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बरवाडीह अंचल में 15 वर्षों से अमीन का पद खाली, जमीन मापी कार्य प्रभावित

#बरवाडीह #प्रशासनिक_समस्या : 15 साल से अमीन की नियुक्ति नहीं, जमीन मापी कार्य ठप होने से रैयत परेशान
  • बरवाडीह अंचल विभाग में 15 वर्षों से अमीन का पद खाली
  • जमीन मापी का कार्य अस्थायी अमीन के भरोसे चल रहा है।
  • कई रैयतों की जमीन मापी लंबित, कार्य प्रभावित।
  • एकमात्र अस्थायी अमीन पर अत्यधिक कार्यभार
  • जमीन मालिकों को लंबा इंतजार, प्रक्रिया में देरी।

बरवाडीह (लातेहार) अंचल कार्यालय में पिछले 15 वर्षों से अमीन का नियमित पद खाली पड़ा है, जिसके कारण जमीन मापी के कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय से एक अस्थायी अमीन के सहारे ही पूरा मापी कार्य संचालित किया जा रहा है। सीमांकन और मापी जैसे तकनीकी कार्यों में अकेले कर्मचारी को भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जबकि रैयतों की लंबित फाइलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

15 वर्षों से पद खाली, प्रशासनिक कार्यों पर असर

अंचल विभाग में अमीन की नियुक्ति न होने का असर सीधे भूमि से जुड़े कार्यों पर पड़ रहा है। जमीन विवाद, सीमांकन, प्लॉट निर्धारण और आवेदन आधारित मापी के मामलों में देरी की वजह से रैयतों को महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों द्वारा कई बार मांग उठाए जाने के बावजूद पदस्थापना की प्रक्रिया अबतक पूर्ण नहीं हो सकी है।

अस्थायी अमीन पर बढ़ता बोझ

वर्तमान में अंचल कार्यालय में एक अस्थायी अमीन ही सभी मापी कार्य संभाल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अधिकांश मामलों में फील्ड सर्वे, पैमाइश और रिपोर्ट तैयार करने में लंबा समय लग जाता है, जिसके कारण कई रैयतों के आवेदन लंबित हैं। एक ही व्यक्ति द्वारा पूरे अंचल क्षेत्र की जिम्मेदारी निभाना कठिन हो गया है।

रैयतों को परेशानी, बढ़ता इंतजार

जमीन मापी नहीं होने से जमीन मालिकों के कार्य अटक जाते हैं—चाहे वह योजनाओं में आवेदन हो, भूमि विवाद निपटारा हो या निर्माण कार्य शुरू करना हो। कई ग्रामीणों ने बताया कि आवेदन देने के बाद भी महीनों तक पैमाइश के लिए तारीख तय नहीं हो पाती, जिससे उनका व्यक्तिगत और आर्थिक कार्य प्रभावित होता है।

न्यूज़ देखो: जमीन संबंधी कार्यों में कुशल मानवबल बेहद जरूरी

भूमि से जुड़े कार्य हर नागरिक के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, ऐसे में अमीन जैसे महत्वपूर्ण पद का 15 वर्षों तक खाली रहना प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है। क्या संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर रैयतों की बढ़ती परेशानी दूर करेगा? इस पदस्थापना को प्राथमिकता देना अब आवश्यक हो गया है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

समाधान की शुरुआत नियुक्ति से—जनहित में प्रशासन को तेजी लानी होगी

जमीन मापी से जुड़े कार्य सीधे लोगों के जीवन और विकास से जुड़े हैं। प्रशासन जितनी जल्दी अमीन की नियमित नियुक्ति करेगा, उतनी ही तेजी से रैयतों की समस्याएं दूर होंगी।
अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को साझा करें, ताकि मुद्दा संबंधित विभागों तक पहुंचे और जल्द समाधान हो सके।

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Akram Ansari

बरवाडीह, लातेहार

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