कोड़ी गांव में जलछाजन विभाग ने 25वें झारखंड स्थापना दिवस पर आयोजित किया विशेष वन्य एवं जल संरक्षण शिविर

कोड़ी गांव में जलछाजन विभाग ने 25वें झारखंड स्थापना दिवस पर आयोजित किया विशेष वन्य एवं जल संरक्षण शिविर

author Shahjeb Ansari
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#गुमला #जल_संरक्षण : कोड़ी गांव में जलछाजन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वृक्षारोपण, प्रभात फेरी और रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से ग्रामीणों ने भाग लिया
  • कोड़ी गांव में जलछाजन विभाग की ओर से 25वें झारखंड स्थापना दिवस पर एक दिवसीय शिविर आयोजित।
  • कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद सदस्य दिलीप बड़ाइक ने किया।
  • शिविर में 1000 वृक्षों का रोपण, प्रभात फेरी और कलश यात्रा का आयोजन किया गया।
  • बच्चों के लिए जल संरक्षण और स्वच्छता पर आधारित रंगोली प्रतियोगिता आयोजित।

गुमला जिले के जारी प्रखंड के शिशिकरमटोली पंचायत अंतर्गत कोड़ी गांव में जलछाजन विभाग की ओर से झारखंड राज्य स्थापना दिवस के 25वें वर्ष के उपलक्ष्य में विशेष एक दिवसीय शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य दिलीप बड़ाइक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शिविर की शुरुआत कलश यात्रा और प्रभात फेरी के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता

शिविर का मुख्य आकर्षण 1000 वृक्षों का वृक्षारोपण कार्यक्रम रहा, जिसका उद्देश्य स्थानीय पर्यावरण संरक्षण और जल स्तर सुधार को बढ़ावा देना था। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाए और इस अवसर पर जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का संकल्प लिया।

जिला परिषद सदस्य दिलीप बड़ाइक ने कहा: “जल जीवन का आधार है, इसके संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।”

बच्चों और युवाओं के लिए रंगोली प्रतियोगिता

कार्यक्रम के दौरान बच्चों और युवाओं के बीच रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने जल संरक्षण और स्वच्छता के संदेश को अपनी रचनाओं में उकेरा। रंगोली प्रतियोगिता ने बच्चों को पर्यावरण जागरूकता के प्रति संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रशासनिक और सामाजिक भागीदारी

कार्यक्रम में शिशिकरमटोली पंचायत की मुखिया फुलमैत देवी, जलछाजन विभाग के समन्वयक अभय सिंह, WOTR के सुब्रोत मुखर्जी, WDT इंजीनियर राहुल कुमार और तुषार चंद्र, कृषि स्थाई समिति के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्य सहित कई ग्रामीण और पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया और जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।

फुलमैत देवी ने कहा: “स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों से हम अपने गांव के विकास और पर्यावरण सुरक्षा में योगदान दे सकते हैं।”

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया और इसे अपने दैनिक जीवन में लागू करने का वचन दिया।

न्यूज़ देखो: गुमला में जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का प्रतीक

यह कार्यक्रम दर्शाता है कि स्थानीय प्रशासन और समाजिक संस्थान मिलकर ग्रामीण स्तर पर पर्यावरण और जल संरक्षण को बढ़ावा दे सकते हैं। बच्चों और युवाओं की भागीदारी इस दिशा में सकारात्मक संदेश देती है और समाज में जागरूकता फैलाने में मदद करती है।
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Written by

जारी, गुमला

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