
#बरवाडीह #शिक्षा : बभंडीह गांव के राजकीय मध्य विद्यालय में अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और एमडीएम की बेहतर व्यवस्था से बढ़ा विश्वास।
- राजकीय मध्य विद्यालय बभंडीह में बेहतर शैक्षणिक माहौल बना।
- प्रभारी प्रधानाध्यापक रामनाथ राम के नेतृत्व में समयबद्ध संचालन।
- मध्यान्ह भोजन योजना (एमडीएम) का नियमित व पारदर्शी क्रियान्वयन।
- पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार, कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान।
- स्वच्छता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर दिया जा रहा जोर।
बरवाडीह (लातेहार) प्रखंड के बभंडीह गांव स्थित राजकीय मध्य विद्यालय इन दिनों अपने सकारात्मक बदलाव को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक रामनाथ राम की निष्ठापूर्ण और जिम्मेदार कार्यशैली के कारण स्कूल का शैक्षणिक माहौल बेहतर हुआ है, जिसका सीधा लाभ बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी मिल रहा है। विद्यालय के संचालन में अनुशासन, समयपालन और पारदर्शिता ने अभिभावकों का भरोसा फिर से मजबूत किया है।
विद्यालय में पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ मध्यान्ह भोजन योजना (एमडीएम) का संचालन भी नियमित और सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। बच्चों को प्रतिदिन निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसकी निगरानी स्वयं प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा की जाती है। अभिभावकों का कहना है कि एमडीएम की बेहतर व्यवस्था के कारण बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति बढ़ी है और बच्चे अब पहले से अधिक उत्साह के साथ स्कूल आ रहे हैं।
समयबद्ध संचालन से लौटा अनुशासन
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, रामनाथ राम के प्रभारी प्रधानाध्यापक बनने के बाद विद्यालय की व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। पहले जहां समय पर विद्यालय नहीं खुलने, शिक्षकों की अनुपस्थिति और पढ़ाई में लापरवाही की शिकायतें आम थीं, वहीं अब विद्यालय नियमित रूप से समय पर खुलता है। शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन कर रहे हैं और कक्षाओं का संचालन पूरी तरह से समयबद्ध तरीके से हो रहा है।
पढ़ाई की गुणवत्ता पर विशेष फोकस
विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षक पाठ्यक्रम के अनुसार बच्चों को पढ़ा रहे हैं और कठिन विषयों को सरल भाषा में समझाने का प्रयास कर रहे हैं। बच्चों की शैक्षणिक प्रगति को परखने के लिए समय-समय पर आंतरिक मूल्यांकन किया जाता है। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें विशेष सहयोग दिया जा रहा है, ताकि कोई भी छात्र पढ़ाई में पीछे न रह जाए।
स्वच्छता और संस्कार पर भी जोर
अनुशासन और स्वच्छता को लेकर भी विद्यालय में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। विद्यालय परिसर, कक्षाओं और प्रांगण की नियमित सफाई कराई जा रही है। बच्चों को स्वच्छता, समय पालन, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का महत्व समझाया जा रहा है। प्रतिदिन की प्रार्थना सभा के माध्यम से बच्चों में संस्कार, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास की भावना विकसित की जा रही है।
अभिभावकों ने की सराहना
अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक रामनाथ राम की कार्यशैली की खुले दिल से सराहना की है। उनका कहना है कि वे एक कर्मठ, ईमानदार और जिम्मेदार शिक्षक हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इसी तरह विद्यालय का संचालन होता रहा, तो बभंडीह का यह सरकारी विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा और अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
प्रधानाध्यापक का संकल्प
इस संबंध में प्रभारी प्रधानाध्यापक रामनाथ राम ने कहा कि उनका उद्देश्य विद्यालय को एक आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बताया कि बच्चों का सर्वांगीण विकास ही उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए शिक्षक, अभिभावक और समाज के सहयोग से लगातार प्रयास किए जाते रहेंगे।
न्यूज़ देखो: सरकारी स्कूलों में उम्मीद की किरण
बभंडीह का राजकीय मध्य विद्यालय यह साबित कर रहा है कि सही नेतृत्व और ईमानदार प्रयास से सरकारी स्कूल भी उत्कृष्ट बन सकते हैं। शिक्षा में गुणवत्ता और अनुशासन ही भविष्य की मजबूत नींव है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा से सशक्त भविष्य
यदि शिक्षक, अभिभावक और समाज मिलकर काम करें, तो हर सरकारी विद्यालय बदलाव की कहानी लिख सकता है। ऐसे प्रयासों को सराहें, साझा करें और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाएं।





