#कोलेबिरा #दूरसंचार_जागरूकता : TRAI की पहल पर उपभोक्ताओं को सेवा गुणवत्ता और साइबर सुरक्षा की दी गई जानकारी।
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के सहयोग से सिमडेगा जिले के कोलेबिरा में दूरसंचार उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 31 जनवरी 2026 को S.S.+2 हाई स्कूल, कोलेबिरा परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें टेलीकॉम सेवाओं की गुणवत्ता और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति सजग करना रहा। स्थानीय शिक्षकों, CAG सदस्यों और उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से यह आयोजन प्रभावी साबित हुआ।
- TRAI के सहयोग से साइबर एवं उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन।
- 31 जनवरी 2026 को S.S.+2 हाई स्कूल, कोलेबिरा में कार्यक्रम संपन्न।
- ऑनलाइन फ्रॉड, डाटा सुरक्षा, कॉल ड्रॉप जैसे विषयों पर प्रस्तुति।
- CAG सदस्यों और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता।
- संचार साथी, 1930, DND, माई स्पीड ऐप की जानकारी दी गई।
कोलेबिरा प्रखंड में दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता और साइबर सुरक्षा को लेकर उपभोक्ताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के तत्वावधान में महिला जन शक्ति ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शनिवार, 31 जनवरी 2026 को S.S.+2 हाई स्कूल, कोलेबिरा, जिला सिमडेगा में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक, टेलीकॉम उपभोक्ता और CAG सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और उद्देश्य
इस जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता सुश्री आभा प्रमिला मिंज, प्रधानाध्यापक, S.S.+2 हाई स्कूल, कोलेबिरा ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टेलीकॉम उपभोक्ताओं को टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता, उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों के प्रति जागरूक करना रहा। प्रतिभागियों को बताया गया कि जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित कर सकता है।
दूरसंचार सेवा गुणवत्ता पर विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम का शीर्षक “सर्विस की गुणवत्ता” रखा गया था, जिसके अंतर्गत नेटवर्क उपलब्धता, कॉल ड्रॉप की समस्या, इंटरनेट स्पीड, और सेवा में पारदर्शिता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपभोक्ताओं को TRAI के दिशा-निर्देशों, शिकायत निवारण प्रणाली और अपने अधिकारों की जानकारी दी गई, ताकि वे किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सही मंच पर शिकायत दर्ज करा सकें।
साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव
कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा एक प्रमुख विषय रहा। प्रस्तुति के माध्यम से ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग कॉल, अनचाहे कॉल और संदेश, डाटा सुरक्षा, मजबूत पासवर्ड, और मल्टी ऑथेंटिकेशन जैसे विषयों पर सरल भाषा में जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराना कितना आवश्यक है।
डिजिटल टूल्स और उपभोक्ता सुविधाएं
प्रतिभागियों को माई स्पीड ऐप के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई, जिससे वे अपने इंटरनेट की वास्तविक गति जांच सकते हैं। इसके साथ ही DND (डू नॉट डिस्टर्ब) सेवा के माध्यम से अनचाहे कॉल और संदेशों से बचाव, तथा संचार साथी पोर्टल के जरिए मोबाइल कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के बारे में भी बताया गया। इन डिजिटल टूल्स को अपनाने से उपभोक्ता अधिक सशक्त और सुरक्षित बन सकते हैं।
उपस्थित सदस्य और सहभागिता
कार्यक्रम में CAG सदस्य सुमन कुमारी, जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, राजेश कुमार, गोविंद मिश्रा सहित अन्य शिक्षकगण और टेलीकॉम उपभोक्ता उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। प्रतिभागियों ने प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान भी प्राप्त किया, जिससे कार्यक्रम और अधिक संवादात्मक बना।
न्यूज़ देखो: उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक पहल
कोलेबिरा में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम दर्शाता है कि डिजिटल और दूरसंचार सेवाओं के सुरक्षित उपयोग के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास कितने आवश्यक हैं। TRAI और महिला जन शक्ति ऑर्गनाइजेशन की यह पहल उपभोक्ताओं को केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। ऐसे कार्यक्रमों से उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति सजग होते हैं और सेवा प्रदाताओं से जवाबदेही की अपेक्षा कर पाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित डिजिटल भविष्य की नींव
डिजिटल युग में थोड़ी सी लापरवाही बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन सही जानकारी हमें सुरक्षित रखती है।
दूरसंचार सेवाओं का उपयोग करते समय सतर्क रहना और अपने अधिकारों को जानना आज की जरूरत है।
ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज को सशक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में मजबूत कदम हैं।







