महुआडांड़ में दर्दनाक हादसा: मजदूर की कुएं में गिरकर मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

महुआडांड़ में दर्दनाक हादसा: मजदूर की कुएं में गिरकर मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

author News देखो Team
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#महुआडांड़ #हादसा : कृषि फार्म में काम के बाद नहाने गया मजदूर, लौटकर नहीं आया जिंदा
  • रामपुर ग्राम कृषि फार्म में धान रोपाई कार्य के बाद हुई बड़ी दुर्घटना।
  • मजदूर बीरेन्द्र नगेसिया (40) की कुएं में गिरने से मौत।
  • चार बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल।
  • मृतक कृषक पाठशाला एनजीओ (चाईबासा) में नियमित मजदूर के रूप में कर रहा था काम।
  • स्थानीय थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए लातेहार भेजा।

महुआडांड़ थाना क्षेत्र के रामपुर ग्राम में शनिवार शाम एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सोहरपाठ निवासी बीरेन्द्र नगेसिया (40) की कुएं में गिरने से मौत हो गई। वह अपने परिवार के साथ कृषि फार्म डेरा में रह रहा था और कृषक पाठशाला एनजीओ (चाईबासा) के ठेके पर चल रहे कार्य में नियमित मजदूर के रूप में काम करता था।

हादसा कैसे हुआ

जानकारी के अनुसार, कृषि फार्म में धान रोपाई का काम चल रहा था। काम खत्म करने के बाद बीरेन्द्र नगेसिया नहाने के लिए कुएं के पास गया। तभी वह कुएं में गिर गया।

पत्नी पतसुग्गी नगेसिया ने बताया: “धान रोपाई का काम खत्म करके बीरेन्द्र नहाने गया था। हमारे बच्चे ने डूबने की आवाज सुनी और चिल्लाने लगे।”

बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े और बीरेन्द्र को बाहर निकालने की कोशिश की। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक बीरेन्द्र नगेसिया के चार छोटे बच्चे हैं। घटना के बाद से पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार बेहद गरीब है और उन्हें अब भविष्य की चिंता सता रही है। पत्नी को उम्मीद है कि एनजीओ से मदद मिलेगी।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत महुआडांड़ थाना पुलिस को दी। पुआनि बंधन तिर्की पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। शव को रविवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए लातेहार भेजा गया।

न्यूज़ देखो: मजदूरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह हादसा मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करता है। कृषि फार्म में मूलभूत सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं होती? मजदूरी करने वाले इन परिवारों के लिए कोई आपातकालीन सुविधा नहीं है। प्रशासन और ठेका लेने वाले संगठनों को इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
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हम सबकी जिम्मेदारी है कि मजदूरों की सुरक्षा और परिवारों के अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। इस खबर को दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें, अपनी राय कमेंट में दें और ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुझाव दें।

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