#चतरा #रेलवे_हादसा : शिवपुर साइडिंग में युवक की मौत के बाद जाम।
चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवपुर रेलवे साइडिंग में शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे एक युवक की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान सुखदेव गंझू के रूप में हुई है, जो घर के लिए कोयला चुनने साइडिंग गया था। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर रेलवे साइडिंग को जाम कर दिया। प्रशासन और रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया है।
- शिवपुर रेलवे साइडिंग, टंडवा में शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे हादसा।
- मृतक की पहचान सुखदेव गंझू (28 वर्ष), ग्राम हुंबी हांडू।
- घर के लिए कोयला चुनने गया था युवक – मालगाड़ी की चपेट में आया।
- आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर साइडिंग जाम किया।
- मौके पर पहुंची स्थानीय प्रशासन और रेलवे पुलिस, जांच का आश्वासन।
चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की शाम एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शिवपुर रेलवे साइडिंग में मालगाड़ी की चपेट में आने से एक 28 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, जिसे प्रशासन ने समझाइश के बाद नियंत्रित करने का प्रयास किया।
कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान सुखदेव गंझू (28 वर्ष), पिता टुकन गंझू, निवासी ग्राम हुंबी हांडू (शिवपुर के समीप) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुखदेव अपने घर में जलाने के लिए कोयला चुनने शिवपुर रेलवे साइडिंग गया था।
इसी दौरान अचानक वहां से गुजर रही एक मालगाड़ी की चपेट में वह आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन की रफ्तार अधिक थी और युवक संभल नहीं सका। हादसा इतना भयावह था कि उसका शरीर दो हिस्सों में कट गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और वातावरण गमगीन हो गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
युवक की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि सुखदेव मेहनतकश युवक था और परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार रेलवे साइडिंग क्षेत्र में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे साइडिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुआवजे की मांग पर जाम
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर शिवपुर रेलवे साइडिंग को जाम कर दिया। जाम के कारण वहां आवागमन बाधित हो गया और स्थिति तनावपूर्ण बन गई।
ग्रामीणों की मांग थी कि प्रशासन तत्काल आर्थिक सहायता की घोषणा करे और परिवार को सरकारी योजना के तहत लाभ दिया जाए। कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
प्रशासन और रेलवे पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और जांच का आश्वासन दिया।
एक अधिकारी ने कहा:
“घटना अत्यंत दुखद है। मामले की जांच की जा रही है और नियमानुसार जो भी सहायता संभव होगी, वह उपलब्ध कराई जाएगी।”
प्रशासन द्वारा परिजनों से वार्ता जारी है। फिलहाल इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच रेलवे साइडिंग की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि साइडिंग क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा घेरा और निगरानी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
रेलवे साइडिंग में अक्सर स्थानीय लोग कोयला चुनने पहुंचते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। ऐसे में सुरक्षा और जागरूकता दोनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
न्यूज़ देखो: लापरवाही और लाचारगी के बीच एक और जान गई
शिवपुर की यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर चुनौती भी है। सवाल यह है कि क्या रेलवे साइडिंग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद हैं? प्रशासन की ओर से जांच और सहायता का आश्वासन दिया गया है, लेकिन क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे? जिम्मेदारी तय करना और पीड़ित परिवार को त्वरित राहत देना समय की मांग है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवेदनशील बनें, सुरक्षा को प्राथमिकता दें
ऐसी घटनाएं हमें झकझोरती हैं और सोचने पर मजबूर करती हैं कि छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी बन सकती है। जरूरत है कि हम सभी रेलवे ट्रैक और साइडिंग जैसे खतरनाक क्षेत्रों में सतर्कता बरतें।
प्रशासन को भी चाहिए कि सुरक्षा इंतजाम मजबूत करे और ग्रामीणों को जागरूक करे, ताकि कोई और परिवार इस तरह का दर्द न झेले।
आपकी एक आवाज किसी पीड़ित परिवार के लिए न्याय की राह आसान कर सकती है।
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