे।
  • 9–10 मार्च को नदी, तालाब और जलाशयों की सफाई तथा FTK किट से पानी की जांच की जाएगी।
  • 11 मार्च को विश्व प्लंबर दिवस पर पेयजल योजनाओं से जुड़े प्लंबरों और तकनीकी कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।
  • विद्यालयों में निबंध प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
  • 22 मार्च को विश्व जल दिवस पर जिला स्तरीय समापन कार्यक्रम आयोजित होगा।

गिरिडीह जिले में जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 8 मार्च से 22 मार्च 2026 तक ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी कार्यालय, गिरिडीह द्वारा आदेश जारी किया गया है। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न पंचायतों, स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में कई जागरूकता एवं जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पेयजल सेवाओं को सुदृढ़ करना, जल स्रोतों का संरक्षण करना और जल गुणवत्ता की निगरानी को मजबूत बनाना है।

8 मार्च को उद्घाटन कार्यक्रम से होगी शुरुआत

‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ की शुरुआत 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला स्तर पर आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम से होगी। इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के पदाधिकारी, ‘हर घर जल’ योजना से जुड़े प्रतिनिधि, महिला जल उपयोगकर्ता, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के सदस्य, जल सहिया और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

इस अवसर पर पंचायत स्तर पर ‘नारी-नीर शक्ति’ विषय पर विशेष ग्राम सभा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जल प्रबंधन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना और ग्रामीण समुदाय को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।

9 और 10 मार्च को जल स्रोतों की सफाई और गुणवत्ता जांच

पखवाड़े के दूसरे चरण में 9 और 10 मार्च को जल संचयन और जल गुणवत्ता पर केंद्रित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधि और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्य मिलकर नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों की सफाई करेंगे।

इसके साथ ही जल सहियाओं द्वारा FTK (फील्ड टेस्ट किट) के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। जांच के बाद इसकी रिपोर्ट ग्रामीण समुदाय के साथ साझा की जाएगी ताकि लोग सुरक्षित और स्वच्छ पानी के महत्व को समझ सकें।

11 मार्च को विश्व प्लंबर दिवस पर सम्मान

11 मार्च को विश्व प्लंबर दिवस के अवसर पर पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्लंबरों और तकनीकी कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान कार्यक्रम जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन में तकनीकी कर्मियों के योगदान को मान्यता देना और उन्हें बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करना है।

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संचालन और रखरखाव गतिविधियों पर विशेष जोर

4 मार्च से 21 मार्च के बीच जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव (O&M) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस दौरान कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित होंगी:

  • ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित बैठकें
  • जल शुल्क संग्रह की प्रक्रिया को मजबूत करना
  • जल रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण और संरक्षण पर चर्चा
  • जल संरक्षण से जुड़े स्थानीय उपायों को बढ़ावा देना

इन गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति योजनाओं की स्थिरता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

स्कूलों में प्रतियोगिताएं और संवाद कार्यक्रम

जल महोत्सव पखवाड़े के दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों में छात्रों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें निबंध प्रतियोगिता, संवाद कार्यक्रम और जागरूकता अभियान शामिल होंगे।

इन कार्यक्रमों के प्रमुख विषय होंगे:

  • जल गुणवत्ता परीक्षण
  • जल का स्वास्थ्य पर प्रभाव
  • जल संरक्षण के उपाय
  • जलवायु परिवर्तन
  • पर्यावरणीय स्थिरता

इस पहल का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

22 मार्च को विश्व जल दिवस पर समापन कार्यक्रम

पखवाड़े का समापन 22 मार्च को विश्व जल दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर ‘Water, Gender Equity and Community’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में उन पंचायतों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया जाएगा जहां 24×7 जलापूर्ति व्यवस्था लागू है। साथ ही जल सहियाओं और महिला समूहों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा ‘मेरा गांव–मेरा जल स्रोत’ अभियान के तहत पंचायत स्तर पर जल स्रोतों की सफाई, संरक्षण और पुनर्भरण से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। विशेष ग्राम सभा आयोजित कर जल सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में शामिल करने की पहल की जाएगी।

कार्यक्रम संचालन के लिए बनाई गई समन्वय समिति

इस पूरे अभियान के सफल संचालन के लिए उप विकास आयुक्त (DDC) को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा विभिन्न विभागीय अधिकारियों की एक समन्वय समिति भी गठित की गई है।

जिला प्रशासन ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया है कि निर्धारित तिथियों के अनुसार सभी कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

न्यूज़ देखो: जल संरक्षण की दिशा में सामुदायिक पहल

गिरिडीह में ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ का आयोजन इस बात का संकेत है कि जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि सामुदायिक जिम्मेदारी बनता जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत महिलाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीण समुदाय की भागीदारी इस अभियान को मजबूत बनाती है। यदि ऐसे कार्यक्रम लगातार और प्रभावी तरीके से संचालित होते रहें तो आने वाले वर्षों में जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जल बचाएं, भविष्य बचाएं – सामूहिक जिम्मेदारी निभाएं

जल केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं बल्कि जीवन की आधारशिला है। आज यदि हम जल स्रोतों को बचाने और स्वच्छ रखने के लिए आगे आएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दे सकेंगे।

गांव, शहर, स्कूल और समाज—हर स्तर पर जल संरक्षण की पहल जरूरी है। छोटे-छोटे प्रयास जैसे जल स्रोतों की सफाई, वर्षा जल संचयन और पानी का जिम्मेदारी से उपयोग बड़े बदलाव ला सकते हैं।

आइए इस अभियान का हिस्सा बनें और अपने आसपास के जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संकल्प लें। अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और जल संरक्षण के इस अभियान को जनआंदोलन बनाने में योगदान दें।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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