#खूंटी #श्रमिक_मामला : मुंबई में मृत दो श्रमिकों के शव शीघ्र गृह जिला लाने की पहल तेज
खूंटी जिले के तोरपा विधानसभा क्षेत्र के दो श्रमिकों की मुंबई में इलाज के दौरान मृत्यु के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। इस संवेदनशील मामले को लेकर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने श्रम मंत्री से मुलाकात कर पार्थिव शरीर को शीघ्र गृह जिला लाने की मांग की है, जिससे परिजनों को अंतिम संस्कार का अवसर मिल सके।
- तोरपा विधानसभा क्षेत्र के दो श्रमिकों की मुंबई में उपचार के दौरान हुई मौत।
- मृतकों में अजीत भुइयाँ (टूटीकेल, सोदे रनियाँ) और सोमरा तोपनो (जम्हार गोविंदपुर, कर्रा) शामिल।
- विधायक सुदीप गुड़िया ने श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव से की औपचारिक मुलाकात।
- पार्थिव शरीर को शीघ्र गृह जिला लाने की व्यवस्था करने का किया गया आग्रह।
- मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
खूंटी जिले के तोरपा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े दो श्रमिकों की मुंबई के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दुर्भाग्यपूर्ण निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों की पहचान ग्राम टूटीकेल, सोदे रनियाँ निवासी अजीत भुइयाँ तथा ग्राम जम्हार गोविंदपुर, कर्रा निवासी सोमरा तोपनो के रूप में हुई है। दोनों श्रमिकों के निधन की सूचना मिलते ही परिजनों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों में गहरा दुख और संवेदना का माहौल व्याप्त हो गया है।
दुखद घटना से क्षेत्र में शोक की लहर
प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों श्रमिक रोजगार के सिलसिले में बाहर रहकर कार्य कर रहे थे और स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उनका उपचार मुंबई के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति गंभीर हो गई और चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद दोनों को बचाया नहीं जा सका।
इस दुखद खबर के सामने आते ही उनके पैतृक गांवों में मातम छा गया। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि परिवार अपने प्रियजनों के अंतिम दर्शन के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा है, इसलिए पार्थिव शरीर को शीघ्र गृह जिला लाना अत्यंत आवश्यक है।
विधायक सुदीप गुड़िया ने जताया गहरा शोक
तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है। विधायक ने दोनों परिवारों को आश्वस्त किया कि इस कठिन समय में वे उनके साथ खड़े हैं और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।
श्रम मंत्री से की औपचारिक मुलाकात
इस संवेदनशील मामले को लेकर विधायक सुदीप गुड़िया ने श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के माननीय मंत्री संजय प्रसाद यादव से उनके विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने विस्तार से पूरी घटना की जानकारी दी और मृत श्रमिकों के पार्थिव शरीर को शीघ्र उनके गृह जिला लाने की व्यवस्था करने का आग्रह किया।
विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि परिजनों को अपने प्रियजनों का अंतिम दर्शन करने और विधि-विधान से अंतिम संस्कार करने का अधिकार मिलना चाहिए, जो मानवीय दृष्टिकोण से अत्यंत आवश्यक है।
मंत्री ने दिया आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन
श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द गृह जिला लाने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
मंत्री के आश्वासन से परिजनों और क्षेत्र के लोगों को कुछ राहत मिली है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार और जनप्रतिनिधियों की तत्परता से इस दुखद स्थिति में परिवारों को सहारा मिलेगा।
पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहने की बात
विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि इस कठिन घड़ी में दोनों पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने प्रशासन से भी समन्वय कर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता के लिए एक मजबूत तंत्र की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की परिस्थितियों में परिवारों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
प्रवासी श्रमिकों की समस्याएं फिर आईं सामने
यह घटना एक बार फिर प्रवासी श्रमिकों से जुड़ी चुनौतियों को उजागर करती है। रोजगार के लिए दूर-दराज राज्यों में जाने वाले श्रमिकों को स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे मामलों में पार्थिव शरीर को गृह राज्य या जिला लाने की प्रक्रिया कई बार जटिल हो जाती है, जिससे परिजनों को मानसिक और आर्थिक दोनों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय पहल अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
न्यूज़ देखो: मानवीय संवेदना और प्रशासनिक तत्परता की परीक्षा
तोरपा विधायक की यह पहल दर्शाती है कि जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों के लिए संबल बन सकती है। श्रमिकों के शव को शीघ्र गृह जिला लाने की मांग न केवल मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का भी उदाहरण है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
दुख की घड़ी में साथ खड़ा समाज ही बनता है असली सहारा
ऐसी दुखद घटनाएं हमें मानवीय संवेदनाओं का महत्व याद दिलाती हैं।
प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशील रहना समाज की जिम्मेदारी है।
जरूरत के समय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का सहयोग बेहद जरूरी होता है।
आइए, पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना बनाए रखें।
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आप अपनी राय और संवेदना कमेंट कर जरूर व्यक्त करें, आपकी आवाज मायने रखती है।