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झारखंड में मूसलाधार बारिश और वज्रपात का कहर, अब तक 10 की मौत, रांची समेत 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

#रांची #मॉनसून_अलर्ट : तेज बारिश और वज्रपात से झारखंड में जनजीवन प्रभावित — रांची, गुमला, सिमडेगा और चाईबासा में चेतावनी, अब तक 10 मौतें
  • रांची में पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक 55 मिमी बारिश दर्ज
  • गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में ऑरेंज अलर्ट जारी
  • राज्य में अब तक बारिश से 10 लोगों की मौत की पुष्टि
  • खूंटी, लातेहार, रामगढ़ सहित कई जिलों में येलो अलर्ट
  • वज्रपात और दीवार गिरने की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

मॉनसून पूरी तरह सक्रिय, राजधानी रांची में झमाझम बारिश

बुधवार को झारखंड की राजधानी रांची सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। सुबह 11 बजे से शुरू हुई बारिश दोपहर 3 बजे तक रुक-रुक कर होती रही। इस दौरान रांची में 55 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे शहर में कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। इस वर्ष अब तक रांची में करीब 500 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से अधिक है।

किन जिलों में जारी हुआ ऑरेंज और येलो अलर्ट?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, मूसलाधार बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है।

इनके अलावा रांची, खूंटी, लातेहार और रामगढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग की सलाह: “दोपहर के बाद मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है, लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और खुले इलाकों में न जाएं।”

सामान्य मौसम वाले जिलों को कुछ राहत

साहिबगंज, गोड्डा और पाकुड़ जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है। इन जिलों में आज बारिश से आंशिक राहत मिल सकती है, हालांकि नमी और बादल छाए रहने की स्थिति बनी रहेगी।

बारिश और वज्रपात से अब तक 10 लोगों की मौत

झारखंड में मानसून की शुरुआत के साथ ही बारिश और वज्रपात से जानलेवा घटनाएं सामने आ रही हैं। अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

  • रांची के सोनाहातू में मंगलवार को खेत के पास खड़ी दो महिलाएं वज्रपात की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
  • बहूबाजार में एक स्कूल की दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत और उसका बेटा घायल हो गया।
  • बुधवार को चक्रधरपुर में वज्रपात की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई, जो शौच के लिए खेत में गई थी।

इन घटनाओं ने राज्य में वज्रपात और निर्माण सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।

न्यूज़ देखो: मॉनसून में सुरक्षा और सतर्कता की दोहरी जिम्मेदारी

झारखंड में मॉनसून की सक्रियता एक ओर जहां कृषि और पर्यावरण के लिए राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर मानव जीवन पर गंभीर खतरा भी बन गई है।
वज्रपात, दीवार गिरना, तेज हवा—इन सबके बीच लोगों की जान चली जाना दुखद और चिंता का विषय है।
न्यूज़ देखो मानता है कि प्रशासन को सभी अलर्ट जिलों में सुदृढ़ तैयारी, स्थानीय निकायों को सक्रिय करना, और ग्रामीण इलाकों में व्यापक जन-जागरूकता फैलानी चाहिए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सावधानी ही बचाव है — सुरक्षित रहें, सजग रहें

तेज बारिश और वज्रपात के दौरान सतर्क रहना ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है।
खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभों से दूर रहें
अपने क्षेत्र के मौसम अलर्ट को गंभीरता से लें और जरूरत पड़ने पर दूसरों को भी सचेत करें।
इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया दें, इसे रेट करें और अपनों के साथ शेयर करें, ताकि सभी सुरक्षित रहें।

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