News dekho specials
Giridih

महुआ टांड़ से पीरटांड़ तक गूंजेगा महिला अधिकारों का स्वर, 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की तैयारी तेज

#गिरिडीह #महिला_दिवस : माले कार्यालय में बैठक, कई प्रखंडों में आयोजन की घोषणा।

गिरिडीह जिले के महुआ टांड़ प्रखंड कार्यालय में 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने को लेकर बैठक आयोजित की गई। माले नेताओं ने नगर, महुआ टांड़ और पीरटांड़ प्रखंड में कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की। बैठक में दर्जनों महिलाओं ने भाग लेकर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर सहमति जताई। महिला संगठन को मजबूत करने और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • 8 मार्च को महुआ टांड़, नगर और पीरटांड़ प्रखंड में महिला दिवस कार्यक्रम।
  • बैठक में हेमवती देवी, लीला देवी, बलसुमी देवी सहित दर्जनों महिलाएं शामिल।
  • महिला संगठन एप्वा को मजबूत करने पर जोर।
  • राजेश सिन्हा ने राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई।
  • अजीत राय ने पीरटांड़ व मधुबन क्षेत्र में भी आयोजन की घोषणा की।

गिरिडीह जिले में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। महुआ टांड़ स्थित माले प्रखंड कार्यालय में आयोजित बैठक में 8 मार्च को महिला दिवस मनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने घोषणा की कि नगर, महुआ टांड़ और पीरटांड़ प्रखंड सहित मधुबन क्षेत्र में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने आयोजन को लेकर उत्साह का संकेत दिया।

महुआ टांड़ कार्यालय में हुई अहम बैठक

माले नेता कन्हाई पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रखंड कार्यालय महुआ टांड़ में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के आयोजन को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में दर्जनों महिलाओं ने भाग लिया।

बैठक में उपस्थित महिलाओं में हेमवती देवी, लीला देवी, बलसुमी देवी, गीता देवी, कसनी देवी, गुलाब देवी, शांति देवी, सोनारी देवी सहित अन्य शामिल रहीं। वहीं गुलाब कोल, लखन कोल, भीम कोल, मसूदन कोल भी बैठक में मौजूद थे।

नेताओं ने कहा कि इस बार महिला दिवस को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे महिला अधिकारों और भागीदारी के सशक्त मंच के रूप में मनाया जाएगा।

राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर

माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि सामाजिक कार्यों में महिलाओं की भागीदारी लगभग 100 प्रतिशत है, लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता को और बढ़ाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा:

“महिलाओं को हर गांव में जोड़कर उनकी समस्याओं को मुद्दा बनाना होगा और संबंधित विभागों के समक्ष आंदोलन की जरूरत है। महिलाओं को लाल झंडा थमाकर राजनीतिक और अधिकारों की लड़ाई के लिए प्रशिक्षित करना होगा।”

News dekho specials

उन्होंने महिला सुरक्षा, अधिकार और नेतृत्व क्षमता के विकास के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की बात कही।

संगठन विस्तार और एप्वा को मजबूत करने की रणनीति

माले नेता कन्हाई पांडेय और मसूदन कोल ने कहा कि प्रखंड कार्यालय की यह बैठक पूरे गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में सकारात्मक संदेश देगी।

उन्होंने कहा:

“गिरिडीह की महिलाओं को अपने मुद्दों पर हल्ला बोल करना होगा। माले के महिला संगठन एप्वा में सभी महिलाओं को जोड़कर संगठन को मजबूत किया जाएगा।”

इस प्रस्ताव पर लखन कोल और भीम कोल सहित प्रखंड कमिटी के सदस्यों ने सहमति जताई।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महिला दिवस के अवसर पर गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और महिलाओं को सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर एकजुट किया जाएगा।

नगर और पीरटांड़ क्षेत्र में भी आयोजन

माले नेत्री प्रीति भास्कर ने कहा कि नगर कमिटी भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाएगी। इसके लिए तैयारी और बैठक की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि सारा साहिन के साथ दर्जनों महिलाओं को जोड़कर बैठक आयोजित की जाएगी और कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी।

वहीं माले नेता अजीत राय ने घोषणा की कि पीरटांड़ और मधुबन क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि होली से पहले ही तैयारी शुरू कर दी जाएगी, ताकि कार्यक्रम व्यापक और प्रभावशाली हो सके।

महिला मुद्दों को केंद्र में रखने की पहल

बैठक में महिलाओं से जुड़ी समस्याओं जैसे सुरक्षा, अधिकार, रोजगार और सामाजिक सम्मान के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही गई। नेताओं ने कहा कि महिला दिवस केवल एक प्रतीकात्मक दिवस नहीं, बल्कि अधिकारों और समानता के लिए संघर्ष का अवसर है।

महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और संगठनात्मक मजबूती से ही सामाजिक परिवर्तन संभव है, इस बात पर बैठक में सर्वसम्मति बनी।

न्यूज़ देखो: क्या महिला दिवस बनेगा अधिकारों की नई शुरुआत

महुआ टांड़ की बैठक से यह स्पष्ट है कि महिला दिवस को इस बार व्यापक स्तर पर मनाने की तैयारी है। सवाल यह है कि क्या यह आयोजन महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और जमीनी मुद्दों को वास्तव में आगे बढ़ा पाएगा? यदि प्रशिक्षण, संगठन विस्तार और विभागीय स्तर पर संवाद की पहल होती है, तो यह सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। अब नजर 8 मार्च के कार्यक्रमों और उनकी प्रभावशीलता पर रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ाएं कदम

महिला दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि अधिकार और समानता का संकल्प है। जब महिलाएं संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करती हैं, तभी समाज में वास्तविक बदलाव आता है।

जरूरत है कि हर गांव, हर मोहल्ले में महिलाएं अपनी समस्याओं पर खुलकर बात करें और समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।

आप भी इस पहल का हिस्सा बनें।
अपनी राय कमेंट में लिखें, खबर को साझा करें और महिला अधिकारों की आवाज को मजबूत बनाने में सहयोग दें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Saroj Verma

दुमका/देवघर

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: