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बरसात में दरुआ गांव की सड़क बनी दलदल, राहगीरों की बढ़ी परेशानी

#पलामू #पाण्डु — बरसात में गांव से निकलने वाला एकमात्र रास्ता कीचड़ से भर गया, ग्रामीणों को हो रही भारी दिक्कत
  • तीसबर पंचायत के दरुआ गांव की सड़क पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील
  • बरसात में गाड़ियां और बाइक फंस रही हैं, स्कूली बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
  • जनप्रतिनिधियों को कई बार दी गई सूचना, लेकिन अब तक नहीं हुई कोई कार्रवाई
  • हर साल बरसात में यही हालत, ग्रामीणों को करनी पड़ती है भारी मशक्कत
  • गांव वालों ने प्रशासन से की पक्की सड़क निर्माण की मांग

कच्चे रास्ते में फंसी उम्मीदें, कीचड़ बना बरसात का स्थायी संकट

पलामू जिला के पाण्डु प्रखंड अंतर्गत तीसबर पंचायत के दरुआ गांव में बारिश के मौसम ने एक बार फिर ग्रामीणों की दैनिक जिंदगी को मुश्किल में डाल दिया है। गांव से बाहर निकलने वाला मुख्य रास्ता पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो चुका है, जिससे न केवल वाहन फंस रहे हैं, बल्कि पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

स्थानीय लोग बताते हैं कि गांव के लोग हर साल बरसात के समय इसी तरह की परेशानियों का सामना करते हैं, लेकिन अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

बाइक सवार, स्कूल जाने वाले बच्चे सबसे अधिक प्रभावित

ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना कीचड़ भरी राह से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार वे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उन्हें चोट भी लगती है। वहीं, बाइक और छोटी गाड़ियां कीचड़ में फंसकर घंटों तक खड़ी रह जाती हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।

जनप्रतिनिधियों से की गई शिकायत, लेकिन नहीं हुई सुनवाई

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इस सड़क को पक्की करवाने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई है।

एक ग्रामीण ने कहा:
“हर साल बरसात में यही होता है। हमलोगों को कीचड़ में चलना पड़ता है, बीमार पड़ जाएं तो अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है। जनप्रतिनिधियों को कई बार बताया, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा।”

बारिश में सड़क नहीं, लगता है खेत में चल रहे हैं

बारिश के मौसम में जब मिट्टी कीचड़ में बदल जाती है, तब यह रास्ता किसी खेत जैसा लगने लगता है। दोपहिया वाहन चलाना तो दूर की बात, पैदल चलने में भी लोगों को जूझना पड़ता है। जलजमाव और गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।

पक्की सड़क निर्माण की मांग तेज

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दरुआ गांव से निकलने वाले इस मुख्य मार्ग को शीघ्र पक्की सड़क में तब्दील किया जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो लोगों की समस्याएं और बढ़ेंगी, खासकर आपात स्थितियों में यह रास्ता जानलेवा भी साबित हो सकता है।

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न्यूज़ देखो: बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांवों की आवाज

न्यूज़ देखो की यह रिपोर्ट पलामू जैसे ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं को सामने लाने का प्रयास है, जहां सड़क जैसी मूलभूत सुविधा आज भी सपना बनी हुई है।
दरुआ गांव का कीचड़ भरा रास्ता न सिर्फ आवागमन में बाधा है, बल्कि स्थानीय शासन की उदासीनता का भी प्रमाण है।
प्रशासन को चाहिए कि वह इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाए, ताकि लोगों को हर साल ऐसी परेशानी न झेलनी पड़े।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आइए, हम सब मिलकर बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में आवाज उठाएं।
आप भी अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट करें, इस खबर को रेट करें और अपने दोस्तों व परिवारजनों से जरूर शेयर करें ताकि ये मुद्दा प्रशासन तक पहुंचे।

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