#महुआडांड़ #आंगनबाड़ी_लापरवाही : केंद्र पर अनियमितता—बच्चों की उपस्थिति शून्य, जांच के निर्देश।
लातेहार के महुआडांड़ के मेराम आंगनबाड़ी केंद्र में गंभीर लापरवाही सामने आई है। निरीक्षण के दौरान बच्चे अनुपस्थित मिले और किचन में गंदगी पाई गई। खेल सामग्री और सोलर सिस्टम भी गायब पाया गया। मामले में जांच की बात कही गई है।
- मेराम आंगनबाड़ी में बच्चे नदारद मिले।
- किचन में कीचड़ और गंदगी पाई गई।
- खेल सामग्री और सोलर सिस्टम गायब।
- सेविका नहीं दे सकीं स्पष्ट जवाब।
- जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन।
लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत मेराम गांव में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति बेहद खराब पाई गई। सोमवार को जब केंद्र का निरीक्षण किया गया, तो वहां एक भी बच्चा मौजूद नहीं था, जबकि केंद्र के किचन में कीचड़ जमा मिला और साफ-सफाई का अभाव साफ नजर आया।
यह स्थिति आंगनबाड़ी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
केंद्र पर नहीं मिले बच्चे
निरीक्षण के दौरान केंद्र पर बच्चों की अनुपस्थिति ने लोगों को हैरान कर दिया।
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा: “आंगनबाड़ी बच्चों के लिए है, लेकिन यहां कोई बच्चा ही नहीं था।”
किचन में गंदगी और कीचड़
केंद्र के किचन में कीचड़ जमा पाया गया, जिससे स्वच्छता और पोषण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
एक महिला ने कहा: “ऐसी जगह पर बच्चों के लिए खाना कैसे बन सकता है?”
खेल सामग्री और सोलर सिस्टम गायब
आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के खेलने के लिए उपलब्ध कराई गई सामग्री भी गायब पाई गई। इसके अलावा सेंटेक्स टैंक के ऊपर लगा सोलर सिस्टम भी नहीं मिला।
यह स्थिति संसाधनों की निगरानी में कमी को दर्शाती है।
सेविका नहीं दे सकीं जवाब
जब इस संबंध में आंगनबाड़ी सेविका से पूछा गया, तो वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं।
एक अधिकारी ने कहा: “मामले में लापरवाही की जांच जरूरी है।”
जांच के निर्देश
महिला पर्यवेक्षिका गोमती कुमारी ने कहा—
“इस पूरे मामले की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।”
व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला
आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, ऐसे में इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।
न्यूज़ देखो: लापरवाही या अनदेखी
महुआडांड़ की यह घटना दिखाती है कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का सही क्रियान्वयन अभी भी चुनौती बना हुआ है। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं
आंगनबाड़ी बच्चों के विकास का आधार है।
यहां लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
जरूरी है कि जिम्मेदार जवाबदेह हों।
आइए, हम बच्चों के अधिकार के लिए आवाज उठाएं।
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