
#बरवाडीह #प्रशासनिक_स्पष्टीकरण : अंचलाधिकारी ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट की स्थिति, मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर लिया गया बहाली का निर्णय
- बरवाडीह अंचल में कार्यरत तीन होमगार्ड जवानों को पुनः सेवा में बहाल किया गया।
- मेडिकल संबंधी सूचना समय पर प्राप्त नहीं होने के कारण उत्पन्न हुआ था प्रशासनिक भ्रम।
- अंचलाधिकारी लवकेश सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की दी विस्तृत जानकारी।
- होमगार्ड विभाग से समन्वय के बाद स्थिति हुई स्पष्ट, सभी तथ्यों की पुष्टि के उपरांत निर्णय।
- भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए विभागीय समन्वय मजबूत करने के निर्देश।
बरवाडीह (लातेहार)। बरवाडीह अंचल में तीन होमगार्ड जवानों से जुड़े मामले को लेकर फैली असमंजस और चर्चाओं पर अब पूर्ण विराम लग गया है। प्रशासनिक स्तर पर उत्पन्न हुए भ्रम के बाद तीनों होमगार्ड जवानों को पुनः बहाल कर लिया गया है। इस संबंध में गुरुवार को अंचलाधिकारी लवकेश सिंह ने अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्थिति को स्पष्ट किया और पूरे घटनाक्रम की क्रमबद्ध जानकारी साझा की।
मेडिकल सूचना के अभाव में बना था संदेह
अंचलाधिकारी लवकेश सिंह ने बताया कि संबंधित होमगार्ड जवानों के मेडिकल से जुड़ी आवश्यक सूचना समय पर अंचल कार्यालय को उपलब्ध नहीं हो सकी थी। इसी कारण यह मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ और प्रशासनिक स्तर पर इसकी जांच आवश्यक हो गई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह स्थिति किसी दुर्भावना या जानबूझकर की गई कार्रवाई का परिणाम नहीं थी, बल्कि सूचना के अभाव से उत्पन्न एक प्रशासनिक भ्रम था।
उन्होंने कहा कि जैसे ही इस विषय में होमगार्ड विभाग के संबंधित अधिकारियों से संवाद स्थापित किया गया, वैसे ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति सामने आ गई।
मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर लिया गया निर्णय
अंचलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी। सभी तथ्यों और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद यह स्पष्ट हो गया कि होमगार्ड जवानों की ओर से कोई जानबूझकर की गई चूक नहीं थी। इसके उपरांत प्रशासनिक स्तर पर विचार-विमर्श कर तीनों होमगार्ड जवानों की पुनः बहाली का निर्णय लिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सदैव अनुशासन बनाए रखना होता है, न कि किसी कर्मचारी या जवान के साथ अन्याय करना।
अंचल दिवस और पत्राचार की समय-सीमा पर भी दी जानकारी
प्रेस वार्ता के दौरान अंचलाधिकारी लवकेश सिंह ने इस प्रकरण से जुड़े तिथियों और पत्राचार की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 6 जनवरी को बरवाडीह अंचल में अंचल दिवस का आयोजन किया गया था। इस दिन दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपने विभिन्न कार्यों के निष्पादन हेतु अंचल कार्यालय पहुंचे थे।
इसी बीच 5 जनवरी की शाम को होमगार्ड जवानों की ओर से एक आवेदन प्राप्त हुआ। जबकि इसी विषय से संबंधित आधिकारिक पत्र 8 जनवरी को अंचल कार्यालय को प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि यह पत्र 31 दिसंबर को ही जारी किया गया था।
अंचलाधिकारी ने कहा कि यदि यह पत्र समय रहते होमगार्ड विभाग अथवा संबंधित जवानों के माध्यम से अंचल कार्यालय को उपलब्ध हो जाता, तो पूरा विवाद उत्पन्न ही नहीं होता।
जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों से संवाद के बाद पुनर्विचार
उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं पत्रकारों से भी विचार-विमर्श किया गया। सभी पक्षों की बातों को सुनने और तथ्यों की पुष्टि के बाद प्रशासन ने पुनः इस प्रकरण पर विचार किया और जवानों की बहाली का निर्णय लिया।
अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करता है और किसी भी निर्णय में पारदर्शिता और न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
भविष्य में समन्वय मजबूत करने के निर्देश
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंचलाधिकारी लवकेश सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि इस प्रकार की स्थिति भविष्य में दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक सूचनाएं समय पर साझा की जाएं, ताकि किसी भी कर्मचारी या जवान को अनावश्यक मानसिक परेशानी न झेलनी पड़े।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और विभागों के बीच बेहतर तालमेल से ही ऐसी गलतफहमियों से बचा जा सकता है।
होमगार्ड जवानों में राहत और संतोष
तीनों होमगार्ड जवानों की पुनः बहाली के बाद उनके परिवारों और सहकर्मियों में राहत और संतोष का माहौल देखा गया। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते स्थिति को स्पष्ट कर लिया गया, जिससे अनावश्यक विवाद समाप्त हो सका।
न्यूज़ देखो: प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण
बरवाडीह अंचल का यह मामला दर्शाता है कि सूचना के अभाव में उत्पन्न भ्रम कैसे बड़ा मुद्दा बन सकता है। वहीं प्रशासन द्वारा तथ्यों की पुष्टि कर मानवीय दृष्टिकोण अपनाना एक सकारात्मक पहल है। ऐसे मामलों में संवाद और समन्वय ही समाधान का रास्ता होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवेदनशील प्रशासन, मजबूत व्यवस्था
सूचना समय पर पहुंचे, तभी विवाद थमे।
प्रशासन और विभागों के बीच समन्वय मजबूत हो।
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