समय पर मिला रक्त, बची प्रसूता की जान – सांसद प्रतिनिधि दीपक राज और समाजसेवी गौतम बाबा की पहल बनी जीवनरक्षक कहानी

समय पर मिला रक्त, बची प्रसूता की जान – सांसद प्रतिनिधि दीपक राज और समाजसेवी गौतम बाबा की पहल बनी जीवनरक्षक कहानी

author Akram Ansari
14 Views Download E-Paper (15)
#लातेहार #मानवताकीमिसाल : प्रसव पीड़ा में फंसी महिला को समय पर मिला रक्त – पत्रकार और समाजसेवी की त्वरित पहल से बची जान
  • मंगरा पंचायत, बरवाडीह की प्रसूता अमृता कुमारी को अचानक O पॉजिटिव रक्त की जरूरत पड़ी।
  • सांसद प्रतिनिधि सह पत्रकार दीपक राज ने तत्काल मदद की पहल की।
  • समाजसेवी गौतम पांडेय (गौतम बाबा) ने बिना देरी के पहुँचकर 17वां रक्तदान किया।
  • रक्तदान के तुरंत बाद महिला ने स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया।
  • इस मानवीय कार्य की स्थानीय लोगों और चिकित्सकों ने सराहना की।
  • रक्तदान और जनसेवा की इस मिसाल ने पूरे लातेहार जिले में प्रेरणा जगाई।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के मंगरा पंचायत अंतर्गत मुर्गीडीह गांव में मंगलवार को मानवता का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला, जब प्रसूता अमृता कुमारी की जान समय पर मिले रक्त से बच गई। अचानक प्रसव के दौरान स्थिति गंभीर हो गई थी और डॉक्टरों ने तत्काल एक यूनिट O पॉजिटिव ब्लड की मांग की।

जनसेवा की त्वरित प्रतिक्रिया बनी जीवनदान की वजह

परिजनों ने जब सांसद प्रतिनिधि दीपक राज से संपर्क किया, तो उन्होंने एक पल की देरी किए बिना अपने सहयोगी और मित्र, समाजसेवी गौतम पांडेय (गौतम बाबा) से संपर्क साधा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए गौतम बाबा तुरंत बरवाडीह अस्पताल पहुंचे और बिना औपचारिकता में समय गंवाए रक्तदान किया।

उनके इस कार्य ने अमृता कुमारी की जान बचा ली। आपरेशन के कुछ ही घंटों बाद महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। परिवार की आँखों में खुशी और कृतज्ञता के आँसू छलक पड़े।

गौतम बाबा का 17वां रक्तदान बना प्रेरणा

गौतम बाबा ने कहा: “यह मेरा 17वां रक्तदान है। मैं मानता हूँ कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है, क्योंकि इससे किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है। जब तक शरीर में शक्ति है, मैं रक्तदान जारी रखूंगा।”

उनकी इस प्रतिबद्धता ने पूरे इलाके में संदेश दिया कि मानवता आज भी जिंदा है। स्थानीय लोग और व्यापारियों ने उन्हें सम्मानित किया और कहा कि इस तरह के कार्य समाज में नई सोच पैदा करते हैं।

पत्रकार दीपक राज ने दिखाई संवेदनशीलता और जिम्मेदारी

सांसद प्रतिनिधि सह पत्रकार दीपक राज ने कहा: “जनसेवा का अर्थ केवल खबर लिखना नहीं, बल्कि जरूरत के वक्त इंसान के काम आना है। हमें गर्व है कि हमारे समाज में ऐसे युवा हैं जो बिना स्वार्थ दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।”

दीपक राज की सक्रियता और संवेदनशीलता के कारण ही समय रहते रक्त की व्यवस्था हो पाई और एक माँ को जीवनदान मिल सका।

परिजनों और स्थानीय लोगों ने जताया आभार

महिला के पति जुगेश सिंह ने भावुक होकर कहा कि अगर रक्तदान समय पर नहीं हुआ होता, तो शायद परिवार खुशियाँ नहीं मना पाता। उन्होंने गौतम बाबा, दीपक राज, और भाजपा मंडल महामंत्री मनोज प्रसाद सहित सभी सहयोगियों का आभार जताया।

इस अवसर पर व्यवसायी राकेश छबड़ा (पिंटू), शिवा गुप्ता, बिपिन कुमार, और विकास कुमार समेत कई स्थानीय दुकानदार उपस्थित रहे। सभी ने कहा कि समाज में ऐसे उदाहरण ही लोगों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रेरित करते हैं।

न्यूज़ देखो: रक्तदान – मानवता की सबसे बड़ी सेवा

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर किया गया रक्तदान किसी के जीवन का सबसे बड़ा तोहफा बन सकता है। सांसद प्रतिनिधि और समाजसेवी की इस त्वरित पहल ने दिखाया कि इंसानियत की डोर ही समाज को जोड़ती है। झारखंड जैसे राज्य में जहाँ संसाधनों की कमी है, वहाँ ऐसे नागरिक उम्मीद की किरण हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जीवन बचाना ही सच्ची सेवा है

रक्तदान जैसी छोटी पहल किसी के जीवन में नई सुबह ला सकती है। अगर हर व्यक्ति साल में एक बार भी रक्तदान करे, तो हजारों जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं।
अब वक्त है कि हम सब इस मानवता की श्रृंखला को आगे बढ़ाएं।
रक्तदान करें, जीवनदान दें – और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
अपनी राय कमेंट करें, खबर को शेयर करें और इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

बरवाडीह, लातेहार

🔔

Notification Preferences

error: