
#जारी #गुमला #राममंदिर_उत्सव : डुमरटोली में कलश यात्रा, पूजा, धर्मसभा और भंडारे के साथ दो दिवसीय आयोजन सम्पन्न।
गुमला जिले के जारी प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर खंड के डुमरटोली गांव में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का द्वितीय वार्षिकोत्सव गुरुवार को भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धर्मसभा में भाग लिया। लावा नदी से जल उठाकर मंदिर परिसर में विधिवत जलाभिषेक किया गया। आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपरा को सशक्त संदेश दिया।
- डुमरटोली, गोविंदपुर खंड में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे।
- लावा नदी से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा।
- प्रभु श्रीराम की चरण पादुका व वट वृक्ष पर विधिवत जलाभिषेक।
- विश्व हिंदू परिषद के जिला सह मंत्री ने धर्मसभा को किया संबोधित।
- आयोजन के समापन पर महाप्रसाद और भंडारे का आयोजन।
गुमला जिले के जारी प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर खंड का डुमरटोली गांव गुरुवार को पूरी तरह राममय वातावरण में डूबा नजर आया। श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर यहां श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने पर भव्य धार्मिक आयोजन किया गया, जिसमें गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
कलश यात्रा से हुआ उत्सव का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः भव्य कलश यात्रा से हुई। सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में राम नाम के जयकारे लगाते हुए लावा नदी पहुंचे। वहां विधि-विधान के साथ पवित्र जल कलश में भरकर श्रद्धालु डुमरटोली स्थित श्रीराम मंदिर परिसर पहुंचे। पूरे मार्ग में भजन, कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम की चरण पादुका एवं मंदिर प्रांगण में स्थित वट वृक्ष पर विधिवत जलाभिषेक किया। इसके पश्चात मंदिर परिसर में सामूहिक पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन हुआ, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया।
पूजा, भजन और सामूहिक आरती में उमड़ा जनसैलाब
पूजा-अर्चना के दौरान गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की समान भागीदारी देखने को मिली। भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत राम भजनों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। सामूहिक आरती के समय मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और हर ओर राम भक्ति की गूंज सुनाई दी।
धर्मसभा में सनातन एकता का संदेश
पूजा-अर्चना के उपरांत मंदिर परिसर में एक भव्य धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिला सह मंत्री सकलदीप नाथ शाहदेव मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा:
सकलदीप नाथ शाहदेव ने कहा: “श्रद्धा और निःस्वार्थ भाव से समाज, देश और सनातन धर्म के हित में आगे आना हम सभी का दायित्व है। आज यदि आप धर्म की रक्षा करते हैं, तो आने वाले समय में धर्म आपकी रक्षा करेगा। सभी को एकजुट होकर सनातन धर्म को आगे बढ़ाने का कार्य करना चाहिए और प्रभु श्रीराम के बताए मार्ग पर चलना चाहिए।”
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से सामाजिक समरसता, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने की अपील की।
भंडारे और प्रसाद वितरण के साथ समापन
धर्मसभा के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। इसके साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति की ओर से भंडारे की सुव्यवस्था की गई थी, जिससे सभी श्रद्धालुओं को सहज रूप से प्रसाद प्राप्त हो सका।
आयोजन में ये प्रमुख लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष धनी नगेसिया, हरिहर सिंह, बसंत खेरवार, चंद्रेश्वर खेरवार, अमरदीप नाथ शाहदेव, विक्रम नाथ शाहदेव, अर्जुन खेरवार, विजय सिंह, रंथु खेरवार, प्रीतम नगेसिया, बीरबल नायक, धिरजा नायक, करमन लोहरा, राजेश लोहरा, रमेश लोहरा, बिहारू ग्यार, बुधराम कुम्हार, नामुल कुम्हार, मंतु भगत, संदीप ग्यार, फुलमनी शाहदेव, सीमा देवी, सतरूपा शाहदेव, पूनम शाहदेव, लीलावती देवी, राजो देवी, विद्यावती देवी, फुलसिता नागवंशी, सताक्षी कुमारी, सनम कुमारी सहित सैकड़ों सनातनी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
गांव में दिखा उत्सव जैसा माहौल
पूरे दिन डुमरटोली गांव में उत्सव का माहौल बना रहा। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। आयोजन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला और सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाया।
न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक एकता की मिसाल
डुमरटोली में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का यह द्वितीय वार्षिकोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरा। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी बताती है कि गांवों में सनातन परंपराएं आज भी लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही हैं। ऐसे आयोजनों से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है।
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श्रद्धा से जुड़ें, संस्कारों को आगे बढ़ाएं
धार्मिक आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। ऐसे अवसरों पर सहभागिता कर नई पीढ़ी को संस्कार, एकता और सेवा का संदेश देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
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