रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं — डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने किया 16वीं बार रक्तदान

रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं — डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने किया 16वीं बार रक्तदान

author Saroj Verma
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#देवघर #रक्तदान_शिविर : राष्ट्रीय एकता दिवस पर उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के नेतृत्व में हुआ प्रेरक रक्तदान आयोजन — 16वीं बार रक्तदान कर दी मानवता की मिसाल
  • राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देवघर समाहरणालय परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
  • उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने स्वयं 16वीं बार रक्तदान कर लोगों को प्रेरित किया।
  • डीसी ने कहा — रक्तदान न केवल मानवता की सेवा है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है।
  • कार्यक्रम में कई अधिकारियों, कर्मियों और नागरिकों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।
  • रक्तदाताओं को उपायुक्त ने प्रमाणपत्र और शुभकामनाएं देकर सम्मानित किया।

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को देवघर जिला प्रशासन की ओर से समाहरणालय परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने स्वयं 16वीं बार रक्तदान करते हुए लोगों को इस महादान के लिए प्रेरित किया और कहा कि रक्तदान जैसा पुनीत कार्य समाज की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नई जिंदगी दे सकता है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित अंतराल पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए।

उपायुक्त का प्रेरक संदेश — रक्तदान से बढ़कर कोई सेवा नहीं

रक्तदान करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि “रक्तदान केवल किसी की मदद नहीं, बल्कि एक जीवन को पुनः जीने का अवसर देना है।” उन्होंने कहा कि बहुत से लोग यह गलतफहमी पाल लेते हैं कि रक्तदान से शरीर कमजोर हो जाता है या स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है, लेकिन यह पूरी तरह मिथ्या धारणा है।

डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा: “रक्तदान करने से शरीर में रक्त की आपूर्ति शीघ्र ही पुनः हो जाती है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत यह शरीर में नई ऊर्जा और आत्मसंतोष का अनुभव कराता है।”

उन्होंने कहा कि रक्तदान के बाद व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मगौरव और समाज के प्रति जिम्मेदारी का एहसास होता है। उन्होंने यह भी बताया कि आज के युग में जब दुर्घटनाएं, ऑपरेशन और बीमारियां बढ़ रही हैं, ऐसे में रक्तदाताओं की भूमिका अनमोल है।

रक्तदाताओं को मिला सम्मान और प्रशंसा

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। शिविर में उपस्थित सभी रक्तदाताओं को उपायुक्त ने प्रमाणपत्र और शुभकामनाएं प्रदान कीं।
डीसी ने कहा कि “आप सभी के निस्वार्थ सेवा भाव के कारण ही जरूरतमंदों को समय पर रक्त मिल पाता है। यही सच्ची देशभक्ति और मानवता है।”

मानवता और स्वास्थ्य दोनों के लिए आवश्यक

डीसी ने बताया कि रक्तदान न केवल किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन को बचाता है, बल्कि स्वयं दाता के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। नियमित रक्तदान से शरीर में रक्त निर्माण की प्रक्रिया सक्रिय रहती है और हृदय संबंधित बीमारियों की संभावना कम होती है। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि वे रक्तदान को सामाजिक कर्तव्य मानें और इस अभियान से जुड़ें।

न्यूज़ देखो: एक प्रेरक उदाहरण बनी प्रशासनिक सेवा की मानवता

देवघर के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा का 16वीं बार रक्तदान करना इस बात का प्रमाण है कि नेतृत्व केवल निर्देश देने से नहीं, बल्कि स्वयं उदाहरण बनकर दिखाने से आता है। उन्होंने यह संदेश दिया कि यदि समाज के हर व्यक्ति में यह भावना जागे, तो किसी भी अस्पताल में रक्त की कमी से कोई जीवन नहीं खोएगा।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अब समय है रक्तदान को जीवन का संकल्प बनाने का

रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि मानवता का उत्सव है। एक छोटी सी सुई का चुभन किसी के जीवन की सांसें लौटा सकती है।
अब वक्त है कि हम सभी इस पुण्य कार्य से जुड़ें, रक्तदान शिविरों में भाग लें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को साझा करें और संकल्प लें — जब भी अवसर मिले, रक्तदान जरूर करेंगे।

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Written by

दुमका/देवघर

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