#पाण्डु #इंफ्रास्ट्रक्चर : बेलहारा का जर्जर पुल बना खतरा, भारी वाहनों की आवाजाही जारी।
पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड स्थित बेलहारा गांव का जर्जर पुल इन दिनों बड़े हादसे को दावत दे रहा है। पुल के पिलरों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, फिर भी भारी वाहनों का आवागमन जारी है। ग्रामीणों में डर का माहौल है और प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने जल्द जांच और नए पुल निर्माण की मांग की है।
- बेलहारा गांव का जर्जर पुल बना जानलेवा खतरा।
- पिलरों में गहरी दरारें, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा।
- रोजाना बस, हाईवा, ट्रैक्टर का आवागमन जारी।
- 2024 की भारी बारिश में पुल को हुआ था गंभीर नुकसान।
- ग्रामीणों ने जांच और नए पुल निर्माण की उठाई मांग।
पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड अंतर्गत बेलहारा गांव में स्थित पुल की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। पुल के पिलरों में पड़ी चौड़ी और गहरी दरारें साफ तौर पर इसकी कमजोर स्थिति को दर्शाती हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
2024 की बारिश के बाद बढ़ी समस्या
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2024 में हुई भारी बारिश के दौरान यह पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। उस समय पुल के दो पिलरों में बड़ी दरारें पड़ गई थीं, जिसके बाद से अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
हालात यह हैं कि समय के साथ पुल की स्थिति और भी खराब होती जा रही है, जिससे लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
भारी वाहनों से बढ़ रहा खतरा
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जर्जर हालत के बावजूद इस पुल से रोजाना भारी वाहनों का आवागमन जारी है। बसें, हाईवा, ट्रैक्टर और अन्य मालवाहक गाड़ियां बिना किसी रोक-टोक के इस पुल से गुजर रही हैं।
हर बार जब कोई भारी वाहन पुल से गुजरता है, तो आसपास मौजूद लोगों की सांसें थम जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।
2006 में बना था पुल, अब हो चुका कमजोर
जानकारी के मुताबिक यह पुल वर्ष 2006 में बनाया गया था। लगभग दो दशक बाद अब इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। तस्वीरों में साफ दिखता है कि पुल का ढांचा कमजोर पड़ चुका है और पिलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं।
ऐसे में बिना तकनीकी जांच के इस पुल पर भारी वाहनों का आवागमन जारी रहना एक गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।
नेता ने उठाई जांच और निर्माण की मांग
इस मामले पर वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मदेव सिंह यादव ने सरकार से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुल की तकनीकी जांच कराकर नए सिरे से टेंडर जारी किया जाए और जल्द से जल्द नए पुल का निर्माण कराया जाए।
उन्होंने कहा: “लोगों की जान जोखिम में है, ऐसे में प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और स्थायी समाधान निकालना चाहिए।”
ग्रामीणों में डर का माहौल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुल से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है। स्कूली वाहन, यात्री बसें और मालवाहक गाड़ियां इसी रास्ते से गुजरती हैं, जिससे खतरा और भी बढ़ जाता है।
ग्रामीणों का मानना है कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पुल की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए और मरम्मत या पुनर्निर्माण की ठोस व्यवस्था की जाए।
साथ ही यह भी मांग की गई है कि जब तक पुल को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जाए।
न्यूज़ देखो: लापरवाही कहीं भारी न पड़ जाए
बेलहारा का यह जर्जर पुल प्रशासनिक उदासीनता की एक बड़ी मिसाल बनता जा रहा है। सवाल यह है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी? समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यह पुल किसी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें — प्रशासन जागे, यही मांग
सड़क और पुल जैसे बुनियादी ढांचे की अनदेखी सीधे लोगों की जान से जुड़ी होती है।
अब वक्त है कि प्रशासन जागे और इस गंभीर समस्या का समाधान करे।
आप भी अपने क्षेत्र की ऐसी समस्याओं को सामने लाएं और जिम्मेदारों तक पहुंचाएं।
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