गिरिडीह माले कार्यालय में बाबा साहेब और गुरुदास चटर्जी को श्रद्धांजलि, संविधान और संघर्ष के विचारों पर जोर

गिरिडीह माले कार्यालय में बाबा साहेब और गुरुदास चटर्जी को श्रद्धांजलि, संविधान और संघर्ष के विचारों पर जोर

author Surendra Verma
8 Views
#गिरिडीह #श्रद्धांजलि_सभा : माले कार्यालय में बाबा साहेब और गुरुदास चटर्जी को नमन — विचारों पर चर्चा।

गिरिडीह में माले कार्यालय में बाबा साहेब अंबेडकर और शहीद कॉमरेड गुरुदास चटर्जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में संविधान, सामाजिक न्याय और संघर्ष के विचारों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने युवाओं से इन विचारों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

Join WhatsApp
  • गिरिडीह माले कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित।
  • बाबा साहेब और गुरुदास चटर्जी को माल्यार्पण कर नमन।
  • राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय ने रखे विचार।
  • संविधान और सामाजिक न्याय पर चर्चा हुई।
  • युवाओं से विचारों को आगे बढ़ाने की अपील।

गिरिडीह में भाकपा माले कार्यालय में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और शहीद कॉमरेड गुरुदास चटर्जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर दोनों महान व्यक्तित्वों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया और उनके जीवन एवं विचारों पर विस्तार से चर्चा की गई।

श्रद्धांजलि और विचारों का स्मरण

कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के संविधान निर्माण में योगदान और समाज में समानता स्थापित करने के प्रयासों को याद किया। साथ ही शहीद गुरुदास चटर्जी के संघर्ष और उनके आंदोलनकारी जीवन पर भी प्रकाश डाला गया।

युवाओं को जागरूक होने का संदेश

माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि आज के समाज और युवाओं को बाबा साहेब के विचारों को गहराई से समझने और उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत है।

राजेश सिन्हा ने कहा: “युवाओं को चाहिए कि वे बाबा साहेब के विचारों को सही समझ के साथ अपनाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।”

उन्होंने कहा कि विचारों की सही समझ से ही समाज में स्थायी परिवर्तन संभव है।

संघर्ष और क्रांति की राह का महत्व

कार्यक्रम में शहीद गुरुदास चटर्जी के संघर्षों को याद करते हुए उनके योगदान पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में मजदूरों, यूनियनों और समाज के वंचित वर्गों के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।

उनके संघर्षों की गूंज आज भी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सुनाई देती है।

संविधान और वर्तमान परिस्थिति पर चर्चा

माले नेता कन्हाई पांडेय ने कहा कि बाबा साहेब ने पूरे समाज को संविधान दिया, जो आज भी देश की आधारशिला है।

कन्हाई पांडेय ने कहा: “हमें बाबा साहेब की जीवनी से सीख लेकर संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा।”

उन्होंने सभी वर्गों को एक साथ मिलकर समाज के हित में काम करने का आह्वान किया।

अन्य नेताओं के विचार

यूनियन नेता दिलचंद को ने कहा कि समाज को बदलने के लिए महान व्यक्तित्वों के रास्ते पर चलना जरूरी है।

दिलचंद को ने कहा: “हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर अपने समाज को बेहतर बनाना होगा।”

वहीं छात्र नेता रेहान ने कहा कि बाबा साहेब के विचारों को गहराई से समझना जरूरी है और समाज में हो रहे बदलावों पर नजर रखनी चाहिए।

रेहान ने कहा: “आज जरूरत है कि हम बाबा साहेब के विचारों को सही रूप में समझें और समाज में न्याय और अधिकारों की रक्षा करें।”

सामाजिक जागरूकता का संदेश

यह श्रद्धांजलि सभा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि समाज में जागरूकता और विचारों के प्रसार का माध्यम बनी। इसमें सभी ने मिलकर सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने का संकल्प लिया।

न्यूज़ देखो: विचारों को अपनाने से ही मिलेगा समाज को दिशा

गिरिडीह में आयोजित यह कार्यक्रम यह दर्शाता है कि बाबा साहेब और गुरुदास चटर्जी के विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं। केवल श्रद्धांजलि देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनके सिद्धांतों को व्यवहार में उतारना भी जरूरी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक युवा ही बदलेंगे समाज की तस्वीर

समाज में बदलाव लाने के लिए युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि युवा सही दिशा में सोचें और कार्य करें, तो हर समस्या का समाधान संभव है।

बाबा साहेब के विचार हमें सिखाते हैं कि शिक्षा, समानता और न्याय के मार्ग पर चलकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।

आप भी अपने विचार कमेंट में साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

डुमरी, गिरिडीह

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: