
#जलडेगा #धार्मिक_उत्सव : केलूंगा गांव में 21 से 23 फरवरी तक कलश यात्रा, अखंड हरि कीर्तन, हवन और भंडारा के साथ मनाया जाएगा वार्षिक पूजन।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड अंतर्गत केलूंगा गांव में 21 से 23 फरवरी 2026 तक शिव परिवार एवं बजरंगबली का तीन दिवसीय वार्षिक पूजन उत्सव आयोजित होगा। कार्यक्रम में कलश यात्रा, अष्टप्रहरी नाम यज्ञ, अखंड हरि कीर्तन, हवन और भंडारा का आयोजन किया जाएगा। समिति ने श्रद्धालुओं से अधिकाधिक सहभागिता की अपील की है।
- आयोजन – श्री बजरंग बली शिव परिवार पूजा समिति, केलूंगा।
- तिथि – 21 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय कार्यक्रम।
- 21 फरवरी – कलश यात्रा एवं अधिवास से शुभारंभ।
- 22 फरवरी – अष्टप्रहरी नाम यज्ञ एवं सुबह 8 बजे से अखंड हरि कीर्तन।
- 23 फरवरी – हवन, पूर्णाहुति और भंडारा का आयोजन।
जलडेगा, सिमडेगा। प्रखंड अंतर्गत ग्राम केलूंगा में श्री बजरंग बली शिव परिवार पूजा समिति द्वारा शिव परिवार एवं बजरंगबली के वार्षिक पूजन उत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यह तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन 21 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न होगा।
समिति के सदस्यों ने बताया कि यह उत्सव गांव और आसपास के क्षेत्रों के लिए आस्था और एकता का प्रतीक बन चुका है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं।
21 फरवरी को कलश यात्रा से होगा शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत 21 फरवरी (शनिवार) को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। गांव की महिलाएं एवं श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में कलश लेकर शोभायात्रा निकालेंगे। इसके पश्चात अधिवास की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे पूजन अनुष्ठान की औपचारिक शुरुआत होगी।
समिति ने बताया कि कलश यात्रा में अधिक से अधिक महिलाओं और युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है।
22 फरवरी को अष्टप्रहरी नाम यज्ञ और अखंड कीर्तन
22 फरवरी (रविवार) को अष्टप्रहरी नाम यज्ञ का शुभारंभ किया जाएगा। प्रातः 8 बजे से अखंड हरि कीर्तन प्रारंभ होगा, जो पूरे दिन और रात भक्ति रस में डूबा रहेगा। श्रद्धालु एक स्वर में संकीर्तन करेंगे:
हरे राम, हरे राम, राम राम हरे हरे,
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
कीर्तन मंडलियों द्वारा भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहेगा। समिति के अनुसार, कीर्तन में स्थानीय एवं आसपास के क्षेत्रों के भजन मंडली भी भाग लेंगी।
23 फरवरी को हवन, पूर्णाहुति और भंडारा
उत्सव के अंतिम दिन 23 फरवरी (सोमवार) को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन और पूर्णाहुति दी जाएगी। इसके उपरांत विशाल भंडारा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है।
समिति ने बताया कि भंडारे में प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की जा रही है ताकि किसी श्रद्धालु को असुविधा न हो। आयोजन स्थल पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं से की गई अपील
पूजा समिति के पदाधिकारियों ने सभी भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा, एकता और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं।
गांव के लोगों में उत्सव को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। तैयारी में युवा वर्ग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है।
न्यूज़ देखो: आस्था और एकता का संगम
केलूंगा का यह वार्षिक उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक है। ऐसे कार्यक्रम गांव की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भक्ति में शक्ति, एकता में बल
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परंपराओं को जीवित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
एक साथ जुड़ें, भक्ति का संदेश फैलाएं।
गांव की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
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