नेपाल में चमकी टुंडी की तीन आदिवासी बेटियां, विधायक जयराम महतो ने निजी वेतन से दिया आर्थिक सहयोग

नेपाल में चमकी टुंडी की तीन आदिवासी बेटियां, विधायक जयराम महतो ने निजी वेतन से दिया आर्थिक सहयोग

author Surendra Verma
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#धनबाद #खेल_प्रतिभा : प्रतिभावान आदिवासी बेटियों को मिला संबल।

धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड की गरीब पृष्ठभूमि से आने वाली तीन आदिवासी बेटियों ने हाल ही में नेपाल में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेकर क्षेत्र का मान बढ़ाया। आर्थिक तंगी के चलते उनका खेल भविष्य संकट में पड़ रहा था। डुमरी विधायक जयराम महतो ने मामले में संज्ञान लेते हुए अपने निजी वेतन से उन्हें खेल किट खरीदने के लिए तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। यह पहल ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का सकारात्मक उदाहरण है।

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  • आशा टुडू, माधुरी और बबीता ने नेपाल में प्रतियोगिता खेली।
  • गरीब परिवार की तीनों आदिवासी बेटियां।
  • आर्थिक संकट के कारण खेल जारी रखना कठिन।
  • डुमरी विधायक जयराम महतो ने दिया सहयोग।
  • निजी वेतन से फुटबॉल किट के लिए आर्थिक मदद।

धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड की तीन आदिवासी बेटियों की खेल उपलब्धि इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। आशा टुडू, माधुरी और बबीता ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर नेपाल में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और अपने गांव व प्रखंड का नाम रोशन किया। तीनों खिलाड़ियों की यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे अत्यंत गरीब और साधनविहीन परिवारों से आती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय धरती पर प्रदर्शन करना उनके मजबूत हौसले को दर्शाता है।

नेपाल में प्रदर्शन से बढ़ा क्षेत्र का गौरव

हाल ही में नेपाल में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिता में टुंडी प्रखंड की इन तीनों बेटियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में उनका खेल प्रदर्शन सराहनीय रहा। मैदान में उनकी तकनीक, फिटनेस और टीम भावना ने यह साबित कर दिया कि झारखंड के सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आशा टुडू, माधुरी और बबीता ने अपने पहले ही बड़े टूर्नामेंट में जिस आत्मविश्वास के साथ खेला, उसने स्थानीय खेल प्रेमियों को गर्व से भर दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह उपलब्धि टुंडी जैसे पिछड़े माने जाने वाले क्षेत्र के लिए नई प्रेरणा है। इन बेटियों ने फुटबॉल के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं। क्षेत्र के युवा खिलाड़ी भी उनकी सफलता से उत्साहित हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

आर्थिक तंगी बनी थी बड़ी चुनौती

तीनों आदिवासी खिलाड़ी बेहद गरीब परिवारों से आती हैं। खेल के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं और उपकरण जुटा पाना इनके लिए हमेशा कठिन रहा है। नेपाल में प्रतियोगिता खेलने के बाद जब वे वापस लौटीं, तो आगे भी खेल जारी रखना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था। आर्थिक तंगी के कारण उनके पास पर्याप्त फुटबॉल किट, जूते और प्रशिक्षण से जुड़े जरूरी सामान उपलब्ध नहीं थे।

ऐसे में उनका खेल भविष्य अनिश्चित नजर आने लगा था। परिजनों के अनुसार, वे खेलना तो चाहती थीं लेकिन साधनों के अभाव में निराश हो रही थीं। ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के साथ अक्सर यही समस्या देखने को मिलती है, जहां प्रतिभा तो होती है लेकिन आर्थिक सहयोग नहीं मिल पाने से खिलाड़ी पीछे छूट जाते हैं।

विधायक जयराम महतो ने बढ़ाया मदद का हाथ

इस गंभीर आर्थिक संकट की जानकारी मिलने पर डुमरी विधायक जयराम महतो आगे आए। उन्होंने तीनों खिलाड़ियों को प्रखंड कार्यालय बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक ने कहा कि टुंडी की इन तीनों बेटियों ने स्वयं उनसे मिलकर मदद की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने त्वरित कदम उठाते हुए अपने निजी वेतन से फुटबॉल किट खरीदने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की।

