
#विश्रामपुर #पलामू #धार्मिक_आयोजन : भगवान विष्णु लक्ष्मी भूदेवी की भव्य सजावट ने श्रद्धालुओं को किया आकर्षित।
पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड स्थित आदर्श ग्राम तोलरा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर विष्णु मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भूदेवी की प्रतिमाओं को नूतन वस्त्र धारण कराए गए। यह वस्त्र संध्या तिवारी द्वारा स्वयं तैयार कर समर्पित किए गए। इस दिव्य सजावट ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और श्रद्धा का वातावरण बना दिया।
- माघ पूर्णिमा पर तोलरा गांव के विष्णु मंदिर में विशेष सजावट।
- भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भूदेवी को पहनाए गए नूतन वस्त्र।
- संध्या तिवारी द्वारा स्वयं तैयार किए गए वस्त्र समर्पित।
- विश्रामपुर प्रखंड का अनोखा और दिव्य विष्णु मंदिर।
- श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में उत्साह और भक्ति का माहौल।
पलामू प्रमंडल के विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत आदर्श ग्राम तोलरा एक बार फिर धार्मिक आस्था का केंद्र बन गया, जब माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर यहां स्थित भगवान विष्णु का मंदिर नूतन वस्त्र और भव्य सजावट से सुसज्जित हुआ। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भूदेवी की प्रतिमाओं को पुराने वस्त्रों के स्थान पर नए वस्त्र पहनाए गए, जिससे पूरा मंदिर दिव्य और मनोहारी रूप में नजर आया।
पलामू प्रमंडल का अनोखा विष्णु मंदिर
तोलरा गांव का विष्णु मंदिर पलामू प्रमंडल में अपनी अलग पहचान रखता है। यह मंदिर न केवल स्थापत्य और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां की नियमित पूजा, धार्मिक आयोजन और भक्तों की आस्था इसे विशेष बनाती है। माघ पूर्णिमा जैसे पावन पर्व पर मंदिर में विशेष सजावट और पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।
नूतन वस्त्र से सजी भगवान की प्रतिमाएं
इस अवसर पर मंदिर में स्थापित सभी प्रतिमाओं के वस्त्र बदले गए। भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भूदेवी को नए, सुंदर और आकर्षक वस्त्र पहनाए गए। इन वस्त्रों की खास बात यह रही कि इन्हें गढ़वा की प्रसिद्ध एलआईसी ऑफिसर वीरेंद्र तिवारी की पत्नी संध्या तिवारी ने स्वयं अपने हाथों से तैयार किया है।
संध्या तिवारी की भक्ति और सेवा
संध्या तिवारी भगवान के प्रति अपनी अगाध भक्ति के लिए जानी जाती हैं। वे समय-समय पर विभिन्न मंदिरों में नूतन वस्त्र समर्पित करती रहती हैं। इससे पहले भी वे अटरिया महादेव मंदिर, गढ़देवी मंदिर सहित कई अन्य धार्मिक स्थलों पर भगवान के लिए वस्त्र भेंट कर चुकी हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि संध्या तिवारी केवल वस्त्र ही नहीं, बल्कि अपनी आस्था और सेवा भाव भी मंदिरों को समर्पित करती हैं। उनकी इसी धार्मिक भावना से प्रेरित होकर तोलरा रामनवमी समिति द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया है।
माघ पूर्णिमा पर विशेष धार्मिक वातावरण
माघ पूर्णिमा के दिन सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। भक्तों ने भगवान विष्णु के दर्शन किए और गर्भगृह की भव्य सजावट की सराहना की। नूतन वस्त्रों और फूलों से सजी प्रतिमाओं ने पूरे मंदिर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की सजावट और सेवा से न केवल मंदिर की शोभा बढ़ती है, बल्कि युवा पीढ़ी में भी धार्मिक संस्कार मजबूत होते हैं।
गांव में चर्चा का विषय बनी सजावट
नूतन वस्त्र से सजा विष्णु मंदिर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। आसपास के गांवों से भी लोग मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने संध्या तिवारी की भक्ति भावना की खुले दिल से सराहना की और कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
धार्मिक परंपरा और सामूहिक आस्था
तोलरा गांव में धार्मिक आयोजन केवल पूजा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि यह सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का भी प्रतीक बनते हैं। माघ पूर्णिमा पर हुए इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया कि गांव की धार्मिक परंपराएं आज भी जीवंत हैं।
न्यूज़ देखो: आस्था से जुड़ी संस्कृति की जीवंत मिसाल
तोलरा का विष्णु मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण आस्था, सेवा और संस्कृति का केंद्र है। नूतन वस्त्र समर्पण जैसे कार्य बताते हैं कि व्यक्तिगत भक्ति कैसे सामूहिक प्रेरणा बन सकती है। ऐसे आयोजन ग्रामीण जीवन में सकारात्मकता और सांस्कृतिक निरंतरता को मजबूत करते हैं।
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आस्था, सेवा और संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प
धार्मिक परंपराएं तभी जीवित रहती हैं जब समाज उन्हें मिलकर संजोता है।
तोलरा का यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
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