
#बानो #सिमडेगा #जनकल्याण : बढ़ती ठंड को देखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों ने घर-घर पहुंचाई सहायता।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत रायकेरा पंचायत क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के बीच जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंचायत समिति सदस्य और ग्राम सभा अध्यक्ष के नेतृत्व में यह पहल की गई। कार्यक्रम के तहत पंचायत क्षेत्र के विभिन्न गांवों में घर-घर जाकर बुजुर्ग और असहाय लोगों को कंबल वितरित किए गए। ठंड के मौसम में यह कदम ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है।
- रायकेरा पंचायत क्षेत्र में कंबल वितरण।
- कई गांवों और टोलों को किया गया कवर।
- बुजुर्ग और असहाय लाभुक शामिल।
- पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय पहल।
- ठंड से राहत का प्रयास।
बानो प्रखंड के रायकेरा पंचायत क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर को देखते हुए पंचायत स्तर पर जनकल्याणकारी पहल की गई। पंचायत समिति सदस्य एतवारी कुमारी और ग्राम सभा अध्यक्ष घनश्याम सिंह के नेतृत्व में पंचायत क्षेत्र के विभिन्न गांवों और टोलों में कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ठंड से सबसे अधिक प्रभावित बुजुर्ग, असहाय और जरूरतमंद लोगों को राहत प्रदान करना रहा।
इन गांवों और टोलों में पहुंची सहायता
कंबल वितरण कार्यक्रम के तहत नवाबंध, बरटोली, इंद डांड़ लुगुन टोली, बरलंगा, चैली दमाइर सहित रायकेरा पंचायत क्षेत्र के कई टोलों और गांवों में घर-घर जाकर लाभुकों को कंबल वितरित किए गए। पंचायत प्रतिनिधियों ने स्वयं मौके पर पहुंचकर जरूरतमंदों की पहचान की और उन्हें ठंड से बचाव के लिए कंबल उपलब्ध कराए।
इस पहल के दौरान विशेष रूप से ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी गई, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके पास ठंड से बचाव के पर्याप्त साधन नहीं हैं। ग्रामीण इलाकों में बढ़ती ठंड के कारण बुजुर्गों और असहाय लोगों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यह कार्यक्रम उनके लिए राहत का माध्यम बना।
25 जरूरतमंदों को मिला सीधा लाभ
इस कार्यक्रम के दौरान कुल 25 वृद्ध, असहाय, विधवा एवं विकलांग लाभुकों के बीच कंबलों का वितरण किया गया। लाभुकों में कई ऐसे लोग शामिल थे, जो अकेले रहते हैं या जिनका कोई स्थायी सहारा नहीं है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि पंचायत स्तर पर इस तरह की गतिविधियां न केवल राहत पहुंचाती हैं, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता को भी मजबूत करती हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों ने बताई जिम्मेदारी
कंबल वितरण के दौरान पंचायत समिति सदस्य एतवारी कुमारी और ग्राम सभा अध्यक्ष घनश्याम सिंह ने कहा कि इन दिनों ठंड काफी बढ़ चुकी है और शीतलहर का असर लगातार महसूस किया जा रहा है।
पंचायत समिति सदस्य एतवारी कुमारी और ग्राम सभा अध्यक्ष घनश्याम सिंह ने कहा:
“कड़ाके की ठंड को देखते हुए यह आवश्यक था कि पंचायत स्तर पर जरूरतमंद लोगों की मदद की जाए। गरीब, बुजुर्ग और असहाय लोगों की सहायता करना पंचायत की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
उन्होंने आगे कहा कि पंचायत की ओर से आगे भी इस तरह के जनकल्याणकारी कार्य जारी रखे जाएंगे, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके।
लाभुकों के चेहरे पर दिखी खुशी
कंबल पाकर लाभुकों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कई बुजुर्गों और असहाय लोगों ने पंचायत प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ठंड के इस मौसम में कंबल उनके लिए बहुत बड़ी मदद है।
ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय ठंड का प्रकोप काफी बढ़ जाता है और ऐसे में कंबल मिलने से उन्हें राहत मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं देखने को मिली और कंबल वितरण शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
स्थानीय स्तर पर सराहना
रायकेरा पंचायत क्षेत्र में इस पहल को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि खुद गांव-गांव जाकर जरूरतमंदों की मदद करते हैं, तो इससे लोगों का भरोसा और मजबूत होता है।
इस कार्यक्रम ने यह भी संदेश दिया कि पंचायत स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास भी जरूरतमंदों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, खासकर ठंड जैसे कठिन मौसम में।



न्यूज़ देखो: ठंड में संवेदनशील पहल की जरूरत
रायकेरा पंचायत में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर की गई पहलें समाज के कमजोर वर्गों के लिए कितनी महत्वपूर्ण होती हैं। पंचायत प्रतिनिधियों की यह सक्रियता अन्य क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण बन सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब जनप्रतिनिधि खुद आगे आते हैं, तब भरोसा बढ़ता है
ठंड के मौसम में बुजुर्गों और असहाय लोगों की मदद करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
रायकेरा पंचायत की यह पहल दिखाती है कि संवेदनशीलता और जिम्मेदारी साथ चलें तो राहत समय पर पहुंचती है।
आप भी अपने क्षेत्र में ऐसे प्रयासों का समर्थन करें।
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