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बरवाडीह के प्राचीन पहाड़ी मंदिर में चोरी, हनुमान प्रतिमा की चांदी की आंखें निकाल ले गए चोर

#बरवाडीह #अपराध : श्रद्धालु आक्रोशित, पुलिस पर उदासीनता का आरोप
  • बरवाडीह प्राचीन पहाड़ी मंदिर में देर रात चोरी की घटना।
  • चोरों ने हनुमान प्रतिमा की चांदी की दोनों आंखें निकाल ली।
  • सुबह श्रद्धालुओं ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त देख दी सूचना।
  • पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
  • ग्रामीणों ने कहा – मंदिरों और घरों में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं।
  • पुलिस पर लगाया उदासीनता का आरोप, चोर लगातार दे रहे चुनौती।

बरवाडीह प्रखंड के प्राचीन पहाड़ी मंदिर में सोमवार की देर रात फिर एक चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने मंदिर में घुसकर ऊपरी तल पर स्थित हनुमान जी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करते हुए उसकी चांदी की दोनों आंखें निकाल ली और मौके से फरार हो गए। मंगलवार की सुबह जब श्रद्धालु पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो प्रतिमा की यह स्थिति देख स्तब्ध रह गए।

श्रद्धालुओं का आक्रोश

प्रतिमा को क्षतिग्रस्त देख श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और मंदिर समिति के सदस्य मंदिर परिसर में जुट गए। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था पर हमला बताते हुए गहरी नाराज़गी जताई।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही बरवाडीह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भरत राम और थाना प्रभारी अनूप कुमार दल-बल के साथ मंदिर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के हालात की गहनता से जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने दावा किया कि बहुत जल्द मामले का खुलासा कर चोरों को गिरफ्तार किया जाएगा।

ग्रामीणों का आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार मंदिरों और घरों में चोरी की घटनाएं हो रही हैं लेकिन पुलिस अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। ग्रामीणों ने पुलिस पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधी खुलेआम प्रशासन को चुनौती देते हुए घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

न्यूज़ देखो: आस्था पर चोट, सुरक्षा पर सवाल

बरवाडीह के इस मंदिर चोरी प्रकरण ने जहां लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, वहीं पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब मंदिर जैसी पवित्र जगहें सुरक्षित नहीं रहीं, तो आम लोग कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे? पुलिस को त्वरित कार्रवाई कर लोगों का विश्वास बहाल करना होगा।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आस्था की रक्षा, समाज की जिम्मेदारी

मंदिरों की सुरक्षा सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। अब समय है कि हम सब मिलकर ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाएँ और अपनी सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा करें। अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि प्रशासन पर जिम्मेदारी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

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