मनिका के बाजारों में छठ पर्व को लेकर चहल-पहल, सूप और दउरा की खरीदारी में लगी भीड़

मनिका के बाजारों में छठ पर्व को लेकर चहल-पहल, सूप और दउरा की खरीदारी में लगी भीड़

author News देखो Team
10 Views Download E-Paper (21)
#मनिका #छठ_पर्व : प्रखण्ड के बाजारों में सूप और दउरा की खरीदारी को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ और पारंपरिक तैयारी में जुटे ग्रामीण
  • मनिका प्रखण्ड के बाजारों में छठ पूजा की खरीदारी जोर पकड़ रही है।
  • सूप और दउरा जैसी पूजन सामग्रियों की बिक्री में विशेष तेजी।
  • बाजारों में पचफेड़ी चौक, बाजार टांड़, थाना चौक, ब्लॉक प्रवेश द्वार और बंदुआ रोड पर भारी भीड़।
  • बांस और अन्य सामग्री की महंगाई के कारण कीमतें बढ़ी, सूप ₹250-300 और दउरा ₹250 या अधिक।
  • महादलित परिवार और महिलाएं सुबह से शाम तक पारंपरिक सामग्री बनाने में जुटी।

मनिका प्रखण्ड क्षेत्र के बाजार छठ महापर्व की तैयारियों के चलते इन दिनों चहल-पहल से भर गए हैं। विशेषकर सूप और दउरा जैसी पारंपरिक पूजन सामग्रियों की खरीदारी में लोगों की बड़ी संख्या देखी जा रही है। शुक्रवार सुबह से ही बाजारों में खरीदार दुकानों पर जुटे हुए हैं और घंटों तक मोलभाव करते हुए अपनी सामग्री खरीद रहे हैं।

पारंपरिक सामग्रियों की बिक्री में तेजी

मनिका के पचफेड़ी चौक, बाजार टांड़, थाना चौक, ब्लॉक प्रवेश द्वार और बंदुआ रोड जैसे स्थानों पर सूप और दउरा की बिक्री विशेष रूप से अधिक देखी गई। बाजार में बढ़ती कीमतों के बावजूद आस्था के चलते लोग खरीदारी कर रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि बांस और अन्य कच्चे माल की महंगाई के कारण सूप की कीमत अब ₹250 से ₹300 और दउरा ₹250 या उससे अधिक में बिक रहा है।

एक दुकानदार ने बताया: “आस्था के चलते लोग कीमत की परवाह किए बिना सामग्री खरीद रहे हैं, बिक्री में इस बार पहले से अधिक उत्साह है।”

ग्रामीण और महिलाएं पारंपरिक तैयारी में जुटे

प्रखण्ड के विभिन्न गांवों में महादलित परिवार सुबह से शाम तक सूप, दउरा और डाला बनाने में लगे हुए हैं। महिलाएं भी सक्रिय रूप से इस कार्य में भाग ले रही हैं। एक महिला कारीगर ने कहा कि वह लगभग एक महीने पहले से सूप बनाने में लगी हुई हैं और उन्हें लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। इस काम के दौरान गांव और बाजार का माहौल पूरी तरह पर्व की तैयारी में रंगीन और उत्सवमय दिख रहा है।

महिला कारीगर ने बताया: “छठ की तैयारी हमारी परंपरा और आस्था का हिस्सा है, हर साल हम इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।”

बाजार में समृद्धि और व्यस्तता का माहौल

बाजारों में भीड़ और खरीदारी के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था भी सक्रिय हुई है। दुकानदारों और कारीगरों को इस समय अधिक काम मिल रहा है, जिससे ग्रामीणों की आय में भी वृद्धि हो रही है। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और पंचायत के सदस्य भी बाजारों का अवलोकन कर रहे हैं।

न्यूज़ देखो: मनिका में छठ पर्व की तैयारियों से स्थानीय बाजारों में आर्थिक और सामाजिक सक्रियता

मनिका के बाजारों में छठ पर्व के अवसर पर सूप और दउरा जैसी पारंपरिक सामग्रियों की खरीदारी दर्शाती है कि धार्मिक आस्था और आर्थिक गतिविधियों का संतुलित मिश्रण स्थानीय समाज में उत्सव की भावना को जीवित रखता है। प्रशासन और स्थानीय समितियों को इस समय बाजार में सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग रहें, आस्था और व्यवस्था को बनाए रखें

छठ पर्व के समय बाजारों में भीड़ और खरीदारी में संयम बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के लिए अपनी भूमिका निभाएं। अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को साझा करें और त्योहार की तैयारी में समाज के सहयोगी बनें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

🔔

Notification Preferences

error: