
#तोरपा #खूंटी #श्रद्धांजलि_कार्यक्रम : तपकारा गोलीकांड के अमर शहीदों के बलिदान को याद कर श्रद्धा से किया गया स्मरण।
खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड स्थित तपकारा गोलीकांड शहीद स्थल पर वीर शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक सुदीप गुड़िया ने शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया। उन्होंने शहीदों के बलिदान को जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों की रक्षा का ऐतिहासिक उदाहरण बताया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने आयोजन को भावनात्मक बना दिया।
- तोरपा प्रखंड के तपकारा शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित।
- विधायक सुदीप गुड़िया ने शहीदों को पुष्प अर्पित कर किया नमन।
- कोईल कारो जनसंगठन के अमर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि।
- शहीदों के बलिदान को बताया गया जल-जंगल-जमीन और आदिवासी स्वाभिमान की रक्षा का प्रतीक।
- मरांग बुरु से शहीदों की आत्मा की शांति के लिए की गई प्रार्थना।
- बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद।
खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड अंतर्गत तपकारा गोलीकांड के वीर शहीदों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में गहरी भावनाएं देखने को मिलीं। इस अवसर पर क्षेत्र के लोग एकजुट होकर शहीदों के बलिदान को याद करने शहीद स्थल पर पहुंचे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तपकारा गोलीकांड में शहीद हुए आदिवासी वीरों के संघर्ष और उनके सपनों को जीवित रखना रहा।
शहीद स्थल पर विधायक की उपस्थिति
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधायक सुदीप गुड़िया विशेष रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने तपकारा शहीद स्थल पहुंचकर शहीदों को पुष्प अर्पित किए और कोईल कारो जनसंगठन से जुड़े अमर शहीदों को जोहार किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि तपकारा के शहीदों का बलिदान झारखंड के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
बलिदान को बताया ऐतिहासिक
विधायक सुदीप गुड़िया ने अपने संबोधन में कहा कि तपकारा गोलीकांड के शहीदों ने जल-जंगल-जमीन, आदिवासी स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि ऐसा ऐतिहासिक बलिदान है, जिसे झारखंड की आने वाली पीढ़ियां भी कभी नहीं भूल सकतीं।
उन्होंने कहा:
विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा: “तपकारा के शहीदों की कुर्बानी ने आदिवासी समाज को अपने हक और सम्मान के लिए संगठित होने की ताकत दी।”
तपकारा गोलीकांड की स्मृति
विधायक ने कहा कि तपकारा गोलीकांड ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया था। उस दौर में हुए इस दर्दनाक हादसे ने आदिवासी समाज को यह एहसास कराया कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होना कितना आवश्यक है। शहीदों की कुर्बानी ने आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की।
शहीदों के सपनों का झारखंड
अपने संबोधन में विधायक सुदीप गुड़िया ने यह भी कहा कि शहीदों के सपनों का झारखंड बनाना केवल सरकार या किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से शहीदों के विचारों और संघर्षों से प्रेरणा लेने की अपील की।
मरांग बुरु से प्रार्थना
कार्यक्रम के दौरान मरांग बुरु से शहीदों की आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। साथ ही शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। उपस्थित लोगों ने शहीद परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई और उनके त्याग को नमन किया।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में शहीदों के बलिदान को याद किया और उनके संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

न्यूज़ देखो: इतिहास और वर्तमान को जोड़ता तपकारा
तपकारा गोलीकांड की स्मृति आज भी झारखंड के सामाजिक और राजनीतिक चेतना को दिशा देती है। ऐसे श्रद्धांजलि कार्यक्रम यह याद दिलाते हैं कि अधिकारों की रक्षा के लिए दिया गया बलिदान व्यर्थ नहीं जाता। सवाल यह है कि क्या हम शहीदों के सपनों के अनुरूप समाज और व्यवस्था बना पा रहे हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शहीदों की स्मृति से प्रेरणा लेने का समय
शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए।
जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों की रक्षा में अपनी भूमिका को समझें।
इतिहास को जानें, उससे सीखें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
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