#बरवाडीह #पेयजल_संकट : केचकी पंचायत में समस्या—स्कूल में महीनों से पानी नहीं, बच्चों की सेहत पर खतरा।
लातेहार के बरवाडीह प्रखंड के कंचनपुर स्कूल में पेयजल संकट गहरा गया है। जलमीनार खराब होने से बच्चों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापक ने मोटर खराब होने की बात कही। ग्रामीणों ने जल्द समाधान की मांग की है।
- कंचनपुर स्कूल में जलमीनार कई महीनों से खराब।
- बच्चों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा।
- कुश कुमार पांडे (प्रधानाध्यापक) ने मोटर खराब बताया।
- मिड डे मील के पानी पर स्पष्ट जवाब नहीं।
- ग्रामीणों ने तत्काल समाधान की मांग की।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत केचकी पंचायत के कंचनपुर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पेयजल की गंभीर समस्या सामने आई है। स्कूल परिसर में लगा जलमीनार पिछले कई महीनों से खराब पड़ा है, जिससे बच्चों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
यह स्थिति न केवल बच्चों की पढ़ाई बल्कि उनके स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनती जा रही है।
जलमीनार खराब, बच्चे परेशान
विद्यालय में पानी की व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाने से छात्र-छात्राओं को खुद पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है।
एक अभिभावक ने कहा: “बच्चों को स्कूल में पानी तक नहीं मिल रहा, यह बेहद चिंताजनक है।”
प्रधानाध्यापक का जवाब
विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुश कुमार पांडे ने बताया—
“जलमीनार की मोटर का स्टार्टर जल गया है, उसे ठीक कराने का प्रयास किया गया है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली।”
मिड डे मील पर भी सवाल
जब मध्यान भोजन के लिए पानी की व्यवस्था के बारे में पूछा गया, तो प्रधानाध्यापक ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
कुश कुमार पांडे ने कहा: “रसोइया कहीं से भी पानी लाकर भोजन बनाती होगी।”
उनका यह बयान विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करता है।
बच्चों की सेहत पर खतरा
बच्चों को बाहर से पानी लाने की मजबूरी उनकी सेहत के लिए भी जोखिम भरी हो सकती है।
एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा: “गंदा पानी पीने से बच्चे बीमार पड़ सकते हैं।”
जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विभागीय लापरवाही करार दिया।
एक जनप्रतिनिधि ने कहा: “विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना जरूरी है।”
जांच और सुधार की मांग
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल में पेयजल सहित सभी बुनियादी सुविधाओं की जांच की जाए और जल्द समाधान किया जाए।
पढ़ाई पर भी असर
पेयजल संकट के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, जिससे उनकी शिक्षा पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
न्यूज़ देखो: सुविधा के बिना शिक्षा अधूरी
कंचनपुर स्कूल की यह स्थिति दिखाती है कि बुनियादी सुविधाओं के बिना शिक्षा व्यवस्था अधूरी है। अब जरूरी है कि प्रशासन इस पर तुरंत कार्रवाई करे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों के अधिकार सुनिश्चित करें
पानी हर बच्चे का अधिकार है।
स्कूल में बुनियादी सुविधाएं जरूरी हैं।
जागरूकता से ही बदलाव संभव है।
आइए, हम बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाएं।
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