
#सिमडेगा #पर्यटन_संभावनाएं : कुमुद शर्मा ने जिले के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कर प्राकृतिक और सांस्कृतिक खूबसूरती की सराहना की।
SuperSeva Services Private Limited की CEO एवं Managing Director कुमुद शर्मा ने हाल ही में सिमडेगा का भ्रमण कर जिले की पर्यटन संभावनाओं का अवलोकन किया। उनके भ्रमण में केलाघाघ डैम, बसतपुर और रामरेखा धाम जैसे प्रमुख स्थल शामिल थे। कुमुद शर्मा ने प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छता और पर्यटन क्षमता की समीक्षा करते हुए इसे भविष्य का पर्यटन केंद्र बताया। उनका कहना था कि स्थानीय सहभागिता से पर्यटन को योजनाबद्ध रूप से विकसित किया जा सकता है।
- कुमुद शर्मा, CEO एवं Managing Director, SuperSeva Services ने सिमडेगा भ्रमण किया।
- भ्रमण में केलाघाघ डैम, बसतपुर, रामरेखा धाम शामिल।
- प्राकृतिक सौंदर्य, स्वच्छता और पर्यटन क्षमता की विस्तृत समीक्षा की।
- सिमडेगा को भविष्य का प्रमुख पर्यटन केंद्र घोषित किया।
- स्थानीय सहभागिता और स्वरोजगार के अवसरों पर बल दिया।
सिमडेगा जिले की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर ने SuperSeva Services की CEO कुमुद शर्मा को गहराई से प्रभावित किया। उनके भ्रमण का मुख्य उद्देश्य जिले के पर्यटन स्थलों की क्षमता और संभावनाओं का अवलोकन करना था। उन्होंने केलाघाघ डैम, बसतपुर और रामरेखा धाम जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण कर प्राकृतिक सौंदर्य और व्यवस्थाओं की सराहना की।
केलाघाघ डैम में पर्यटन संभावनाओं का अवलोकन
कुमुद शर्मा ने केलाघाघ डैम का दौरा किया, जहां उन्होंने विशाल जलाशय, चारों ओर फैली हरियाली और मनोरम दृश्य का आनंद लिया। उन्होंने कहा:
“झारखंड में इतनी सुंदर scenic लोकेशन मौजूद हैं जो यूरोप और अमेरिका से भी कम नहीं। केलाघाघ डैम जल पर्यटन और इको-टूरिज्म के लिए बेहद उपयुक्त है।”
डैम की प्राकृतिक संरचना और शांत वातावरण ने कुमुद शर्मा को अभिभूत कर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि योजनाबद्ध पर्यटन विकास से जिले में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
बसतपुर में प्राकृतिक संगम और साफ-सफाई की सराहना
बसतपुर के भ्रमण में कुमुद शर्मा ने प्राकृतिक चट्टानों, कल-कल बहती नदी और शांत वातावरण की विशेष रूप से तारीफ की। उन्होंने कहा:
“यह प्राकृतिक संगम बसतपुर को एक अनूठा पर्यटन स्थल बनाता है। छोटे जिलों की स्वच्छता और व्यवस्था के लिए यह उदाहरण है।”
कुमुद शर्मा ने स्थानीय सहभागिता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि छोटे लेकिन खूबसूरत जिलों को विकसित करके बड़ी पर्यटन संभावनाओं को साकार किया जा सकता है।
रामरेखा धाम: आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक संगम
रामरेखा धाम में भ्रमण के दौरान कुमुद शर्मा ने इसे आध्यात्मिक शांति का केंद्र बताया। उन्होंने कहा:
“यहां प्रकृति और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। सिमडेगा की छोटी पहाड़ियां, हरी वादियां, नदी-नाले और विशाल जलाशय इसे पर्यटन दृष्टि से अत्यंत समृद्ध बनाते हैं।”
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे केवल बड़े पर्यटन स्थलों तक सीमित न रहें, बल्कि सिमडेगा जैसे छोटे, आकर्षक जिलों की भी यात्रा करें।
पर्यटन विकास से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
कुमुद शर्मा ने कहा कि यदि स्थानीय सहभागिता के साथ पर्यटन योजनाबद्ध रूप से विकसित किया जाए, तो जिले में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने युवाओं और स्थानीय समुदाय को पर्यटन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की सलाह दी, जिससे स्वरोजगार और आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
न्यूज़ देखो: सिमडेगा में पर्यटन को नई दिशा देने की संभावना
कुमुद शर्मा के भ्रमण से यह स्पष्ट होता है कि सिमडेगा जिले में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों का सही विकास जिले को भविष्य में एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बना सकता है। प्रशासन और स्थानीय समाज की सक्रिय भूमिका से इसे साकार किया जा सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सिमडेगा के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जागरूक बनें
स्थानीय पर्यटन स्थलों को पहचान देना और उनका सही ढंग से प्रचार करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
पर्यटन के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा दें।
युवाओं को सक्रिय बनाएं और स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करें।
सिमडेगा जैसे खूबसूरत जिलों की यात्रा करें और अनुभव साझा करें।
अपने दोस्तों और परिवार को भी सिमडेगा की पर्यटन संभावनाओं से अवगत कराएं।
साथ मिलकर इस जिले को झारखंड का प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाएं।





