#महुआडांड़ #धार्मिक_सम्मेलन : शोभायात्रा और सभा—हिंदू सरना एकता और सामाजिक समरसता पर जोर।
लातेहार के महुआडांड़ में आरएसएस शताब्दी वर्ष पर विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित हुआ। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लिया और शोभायात्रा निकाली गई। सभा में कई वक्ताओं ने एकता, संस्कृति और सामाजिक समरसता पर विचार रखे। आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक संदेश का माहौल बनाया।
- दुर्गा बाड़ी मंदिर परिसर में विराट सम्मेलन आयोजित।
- हजारों लोगों ने शोभायात्रा और सभा में भाग लिया।
- कालीचरण सिंह समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।
- आरएसएस शताब्दी वर्ष पर संगठन और समरसता पर जोर।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारा का आयोजन।
लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड मुख्यालय स्थित दुर्गा बाड़ी मंदिर परिसर में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों की भागीदारी रही। जय श्रीराम, भारत माता की जय और सरना माता की जय के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का संदेश दिया।
भव्य शोभायात्रा से हुई शुरुआत
सम्मेलन की शुरुआत एक विशाल शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें विभिन्न गांवों से आए लोगों ने भाग लिया। यात्रा दुर्गा बाड़ी से शुरू होकर शास्त्री चौक, बिरसा चौक, विवेकानंद चौक और दीपाटोली होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची।
एक प्रतिभागी ने कहा: “यह शोभायात्रा समाज की एकजुटता का प्रतीक है।”
मुख्य सभा में दिए गए विचार
सभा को संबोधित करते हुए चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने हिंदू और सरना समाज की एकता पर जोर दिया। उन्होंने समाज से अपनी संस्कृति और पहचान को बनाए रखने की अपील की।
आरएसएस शताब्दी वर्ष का संदेश
आरएसएस के प्रांत प्रचारक महेंद्र जी ने संगठन के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा: “सामाजिक समरसता ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है।”
विभिन्न नेताओं ने रखे विचार
कार्यक्रम में कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे, जिनमें—
प्रिया मुंडा, यश प्रताप सिंह जुदेव, अरविंद कुमार भगत, मैनेजर राम नगेसिया, मनोज जायसवाल, संजय कुमार जायसवाल, नवीन गुप्ता शामिल रहे।
सभी वक्ताओं ने सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों पर जोर दिया।
अतिथियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों को भगवा तौलिया और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस अवसर पर सत्येन्द्र सिंह, रमेश जी, पूनम देवी, महेश सिंह, वंशी यादव, राजेश सिंह, सुभाष सिंह, संजय साहू, नीतेश प्रसाद गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
आयोजन समिति की भूमिका
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में—
मनोज जायसवाल, संजय कुमार जायसवाल, विनोद कुमार सिंह, सूरज साहू, देवानंद प्रसाद, रामप्रवेश गुप्ता, राजन साहू, आनंद किशोर नाथ शाह, दिलीप प्रसाद गुप्ता, अजय उरांव, मोहन यादव, प्रशांत सिंह, अमित कुमार जायसवाल, रोहित कुमार, मंगल सोनी, आलोक कुमार, बंधा राम
ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकी
कार्यक्रम में आरपीएस विद्यालय की छात्राओं ने देवी-देवताओं की झांकी प्रस्तुत की। वहीं स्वामी सुभाष सिंह के नेतृत्व में झांकी रथ निकाला गया।
भंडारा और व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। पेयजल की व्यवस्था ओम सर द्वारा सुनिश्चित की गई।
सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश
यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने का माध्यम बना।

न्यूज़ देखो: बड़े आयोजन, बड़े संदेश
महुआडांड़ का यह सम्मेलन दिखाता है कि बड़े सामाजिक और धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने का काम करते हैं। लेकिन यह भी जरूरी है कि ऐसे आयोजनों से सकारात्मक संवाद और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिले। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकता से ही बनेगा मजबूत समाज
समाज की असली ताकत उसकी एकजुटता में होती है।
जरूरी है कि हम अपने मूल्यों और परंपराओं को समझें।
सकारात्मक सोच और सहयोग से ही विकास संभव है।
आइए, हम सभी मिलकर समाज को मजबूत बनाएं।
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