
#कोलेबिरा #रामनवमी_महोत्सव : भव्य झांकियों और वादन प्रतियोगिता से गूंजा पूरा क्षेत्र।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड में दो दिवसीय श्री रामनवमी महोत्सव की विधिवत शुरुआत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुई। रनबहादुर सिंह चौक स्थित महाबीर मंदिर के समीप आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न अखाड़ों ने झांकी और वादन प्रस्तुतियां दीं। प्रतियोगिता में श्री राम अखाड़ा नवाटोली ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। आयोजन क्षेत्रीय सांस्कृतिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा।
कोलेबिरा प्रखंड में दो दिवसीय रामनवमी महोत्सव का शुभारंभ।
महाबीर मंदिर, रनबहादुर सिंह चौक पर आयोजित भव्य झांकी प्रदर्शन।
श्री राम अखाड़ा नवाटोली ने प्राप्त किया प्रथम स्थान।
26 मार्च को वादन प्रतियोगिता, 27 मार्च को निकलेगा जुलूस।
पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण सम्पन्न।
सिमडेगा (कोलेबिरा): मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर कोलेबिरा प्रखंड में दो दिवसीय श्री रामनवमी महोत्सव का आयोजन अत्यंत भक्ति भाव, उत्साह और अनुशासन के साथ किया गया। श्री रामनवमी पूजा समिति के पदाधिकारियों और संरक्षकों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महोत्सव का आयोजन रनबहादुर सिंह चौक स्थित महाबीर मंदिर के समीप किया गया, जहां क्षेत्रभर से श्रद्धालु और प्रतिभागी जुटे।
भव्य झांकियों से भक्तिमय हुआ वातावरण
महोत्सव के पहले दिन विभिन्न अखाड़ों द्वारा भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी मनमोहक झांकियों की प्रस्तुति दी गई। इन झांकियों में धार्मिक कथाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत रूप में दर्शाया गया। पूरे क्षेत्र में “जय श्री राम” के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए।
ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे अखाड़ों का प्रदर्शन
कार्यक्रम में कोलेबिरा प्रखंड के अलग-अलग गांवों और मोहल्लों से आए अखाड़ों ने अपनी कला, शौर्य और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया। शाम करीब 5 बजे से ही विभिन्न अखाड़ों के दल रणबहादुर सिंह चौक की ओर बढ़ने लगे। महावीरी झंडों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ निकले जुलूसों ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया।
वादन प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा
26 मार्च की पूर्व संध्या पर अखाड़ों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वादन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने ढोल, नगाड़ा और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों के माध्यम से अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
निर्णायक मंडली ने प्रस्तुति, अनुशासन, तालमेल और झांकी की भव्यता के आधार पर विजेताओं का चयन किया।
विजेताओं की सूची और सम्मान
प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए—
- प्रथम स्थान: श्री राम अखाड़ा नवाटोली
- द्वितीय स्थान: रामनवमी अखाड़ा धोबी मोहल्ला
- तृतीय स्थान: शौर्य केसरी अखाड़ा बरवाडीह
- चौथा स्थान: शिव अखाड़ा बोंगराम
विजेताओं को नगद राशि, ट्रॉफी और पारंपरिक शस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अन्य सभी प्रतिभागी अखाड़ों को भी सांत्वना पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
अखाड़ों की व्यापक भागीदारी
इस आयोजन में श्री राम अखाड़ा नवाटोली, रामनवमी अखाड़ा धोबी मोहल्ला, रामनवमी अखाड़ा बरवाडीह, शिव अखाड़ा बोंगराम, बजरंगी अखाड़ा बोकबा, महादेव अखाड़ा केंदुपानी, भीम अखाड़ा जामटोली, दुर्गा वाहिनी नवाटोली और हनुमान अखाड़ा गोंदल टोली सहित कई दलों ने भाग लिया।
दुर्गा वाहिनी नवाटोली की भागीदारी ने महिला सशक्तिकरण का भी सशक्त संदेश दिया, वहीं बजरंगी और महादेव अखाड़ा के पारंपरिक करतबों ने लोगों को खासा आकर्षित किया।
प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण आयोजन
कार्यक्रम के दौरान कोलेबिरा थाना प्रभारी हर्ष कुमार शाह के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। इससे स्थानीय प्रशासन की तत्परता और जिम्मेदारी का भी परिचय मिला।
समिति और पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका
आयोजन को सफल बनाने में समिति के संरक्षक और पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में संरक्षक पुरुषोत्तम प्रसाद, उपेंद्र प्रसाद, प्रदीप डे, रंजित कुमार, दिलेश्वर सिंह, जनेश्वर बिल्हौर, केदारनाथ सोनी, विनोद कुमार डब्ल्यू, सुबोध कुमार, अध्यक्ष चंदन कुमार, उपाध्यक्ष अभिषेक प्रसाद, धनंजय जा, प्रिंस कुमार सोनी, राहुल गुप्ता, सचिव अशोक इंदवार, सह सचिव सुमंत कुमार, कोषाध्यक्ष अशोक गुप्ता सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा राजेश सोनी, राहुल कुमार, डोला, सुनिल साह, आश्रित इंदवार, सुजित प्रसाद, सहदेव प्रसाद, रमेश सिंह, राजेश साहू, सोनू कुमार, प्रवीण कुमार, कृष्णा दास, योगेश सोनी, विक्रांत गोस्वामी और पारसनाथ सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
रामनवमी का संदेश और अपील
समिति के अध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा:
“रामनवमी का पर्व हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देता है। हमें इस पर्व को भाईचारे और शांति के साथ मनाना चाहिए।”
उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि त्योहार के दौरान अनुशासन बनाए रखें और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करें।
दूसरे दिन निकलेगा भव्य जुलूस
महोत्सव के दूसरे दिन 27 मार्च को हनुमान पताका के साथ भव्य रामनवमी जुलूस निकाला जाएगा। इस जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
भंडारे में उमड़ा जनसैलाब
कार्यक्रम के समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक बनकर उभरा।
न्यूज़ देखो: परंपरा और एकता का जीवंत संगम
कोलेबिरा का यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का सशक्त प्रदर्शन है। जिस तरह से विभिन्न अखाड़ों और समुदायों ने मिलकर इसे सफल बनाया, वह क्षेत्रीय एकजुटता का उदाहरण है। प्रशासन और समिति की सक्रियता भी सराहनीय रही। अब सवाल यह है कि क्या ऐसे आयोजनों को और व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ जिम्मेदारी भी निभाएं
रामनवमी का यह पावन पर्व हमें सिर्फ उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का संदेश देता है। ऐसे आयोजनों में हमारी भागीदारी केवल दर्शक की नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक की होनी चाहिए।
अपने आसपास शांति, सौहार्द और सहयोग का माहौल बनाए रखें। त्योहारों को विवाद नहीं, बल्कि एकता का माध्यम बनाएं।
आपकी छोटी-सी सजगता बड़े बदलाव ला सकती है।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में अपनी भागीदारी निभाएं।