विधायक जयराम महतो ने कहा:

जयराम महतो ने कहा: “गरीब पृष्ठभूमि से आने वाली इन बेटियों की सफलता यह दिखाती है कि असली खेल प्रतिभा गांवों में ही छिपी हुई है। संकट की घड़ी में उनकी मदद करना हमारा नैतिक और सामाजिक दायित्व है। मेरा प्रयास है कि ये तीनों बहनें निरंतर आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें।”

उन्होंने सरकार की उपेक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए सरकारी स्तर पर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई जाती है। इस कारण कई होनहार खिलाड़ी सुविधाओं के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी वे इन खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देते रहेंगे ताकि उनका संघर्ष जारी रह सके।

सरकार और प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

विधायक की इस पहल के बाद एक बार फिर यह मुद्दा सामने आया है कि गांवों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी स्तर पर ठोस योजनाओं की आवश्यकता है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि सरकार समय रहते खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए, तो टुंडी जैसी बेटियां राज्य और देश का नाम और बड़े स्तर पर रोशन कर सकती हैं।

क्षेत्रीय खेल प्रेमियों ने कहा कि विधायक जयराम महतो ने जो सहयोग दिया है, वह सराहनीय है लेकिन यह जिम्मेदारी केवल जनप्रतिनिधियों की नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और सरकार को भी इस दिशा में संवेदनशील होकर काम करना चाहिए।

स्थानीय स्तर पर दिखा खुशी का माहौल

डुमरी विधायक द्वारा निजी वेतन से दी गई सहायता के बाद टुंडी और आसपास के इलाकों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने इस कदम की मुक्त कंठ से सराहना की है। लोगों का कहना है कि इससे तीनों आदिवासी खिलाड़ियों का मनोबल कई गुना बढ़ गया है। अब वे नए उत्साह के साथ प्रशिक्षण लेकर आगे की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर सकेंगी।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि इस घटना के बाद अन्य जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन भी खेल प्रतिभाओं की मदद के लिए आगे आएंगे। टुंडी प्रखंड की इन बेटियों की कहानी यह संदेश देती है कि सही समय पर मिला छोटा-सा सहयोग भी किसी खिलाड़ी के भविष्य को नई दिशा दे सकता है।

आयोजन में सहयोगी बने रहे लोग

खिलाड़ियों को सहयोग प्रदान करने के इस कार्यक्रम में प्रखंड कार्यालय के कर्मियों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित रहे। सभी ने तीनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह आयोजन क्षेत्र में खेल संस्कृति को मजबूत करने वाला सकारात्मक प्रयास साबित हुआ है।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण प्रतिभाओं के प्रति जवाबदेही

यह खबर बताती है कि झारखंड के सुदूर गांवों में भी अद्भुत खेल क्षमता रखने वाले युवा मौजूद हैं। डुमरी विधायक जयराम महतो द्वारा दिया गया सहयोग सराहनीय है, जिसने तीन गरीब आदिवासी खिलाड़ियों को नया संबल प्रदान किया है। यह घटना सरकार और प्रशासन को भी अपनी जिम्मेदारियों की याद दिलाती है। क्या आने वाले दिनों में सरकारी योजनाएं इन खिलाड़ियों के लिए ठोस मददगार बनेंगी, यह देखना अहम होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

प्रतिभा अगर गांवों में है तो जिम्मेदारी भी हमारी है

टुंडी की बेटियों की उपलब्धि हम सभी के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है।
जरूरतमंद खिलाड़ियों की मदद करना समाज का सामूहिक दायित्व है।
ऐसे सकारात्मक प्रयासों से ग्रामीण युवाओं का हौसला मजबूत होता है।
आप भी अपने आसपास की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग दें।
खेल और शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों का समर्थन करें।
इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें।
अपनी राय कमेंट कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं।
सजग रहें, सक्रिय बनें और समाजहित में योगदान दें।

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Written by

डुमरी, गिरिडीह

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