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गिरिडीह के 344 पंचायतों में एक साथ झलका उत्सव का जोश — मनरेगा के तहत प्रभात फेरी और जनजागरूकता कार्यक्रमों से गूंजा पूरा जिला

#गिरिडीह #स्थापना_दिवस : झारखंड की रजत जयंती पर 11 से 15 नवंबर तक मनरेगा के तहत जनभागीदारी और विकास का पर्व
  • झारखंड स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर गिरिडीह जिले के सभी 344 पंचायतों में प्रभात फेरी का आयोजन।
  • 11 से 15 नवंबर तक रजत जयंती समारोह के रूप में आयोजित होंगे जन-जागरूकता और विकास कार्यक्रम।
  • मनरेगा मजदूरों और लाभुकों को दी गई रोजगार और सरकारी योजनाओं की जानकारी
  • विशेष ग्राम सभाओं, रोजगार दिवस, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा हर पंचायत।
  • जिला प्रशासन और सभी विभागों के समन्वय से मनाया गया यह ऐतिहासिक आयोजन।

झारखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती वर्षगांठ पर गिरिडीह जिले के 344 पंचायतों में मनरेगा के बैनर तले प्रभात फेरी और विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। 11 से 15 नवंबर तक चलने वाले इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य है — जन-जागरूकता बढ़ाना, ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देना और विकास की गति को पंचायत स्तर तक मजबूत बनाना।

प्रभात फेरी बनी जन-जागरूकता का प्रतीक

सुबह की ताजी हवा में जब गांवों की गलियों से “हर हाथ को काम, गांव में खुशहाली का नाम” जैसे नारे गूंजे,
तो हर ओर झारखंडी गौरव और आत्मनिर्भरता की भावना दिखाई दी।
मनरेगा के तहत निकाली गई इन प्रभात फेरियों में महिला स्वयं सहायता समूहों की दीदियों, श्रमिकों, पंचायत प्रतिनिधियों और छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
जुलूसों में नारे, गीत, बैनर और झंडों के साथ राज्य की एकता और विकास का संदेश प्रसारित किया गया।

विकास और भागीदारी के संगम में डूबा गिरिडीह

प्रभात फेरी के साथ-साथ विशेष ग्राम सभाएं, रोजगार दिवस, और शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित हुए।
इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी, नए जॉब कार्ड वितरण, और रोजगार के अवसरों के बारे में बताया गया।
इसके अतिरिक्त पंचायतों में पारंपरिक नृत्य, खेलकूद प्रतियोगिताएं, परिसंपत्तियों का वितरण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
इन आयोजनों ने ग्रामीण अंचल में एक उत्सव और जनभागीदारी का माहौल बना दिया।

प्रशासन की सक्रिय भूमिका और व्यापक तैयारी

गिरिडीह जिला प्रशासन ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के समन्वय से तैयारी की।
मनरेगा कर्मी, मेट, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक और स्थानीय प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका रही।
प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि हर पंचायत तक योजना की पारदर्शिता और भागीदारी का संदेश पहुंचे।

न्यूज़ देखो: झारखंड की रजत जयंती — विकास की नई रौशनी

गिरिडीह में आयोजित यह सामूहिक आयोजन राज्य की 25 साल की विकास यात्रा का जीवंत प्रमाण है।
मनरेगा के माध्यम से “काम, सम्मान और आत्मनिर्भरता” का जो संदेश दिया गया है, वह ग्रामीण झारखंड को नए युग में प्रवेश दिला रहा है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

विकास की दौड़ में हर झारखंडी साथ चले

अब समय है कि हम सब मिलकर झारखंड की इस रजत जयंती को जनभागीदारी और आत्मनिर्भरता के संकल्प के रूप में मनाएं।
हर पंचायत, हर गांव और हर हाथ को काम देने के इस प्रयास में अपनी भूमिका निभाएं।
अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को शेयर करें ताकि झारखंड की यह प्रेरणादायक कहानी हर कोने तक पहुंचे।

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह

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