
#कोलेबिरा #धार्मिक_आयोजन : लचरागढ़ में 251 महिलाओं की भागीदारी के साथ भव्य कलश यात्रा निकली।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत लचरागढ़ ब्राह्मण टोली स्थित शिव मंदिर परिसर से तीन दिवसीय अखंड हरी कीर्तन सह यज्ञ महोत्सव की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। धार्मिक आयोजन में 251 महिलाएं सिर पर कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुईं और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। ब्राह्मण तालाब से पवित्र जल भरकर श्रद्धालुओं ने पूरे गांव में भक्ति यात्रा निकाली, जिससे वातावरण पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग गया। यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक एकता और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया है।
- कोलेबिरा प्रखंड के लचरागढ़ ब्राह्मण टोली शिव मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा के साथ तीन दिवसीय यज्ञ महोत्सव का शुभारंभ।
- 251 महिलाएं सिर पर कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुईं, पूरे मार्ग में गूंजे हरि नाम संकीर्तन और हर हर महादेव के जयकारे।
- पंडित जगरनाथ पंडा, भरतु दुबे, प्रमोद पंडा, प्रदीप पंडा, गोवर्धन दास, नथन पंडा, रंजित पंडा और मदन पंडा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई।
- यज्ञ के यजमान नंदकिशोर साहू और उनकी धर्मपत्नी बसंती देवी ने धार्मिक अनुष्ठान की मुख्य भूमिका निभाई।
- 07 मार्च सुबह 6 बजे नामकरण संस्कार के साथ अखंड हरी कीर्तन तथा 08 मार्च को पूर्णाहुति और महाभंडारा के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
- आयोजन को सफल बनाने में शिव शक्ति महिला समूह और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी।
कोलेबिरा प्रखंड क्षेत्र के लचरागढ़ बस्ती ब्राह्मण टोली स्थित शिव मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब तीन दिवसीय अखंड हरी कीर्तन सह यज्ञ महोत्सव की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु, महिलाएं, पुरुष, युवक, युवतियां और बच्चे धार्मिक शोभायात्रा में शामिल हुए। पूरे गांव में भक्ति गीत, कीर्तन और जयघोष से माहौल आध्यात्मिक हो उठा। आयोजन में 251 महिलाओं की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
भव्य कलश यात्रा से हुआ यज्ञ महोत्सव का शुभारंभ
लचरागढ़ ब्राह्मण टोली स्थित शिव मंदिर परिसर से कलश यात्रा का शुभारंभ किया गया। श्रद्धालुओं का समूह मंदिर परिसर से निकलकर लचरागढ़ प्रिंस चौक होते हुए जलडेगा रोड स्थित ब्राह्मण तालाब तक पहुंचा। यहां विधि-विधान के साथ कलशों में पवित्र जल भरा गया।
पूरे मार्ग में श्रद्धालु हरि नाम संकीर्तन और हर हर महादेव के जयघोष के साथ आगे बढ़ते रहे। भगवा ध्वज लिए श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए गांव के विभिन्न मार्गों से होकर यज्ञ स्थल तक पहुंचे। इस दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और धार्मिक गीतों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुई पूजा-अर्चना
यज्ञ स्थल पर पहुंचने के बाद पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई गई। इस धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न कराने में पंडित जगरनाथ पंडा, भरतु दुबे, प्रमोद पंडा, प्रदीप पंडा, गोवर्धन दास, नथन पंडा, रंजित पंडा और मदन पंडा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन सभी पुरोहितों ने पारंपरिक वैदिक विधि से पूजा कराकर कलश स्थापना और यज्ञ प्रारंभ की प्रक्रिया पूरी कराई।
पंडित जगरनाथ पंडा ने कहा: “धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश देता है। ऐसे यज्ञ और कीर्तन से गांव में आध्यात्मिक वातावरण बनता है और लोगों के बीच भाईचारा मजबूत होता है।”
यजमान के रूप में नंदकिशोर साहू दंपति निभा रहे भूमिका
इस यज्ञ महोत्सव में नंदकिशोर साहू और उनकी धर्मपत्नी बसंती देवी यजमान की भूमिका निभा रहे हैं। दोनों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान से गांव की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं ने कलश में भरे पवित्र जल से शिव मंदिर में जलाभिषेक भी किया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर भक्ति गीतों और कीर्तन के साथ आयोजन को यादगार बना दिया।
दूसरे दिन से अखंड हरी कीर्तन का शुभारंभ
आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम के दूसरे दिन 07 मार्च, शनिवार को सुबह 6:00 बजे नामकरण संस्कार के साथ अखंड हरी कीर्तन का शुभारंभ किया जाएगा। इस कीर्तन में लगातार भजन और संकीर्तन के माध्यम से भगवान के नाम का स्मरण किया जाएगा।
गांव के विभिन्न कीर्तन मंडलियां और श्रद्धालु इसमें भाग लेकर धार्मिक वातावरण को और अधिक पवित्र बनाएंगे।
अंतिम दिन पूर्णाहुति, नगर भ्रमण और महाभंडारा
कार्यक्रम के अंतिम दिन 08 मार्च, रविवार को यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा। इस दिन विशेष पूजा-अर्चना के बाद नगर भ्रमण निकाला जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए महाभंडारा का आयोजन किया जाएगा।
आयोजन समिति का मानना है कि इस धार्मिक कार्यक्रम से गांव में एकता, सहयोग और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा।
शिव शक्ति महिला समूह और ग्रामीणों की अहम भूमिका
इस भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में शिव शक्ति महिला समूह और गांव के ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। महिलाओं ने कलश यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजन की व्यवस्था में भी सक्रिय सहयोग दिया।
आयोजन समिति ने क्षेत्र के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर यज्ञ को सफल बनाने की अपील की है।
न्यूज़ देखो: आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक बना आयोजन
लचरागढ़ में आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम केवल पूजा-अर्चना का अवसर नहीं है, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का उदाहरण भी है। जब गांव के लोग मिलकर ऐसे आयोजन करते हैं तो यह समाज में भाईचारे और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। 251 महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन की विशेषता रही, जिसने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक शक्ति का भी संदेश दिया। ऐसे आयोजन यह सवाल भी उठाते हैं कि क्या हम अपनी परंपराओं और सामूहिक संस्कृति को इसी तरह आगे बढ़ाते रहेंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था और एकता से मजबूत बनता है समाज
धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह समाज को जोड़ने का भी माध्यम बनते हैं। जब गांव के लोग मिलकर ऐसे कार्यक्रम करते हैं तो नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
लचरागढ़ में आयोजित यह यज्ञ महोत्सव हमें यह संदेश देता है कि सामूहिक प्रयास से किसी भी आयोजन को भव्य और सफल बनाया जा सकता है। यदि समाज के लोग इसी तरह सहयोग और सहभागिता की भावना बनाए रखें तो सामाजिक विकास और सांस्कृतिक समृद्धि दोनों संभव हैं।






