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धरती आबा बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि पर गिरिडीह में श्रद्धांजलि सभा आयोजित

#गिरिडीह #बिरसामुंडापुण्यतिथि : उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने समाहरणालय सभागार में माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी — आदिवासी चेतना के प्रतीक बिरसा मुंडा को किया गया नमन
  • भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि पर जिला प्रशासन ने किया श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित
  • उपायुक्त रामनिवास यादव ने उनके जीवन और बलिदान को बताया प्रेरणास्त्रोत
  • पुलिस अधीक्षक व उपविकास आयुक्त समेत कई अधिकारियों ने किया माल्यार्पण
  • बिरसा मुंडा को उलगुलान आंदोलन के नेतृत्वकर्ता के रूप में किया गया याद
  • माटी, संस्कृति और धरोहर की रक्षा में उनके योगदान को बताया अद्वितीय
  • उपस्थित जनों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया

समाहरणालय सभागार में आयोजित हुआ श्रद्धांजलि समारोह

गिरिडीह जिला प्रशासन की ओर से सोमवार को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम समाहरणालय सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए

उपायुक्त ने किया बिरसा मुंडा के आदर्शों का स्मरण

कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, स्वतंत्रता और आत्मगौरव की मिसाल है। उन्होंने कहा कि:

उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा: “बिरसा मुंडा का साहस और नेतृत्व हमें सिखाता है कि संघर्षों से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। उनके बलिदान को देश सदियों तक याद रखेगा।”

उन्होंने बताया कि बिरसा मुंडा ने इतिहास रचने वाले उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व किया और अपने समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया।

पुलिस अधीक्षक और अधिकारियों ने भी अर्पित की श्रद्धांजलि

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, उपविकास आयुक्त, अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण, तथा कर्मचारियों ने भी भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। सभी ने उनके सिद्धांतों और मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया और उन्हें आदिवासी स्वाभिमान और अधिकारों के प्रतीक के रूप में स्मरण किया।

बिरसा मुंडा: बहुमुखी प्रतिभा और जनचेतना के प्रतीक

भगवान बिरसा मुंडा को जनजातीय चेतना, सामाजिक न्याय, और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह किया, बल्कि अपने लोगों को धार्मिक और सामाजिक शुद्धता की राह पर चलने को भी प्रेरित किया। उनकी बहुमुखी प्रतिभा और ऐतिहासिक नेतृत्व आज भी प्रेरणा देता है।

न्यूज़ देखो: धरती के सपूत को सच्ची श्रद्धांजलि

भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि न सिर्फ इतिहास की एक तारीख है, बल्कि एक अवसर है उनके विचारों और योगदान को फिर से आत्मसात करने का। गिरिडीह जिला प्रशासन की यह पहल सराहनीय है, जो युवा पीढ़ी को उनकी विरासत से जोड़ने का कार्य कर रही है। न्यूज़ देखो हर उस ख़बर को सामने लाता है, जो हमारी माटी, हमारी संस्कृति और हमारी अस्मिता से जुड़ी हो
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

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धरती आबा बिरसा मुंडा ने जिस संघर्ष, चेतना और स्वाभिमान की नींव रखी, वह आज भी हमारी सामाजिक चेतना का आधार है। हमें उनके आदर्शों पर चलकर एक न्यायपूर्ण और समावेशी समाज की ओर आगे बढ़ना है। आप इस खबर पर अपनी राय ज़रूर दें, इसे रेट करें और अपने मित्रों और परिजनों से साझा करें — ताकि प्रेरणा की यह लौ और प्रज्वलित हो

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह

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