स्थानीय वाहनों से अवैध वसूली और बदसलूकी के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन, प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
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गुमला जिले के नागफेनी स्थित आंजन टोल प्लाजा पर शुक्रवार को व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय वाहनों से कथित अवैध टोल वसूली और बदसलूकी के विरोध में चेंबर ऑफ कॉमर्स के नेतृत्व में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक चले आंदोलन के कारण टोल प्लाजा पर लंबा जाम लग गया और यातायात प्रभावित रहा। आखिरकार प्रशासन और टोल प्रबंधन के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
मुख्य बातें
- स्थानीय वाहनों से कथित मनमानी टोल वसूली का विरोध
- व्यापारियों ने करीब 3 घंटे तक किया प्रदर्शन
- टोल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी
- प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद टोल फ्री कराया गया आवागमन
- दो दिनों में समाधान का आश्वासन मिलने पर समाप्त हुआ आंदोलन
व्यापारियों ने खोला मोर्चा, लगे जोरदार नारे
शुक्रवार को चेंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले लगभग 100 से अधिक व्यापारी आंजन टोल प्लाजा पहुंचे और टोल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। “व्यापारी एकता जिंदाबाद” और “टोल प्लाजा की मनमानी नहीं चलेगी” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
प्रदर्शन के दौरान टोल संचालन कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई यात्री घंटों जाम में फंसे रहे।
स्थानीय वाहनों से वसूली पर भड़का आक्रोश
व्यापारियों का आरोप है कि टोल प्रबंधन स्थानीय निजी और व्यावसायिक वाहनों से भी जबरन टैक्स वसूल रहा है। उनका कहना था कि कई राज्यों और जिलों में स्थानीय लोगों को टोल में राहत दी जाती है, लेकिन यहां मनमानी तरीके से शुल्क लिया जा रहा है।
व्यापारियों ने टोल कर्मियों पर अभद्र व्यवहार और बदसलूकी का भी आरोप लगाया।
प्रशासन पहुंचा मौके पर, टोल फ्री कराया गया रास्ता
स्थिति बिगड़ती देख सिसई सीओ अशोक बड़ाईक और थाना प्रभारी नीरज कुमार मौके पर पहुंचे। प्रशासन और चेंबर पदाधिकारियों के बीच वार्ता के बाद जाम में फंसे वाहनों को कुछ समय के लिए निशुल्क पार कराया गया।
इसके बाद आंदोलनकारी व्यापारियों और टोल प्रबंधन के बीच बातचीत शुरू हुई।
दो दिनों में समाधान का आश्वासन
चेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष राजेश लोहनी ने कहा कि व्यापारियों के हितों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं उपाध्यक्ष रमेश चीनी ने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर चमन कुमार साहू और साइट इंजीनियर पवन कुमार के साथ हुई वार्ता में यह सहमति बनी कि स्थानीय निजी वाहनों को टोल में छूट देने के मुद्दे पर दो दिनों के भीतर उच्च अधिकारियों से बात कर निर्णय लिया जाएगा।
आश्वासन मिलने के बाद व्यापारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा।
कई व्यापारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
प्रदर्शन में पूर्व अध्यक्ष दीपक गुप्ता, राजेश सिंह, सचिव प्रणय कुमार, उपाध्यक्ष बबलू वर्मा, अभिजीत जायसवाल, चमन कुमार, अनमोल गुप्ता, दामोदर कसेरा, रोहित खंडेवाल, मीडिया प्रभारी मनीष केशरी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
न्यूज़ देखो विश्लेषण
आंजन टोल प्लाजा को लेकर उठी नाराजगी केवल टोल टैक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय लोगों की उस भावना को भी दर्शाती है जिसमें वे अपने ही क्षेत्र में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। यदि स्थानीय वाहनों को राहत देने और व्यवहार सुधारने की दिशा में जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।
न्यूज़ देखो अपील
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