
#गढ़वा #सड़क_हादसा : युवक की मौत से आक्रोश—मुआवजा और ओवरब्रिज की मांग पर प्रदर्शन।
गढ़वा के रमना क्षेत्र में फोरलेन सड़क पर हुए हादसे में 20 वर्षीय युवक पंकज कुमार की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर मुआवजे की मांग की। ग्रामीणों ने अंडरपास और ओवरब्रिज नहीं होने को हादसे का कारण बताया। पुलिस के साथ झड़प की भी सूचना है, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
- पंकज कुमार (20 वर्ष) की सड़क हादसे में मौके पर मौत।
- रामगढ़ फोरलेन पर कार की टक्कर से हुई दुर्घटना।
- ग्रामीणों ने मुआवजा की मांग को लेकर सड़क जाम किया।
- ओवरब्रिज और अंडरपास की कमी को बताया कारण।
- पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प की घटना सामने आई।
गढ़वा जिले के रमना पंचायत अंतर्गत झुरहा गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। 20 वर्षीय युवक पंकज कुमार, जो अपने घर लौट रहा था, रामगढ़ के पास फोरलेन सड़क पर एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल फैल गया।
घर लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, पंकज कुमार दुकान से अपने घर लौट रहा था, तभी रामगढ़ के समीप फोरलेन पर एक कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने बताया: “हादसा इतना अचानक हुआ कि बचाने का मौका ही नहीं मिला।”
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
घटना की खबर मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया।
ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा रहा।
अंडरपास और ओवरब्रिज की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि इस फोरलेन सड़क पर अंडरपास और ओवरब्रिज नहीं होने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा: “स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चों के लिए यह सड़क जानलेवा बन चुकी है।”
उन्होंने जल्द से जल्द सुरक्षित यातायात व्यवस्था की मांग की।
पुलिस और ग्रामीणों में झड़प
सड़क जाम हटाने के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प की स्थिति भी बन गई। इस दौरान कुछ वाहनों को क्षतिग्रस्त किए जाने की भी सूचना है।
हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और लोगों को समझाने में जुटी रही।
मुआवजे की मांग
ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को तुरंत राहत प्रदान करनी चाहिए।
बढ़ते हादसों पर चिंता
इस घटना ने क्षेत्र में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लोग अब सुरक्षित सड़क व्यवस्था और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
न्यूज़ देखो: विकास के साथ सुरक्षा क्यों नहीं
फोरलेन सड़कें विकास का प्रतीक हैं, लेकिन यदि उनमें सुरक्षा के इंतजाम नहीं हों, तो वे हादसों का कारण बन जाती हैं। गढ़वा की यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है कि अब केवल सड़क बनाना ही नहीं, बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित जीवन
सड़क पर हर कदम सावधानी जरूरी है।
तेज रफ्तार और लापरवाही किसी की जिंदगी छीन सकती है।
जरूरी है कि प्रशासन और जनता मिलकर सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
आइए, हम सभी सुरक्षित यातायात के लिए जागरूक बनें।
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