
#गढ़वा #मतगणना_सुरक्षा : 27 फरवरी को शांतिपूर्ण मतगणना हेतु धारा 163 लागू रहेगी।
गढ़वा में 27 फरवरी को नगर निकाय चुनाव की मतगणना को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सदर एसडीएम संजय कुमार ने कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर एवं उसके 200 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा ताकि मतगणना प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
- 27 फरवरी 2026 को अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद पदों की मतगणना।
- सदर एसडीएम संजय कुमार ने धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की।
- गढ़वा कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर व 200 मीटर दायरे में प्रतिबंध।
- सुबह 05:00 बजे से रात 10:00 बजे तक आदेश प्रभावी रहेगा।
- धरना, जुलूस, विजय रैली, आतिशबाजी व बिना पास वाहनों के प्रवेश पर रोक।
गढ़वा जिले में नगर निकाय चुनाव की मतगणना को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 27 फरवरी को अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद पदों के लिए मतगणना आयोजित की जानी है। इसी को ध्यान में रखते हुए गढ़वा कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर और इसके चारों ओर 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य मतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और विधिसम्मत तरीके से संपन्न कराना है।
धारा 163 के तहत जारी हुआ आदेश
सदर अनुमंडल दंडाधिकारी संजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 (पूर्व में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 27 फरवरी 2026 की सुबह 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक निषेधाज्ञा लागू की गई है।
यह आदेश विशेष रूप से गढ़वा कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर तथा उसके चारों ओर 200 मीटर की परिधि में प्रभावी रहेगा, जहां जिले के तीनों नगर निकायों की मतगणना प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम लोक परिशांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की आशंका को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पांच या अधिक व्यक्तियों के जमावड़े पर प्रतिबंध
जारी निषेधाज्ञा के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का अनाधिकृत रूप से एकत्रित होना पूर्णतः वर्जित रहेगा। हालांकि यह प्रतिबंध प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, सरकारी कर्मचारी, पुलिस पदाधिकारी, चुनाव कर्मी एवं अधिकृत गणन अभिकर्ताओं पर लागू नहीं होगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही निर्धारित पहचान पत्र के आधार पर परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
ध्वनि विस्तारक यंत्र और जुलूस पर सख्त रोक
मतगणना की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने प्रतिबंधित परिधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक लगा दी है, सिवाय मतगणना कार्य में आवश्यक उपयोग के।
इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, नारेबाजी, सभा, जुलूस, विजय रैली तथा रंग-अबीर-गुलाल का प्रयोग बाजार समिति परिसर और उसके 200 मीटर दायरे में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में किसी भी प्रकार की आतिशबाजी भी वर्जित रहेगी।
बिना पास वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निषेधाज्ञा अवधि के दौरान बिना वाहन पास वाले वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। केवल अधिकृत वाहनों को ही मतगणना केंद्र के आसपास प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
यह निर्णय भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि मतगणना कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
हथियार, विस्फोटक एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रोक
एसडीएम के आदेशानुसार प्रतिबंधित अवधि में किसी भी प्रकार के घातक हथियार, आग्नेयास्त्र या विस्फोटक पदार्थ के लाने-ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों पर भी प्रभावी होगा। हालांकि ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल, सरकारी पदाधिकारी एवं परंपरागत रूप से धारित कृपाण आदि पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
मतगणना परिसर के अंदर माचिस, ज्वलनशील वस्तुएं, मोबाइल फोन, लैपटॉप, आई-पैड, अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स एवं रिकॉर्डिंग उपकरण ले जाना भी पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। केवल अधिकृत अधिकारी ही अपरिहार्य स्थिति में संचार उपकरणों का सीमित उपयोग कर सकेंगे।
सुरक्षा घेरा और सख्त जांच व्यवस्था
प्रशासन द्वारा मतगणना केंद्र पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा लागू किया जाएगा। किसी भी मतगणना कर्मी, अभ्यर्थी, निर्वाचन अभिकर्ता या गणन अभिकर्ता को वैध फोटो पहचान पत्र के बिना प्रथम सुरक्षा घेरा पार करने की अनुमति नहीं होगी।
सभी व्यक्तियों की अनिवार्य तलाशी (फ्रिस्किंग) की जाएगी, जिसमें महिला कर्मियों की तलाशी केवल महिला पुलिस बल द्वारा ही की जाएगी। यह व्यवस्था पारदर्शिता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है।
उम्मीदवारों के लिए आचार संबंधी निर्देश
प्रशासन ने उम्मीदवारों को भी स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे ऐसा कोई कार्य या वक्तव्य न करें जिससे किसी अन्य उम्मीदवार, धर्म, संप्रदाय या जाति विशेष की भावनाएं आहत हों या विद्वेष की स्थिति उत्पन्न हो।
मतगणना के दौरान शांति और गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की सामूहिक जिम्मेदारी बताई गई है।
प्रशासन की अपील और जनसहयोग पर जोर
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों से अपील की है कि वे मतगणना प्रक्रिया की संवेदनशीलता को समझते हुए निषेधाज्ञा के सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन करें। साथ ही शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन की स्थिति में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज़ देखो: निष्पक्ष मतगणना के लिए प्रशासन की सख्ती जरूरी
गढ़वा में मतगणना से पहले निषेधाज्ञा लागू करना प्रशासन की गंभीरता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। चुनाव परिणाम के समय अक्सर तनाव की स्थिति बनती है, ऐसे में यह निर्णय शांति बनाए रखने की दिशा में अहम कदम है। अब देखना होगा कि राजनीतिक दल और समर्थक इन निर्देशों का कितना पालन करते हैं और प्रशासन व्यवस्था को कितनी प्रभावी तरीके से लागू कर पाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखें, शांति से परिणाम स्वीकार करें
मतगणना लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है।
इस दिन संयम, अनुशासन और जागरूक नागरिकता की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
कानून का पालन करना ही एक जिम्मेदार समाज की पहचान है।
अफवाहों से दूर रहें और प्रशासनिक निर्देशों का सम्मान करें।
शांति बनाए रखें, जागरूक नागरिक बनें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जिम्मेदार मतदान संस्कृति को प्रोत्साहित करें।






